बुरहानपुर। एक क्लिक… और खाते से लाखों गायब! शहर में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करते ही युवक का मोबाइल हैक हो गया और कुछ ही देर में ₹4,43,348 खाते से पार हो गए। हालांकि, समय रहते पुलिस तक पहुंचने से बड़ी राहत मिली—साइबर टीम ने ₹99,664 की राशि वापस दिला दी।
कैसे बिछा डिजिटल जाल?
लालबाग थाना क्षेत्र की लेबर कॉलोनी निवासी विजय भंगाले ने अनजाने में एक APK फाइल डाउनलोड कर ली। बस यही चूक भारी पड़ गई—
- मोबाइल का पूरा एक्सेस हैकर के हाथ चला गया
- OTP तक पहुंच बन गई
- UPI ट्रांजैक्शन के जरिए खाते से लाखों रुपये निकाल लिए गए
कुछ ही मिनटों में पूरा खेल खत्म… और पीड़ित के खाते में सन्नाटा!
तुरंत एक्शन: “गोल्डन ऑवर” में शिकायत बनी वरदान
घटना का एहसास होते ही पीड़ित सीधे थाना लालबाग पहुंचा। यहां साइबर हेल्प डेस्क ने बिना देर किए मामला दर्ज कर नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत फीड की।
देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में टीम एक्टिव हुई—
- बैंकों से तत्काल संपर्क
- संदिग्ध ट्रांजैक्शन ट्रैक
- रकम को होल्ड करवाने की प्रक्रिया शुरू
नतीजा: ₹99,664 की रकम सुरक्षित होल्ड कर पीड़ित के खाते में वापस!
इनकी मेहनत लाई रंग
इस ऑपरेशन में आरक्षक दुर्गेश पटेल, सत्यपाल बोपचे, ललित चौहान, शक्तिसिंह तोमर और दीपांशु पटेल ने लगातार बैंकों से समन्वय कर कार्रवाई को अंजाम दिया। एसपी देवेंद्र पाटीदार ने पूरी टीम की सराहना करते हुए उत्कृष्ट कार्य बताया।
शहर अलर्ट: एक गलती, लाखों का नुकसान!
साइबर अपराधी अब APK फाइल, लिंक और फर्जी ऐप्स के जरिए सीधे मोबाइल में सेंध लगा रहे हैं।
एक क्लिक से बैंकिंग सिस्टम तक पहुंच बनाकर मिनटों में खाता खाली किया जा रहा है।
याद रखें ये 5 बातें (वरना अगला नंबर आपका हो सकता है)
- अनजान APK फाइल/लिंक पर क्लिक न करें
- OTP, पासवर्ड, UPI PIN किसी से शेयर न करें
- फर्जी कस्टमर केयर कॉल से सावधान रहें
- हाई रिटर्न (क्रिप्टो/फॉरेक्स) के झांसे में न आएं
- मोबाइल में अनजान ऐप्स इंस्टॉल करने से बचें
1930: संकट में सबसे बड़ा हथियार
अगर ऑनलाइन फ्रॉड हो जाए तो तुरंत 1930 डायल करें या National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करें। “First Hour is Golden Hour” — देर की तो रकम गई समझो!