बुरहानपुर। जिले में अवैध हथियारों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है, लेकिन खकनार क्षेत्र से हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क अब भी पूरी तरह टूटता नजर नहीं आ रहा है। पुलिस की सख्ती, जनसंवाद, रोजगार से जोड़ने के प्रयास और सुधार अभियानों के बावजूद अवैध हथियारों की खेप बाहर राज्यों तक पहुंच रही है। इसी बीच खकनार पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के पटियाला निवासी एक अंतर्राज्यीय हथियार तस्कर को गिरफ्तार किया है।
आरोपी के कब्जे से 7 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल, 2 खाली मैगजीन और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 1 लाख 48 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।
मुखबिर की सूचना पर बोरखेड़ा फाटा पर घेराबंदी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को अवैध हथियार निर्माण, क्रय-विक्रय और परिवहन करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में एसडीओपी नेपानगर निर्भय सिंह अलावा के मार्गदर्शन में खकनार पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया था।
दिनांक 8 जुलाई 2026 को थाना प्रभारी अभिषेक जाधव और प्रधान आरक्षक मेलसिंह सोलंकी को सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति अवैध हथियारों के साथ क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ग्राम बोरखेड़ा फाटा स्थित यात्री प्रतीक्षालय के पास पहुंची। वहां बताए गए हुलिए का एक व्यक्ति पैदल खड़ा दिखाई दिया। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम रणजीत पिता शंभूनाथ कुंज, उम्र 32 वर्ष, निवासी विश्वकर्मा मंदिर, कृष्णपुरी मोहल्ला, नाभा, थाना कोतवाली, जिला पटियाला, पंजाब बताया।
तलाशी में निकली हथियारों की खेप
पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके कब्जे से 7 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल और 2 खाली मैगजीन बरामद हुईं। पुलिस ने आरोपी से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। जब्त पिस्टलों की कीमत करीब 1 लाख 22 हजार रुपए, मैगजीन की कीमत 6 हजार रुपए और मोबाइल फोन की कीमत 10 हजार रुपए आंकी गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर थाना खकनार लाया गया, जहां उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 186/2026, धारा 25(1-B)(a) आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
हथियार कहां से खरीदे, किसे देने थे? पुलिस खंगाल रही नेटवर्क
मामला अंतर्राज्यीय हथियार तस्करी से जुड़ा होने के कारण पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी हथियार कहां से लेकर आया था और इन्हें किसे सप्लाई किया जाना था। आरोपी पंजाब के पटियाला जिले का निवासी है। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि बुरहानपुर-खकनार क्षेत्र से अवैध हथियारों की खेप दूसरे राज्यों तक पहुंचाने वाला नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच से संपर्कों, कॉल डिटेल और संभावित खरीदारों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
पाचौरी क्षेत्र फिर सवालों के घेरे में
बुरहानपुर जिले के खकनार क्षेत्र का पाचौरी इलाका अवैध हथियार निर्माण और तस्करी को लेकर पहले भी सुर्खियों में रहा है। समय-समय पर पुलिस कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार करती रही है, लेकिन हथियार तस्करी पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। अवैध हथियारों की मांग देश के कई हिस्सों में होने के कारण बाहरी राज्यों के लोग भी यहां पहुंचते रहे हैं। यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर की गई कार्रवाई के बावजूद तस्करी की कड़ियां बार-बार सामने आती हैं।
सुधार अभियान भी चलाया, फिर भी नहीं टूटा अवैध धंधा
अवैध हथियार निर्माण से जुड़े लोगों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए तत्कालीन एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार ने “अब लौट चलें” अभियान भी चलाया था। इसके तहत बैठकें, जनसंवाद और रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए गए थे, ताकि लोग अवैध हथियारों के कारोबार को छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौटें। हालांकि इसके बाद भी हथियार तस्करी के मामले सामने आते रहना यह बताता है कि इस नेटवर्क पर और कड़ी निगरानी तथा लगातार कार्रवाई की जरूरत है।
कार्रवाई में इनकी रही भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक अभिषेक जाधव, उपनिरीक्षक रामेश्वर बकोरिया, सहायक उपनिरीक्षक तारक अली, प्रधान आरक्षक मेलसिंह सोलंकी, मनीष भटुरे, अजय अजनारे, आरक्षक सुनील धुर्वे, मंगल पालवी, विक्रम पालवी, गोविंदा मुजाल्दे, विजेंद्र देवल्य और सबल देवड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।