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आदिवासियों में आक्रोश- जयस के बाद जागृत आदिवासी दलित संगठन ने उठाई आदिवासी बालिका के साथ दुष्कर्म के दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी की मांग

काफी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे आदिवासी, नारेबाजी कर डिप्टी कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन 19 नवंबर को आमगांव में एक वनकर्मी ने किया था बालिका के साथ दुष्कर्म, दूसरे ने की थी मदद एक आरोपी बीट गार्ड को पिछले दिनों पुलिस ने किया है गिरफ्तार बुरहानपुर। जयस के बाद अब जागृत आदिवासी दलित संगठन भी […]

बुरहानपुर। जयस के बाद अब जागृत आदिवासी दलित संगठन भी आदिवासी बालिका के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सामने आया है। आदिवासियो की मांग है कि वन विभाग की ओर से पीड़ित परिवार पर दबाव आ रहा है। जल्द फरार दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
काफी संख्या में बुधवार शाम कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जागृत आदिवासी दलित संगठन के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर सरोज परिहार को ज्ञापन सौंपकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की गई।
गौरतलब है कि पिछले दिनों खकनार क्षेत्र के ग्राम आमगांव में एक आदिवासी नाबालिग बालिका के साथ वन विभाग के बीट गार्ड ने दुष्कर्म किया था। मामले में पुलिस ने एक आरोपी की गिरफ्तारी कर ली है, लेकिन दूसरा आरोपी अभी भी फरार है। इसे लेकर बुधवार शाम 4 बजे जागृत आदिवासी दलित संगठन की ओर से डिप्टी कलेक्टर सरोज परिहार को ज्ञापन सौंपकर फरार आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई है।
आरोप- पीड़ित परिवार को झूठे केस में फंसाने की मिल रही धमकी
काफी संख्या में आदिवासी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संगठन के अंतराम अवासे ने कहा- फरार दूसरे आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा. वन विभाग द्वारा पीड़ित परिवार पर भी झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है। परिवार के अनुसार एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा पीडि़ता को बयान बदलने की धमकी दी गई थी, कि यदि वह बयान न बदले तो वन विभाग वाले उनके परिवार को वन्यप्राणी अपराध के झूठे केस में फंसा कर जेल कर देंगे। एकत्रित महिलाओं ने बुरहानपुर में आदिवासियों के ऊपर वन विभाग द्वारा दशकों से हो रहे प्रताड़ना की बात कही।
पहले हमें नहीं मालूम था कानून
इस दौरान जागृत आदिवासी दलित संगठन की कार्यकर्ता आशा बाई ने कहा- पहले हमें कानून की जानकारी नहीं थी। अब हमें भी कानून की जानकारी है। उन्होंने कहा कुछ माह पहले आदिवासियों के घरों को अवैध रूप से बिना नोटिस के तोड़ा गया था। उन पर अत्याचार किया गया था। इस दौरान आदिवासियों ने आंदोलन की भी चेतावनी दी।
बालिका को 18 नवंबर को आरोपी वनकर्मी ने खाना बनाने बुलाया था 
18 नवंबर को 8 बजे वन चौकी आमगांव में आरोपी सुरेश पिता शिवनारायण दांगी ने एक बालिका को खाना बनाने के लिए बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बालिका सुरेश के यहां खाना बनाती थी। 18 नवंबर शनिवार को भी वह खाना बनाने गई थी। खाना बनाने के बाद आरोपी सुरेश ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान सह आरोपी बीट गार्ड लिलेश नीले दरवाजे पर खड़ा रहा। विरोध करने पर आरोपी ने बालिका के साथ मारपीट भी की थी। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पिछले दिनों जयस संगठन ने ज्ञापन भी सौंपा था। वहीं अब जागृत आदिवासी दलित संगठन ने ज्ञापन सौंपकर फरार दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। एक आरोपी वनकर्मी सुरेश दांगी को पुलिस ने राजगढ़ जिले के छापीहेड़ से गिरफ्तार कर लिया था। दूसरा आरोपी फरार है।
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