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1999 हत्या प्रकरण: नाम बदलकर 24 साल छिपा रहा हत्यारा, टैटू ने खोल दी पोल; हाईकोर्ट वारंट पर गिरफ्तारी

- ‘मिथुन’ बनकर जी रहा था जिंदगी, ‘मगन’ ने कर दिया बेनकाब; उम्रकैद का आरोपी जेल भेजा

बुरहानपुर। अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून की पकड़ से बच पाना आसान नहीं। इसका ताजा उदाहरण शाहपुर थाना पुलिस ने पेश किया है। वर्ष 1999 की हत्या के मामले में आजीवन कारावास से दंडित और 24 साल से फरार चल रहे आरोपी मगन उर्फ मिथुन बारेला को पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया। हाईकोर्ट के जारी वारंट पर की गई इस कार्रवाई ने एक लंबे समय से ठंडे पड़े प्रकरण को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

1 जनवरी 1999: नदी किनारे हुई थी सनसनीखेज हत्या
Sadaiv News
24 साल बाद गिरफ्तार हुआ फरार हत्यारा, हाथ पर गुदा नाम बना सबूत

थाना शाहपुर क्षेत्र के ग्राम फोपनार खुर्द नदी के पास 1 जनवरी 1999 को एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। मामले में फरियादी कनु पिता सुंदरीया बारेला निवासी ग्राम तिन्छा, जिला खरगोन की रिपोर्ट पर पुलिस ने दो आरोपियों रेलसिंह उर्फ विशाल और मगन उर्फ मिथुन के खिलाफ धारा 302, 34 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद मामला न्यायालय पहुंचा, जहां अपर सत्र न्यायालय बुरहानपुर ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

2002 में जमानत, फिर शुरू हुई फरारी की कहानी

वर्ष 2002 में दोनों आरोपी हाईकोर्ट जबलपुर से जमानत पर रिहा हुए। इसी दौरान एक आरोपी रेलसिंह बारेला की मृत्यु हो गई। लेकिन दूसरा आरोपी मगन बारेला जमानत अवधि में ही फरार हो गया। इसके बाद उसने नाम और ठिकाना बदल लिया। वह खुद को ‘मिथुन’ बताकर अलग-अलग जगहों पर छिपकर मजदूरी करता रहा। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए वह लगातार स्थान बदलता रहा और परिजनों के जरिए भ्रामक सूचनाएं दिलवाता रहा। करीब 24 वर्षों तक फरार रहने वाले इस आरोपी के खिलाफ हाईकोर्ट से लगातार वारंट जारी होते रहे, लेकिन हर बार वह पुलिस को चकमा देता रहा।

मुखबिर की सूचना बनी ब्रेकथ्रू

शाहपुर पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में नहीं डाला। समय-समय पर पतारसी और पूछताछ जारी रही। आखिरकार मुखबिर से मिली सटीक सूचना ने पुलिस को बड़ी सफलता दिलाई। सूचना मिली कि आरोपी जिला खंडवा के थाना छैगांवमाखन क्षेत्र के ग्राम मलगांव में रघुनाथ पटेल के खेत पर छिपकर रह रहा है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

‘मिथुन’ बना रहा, लेकिन हाथ ने खोल दी असलियत

गिरफ्तारी के समय आरोपी खुद को ‘मिथुन’ बताता रहा। पहचान छिपाने की पूरी कोशिश की। लेकिन उसके दाहिने हाथ पर ‘मगन’ नाम गुदा हुआ मिला। यही टैटू उसकी पहचान का सबसे बड़ा सबूत बन गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना असली नाम मगन बारेला स्वीकार किया और 1999 की हत्या की घटना में अपनी संलिप्तता भी कबूल की।

10 हजार का इनामी था आरोपी

फरार आरोपी पर पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर द्वारा 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने 17 फरवरी 2026 को उसे गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने पर उसे जिला जेल खंडवा भेज दिया गया।

इनकी रही अहम भूमिका

इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक गणेश पाटील, प्रधान आरक्षक मुकेश मोरे, आरक्षक सतीश रावत और आरक्षक सोहन सेजकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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