बुरहानपुर। थाने और पुलिस चौकी में शिकायत लेकर पहुंचने वाले आम नागरिकों के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी और राहतभरी डिजिटल पहल शुरू की है। अब यदि किसी आवेदक की थाने या चौकी में सुनवाई नहीं होती है, तो उसे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नागरिक केवल अपने मोबाइल से थाने में लगे QR कोड को स्कैन कर अपनी शिकायत सीधे पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे।
पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी (IPS) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अन्तर सिंह कनेश के मार्गदर्शन में जिले के सभी थानों और पुलिस चौकियों में QR कोड आधारित शिकायत प्रणाली स्थापित की जा रही है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि यह व्यवस्था आमजन की शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निराकरण में अहम भूमिका निभाएगी।
थाने में सुनवाई नहीं तो सीधे वरिष्ठ अफसरों तक पहुंचेगी बात
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही तय करना है। कई बार आम नागरिक स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराने या कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंचते हैं, लेकिन यदि उन्हें लगता है कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है, तो अब उनके पास सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने का सरल डिजिटल माध्यम होगा। थाने या चौकी में प्रदर्शित QR कोड स्कैन करते ही आवेदक के मोबाइल पर एक सरल Google Form खुलेगा। इसमें आवेदक अपना नाम, मोबाइल नंबर और शिकायत का संक्षिप्त विवरण दर्ज करेगा। फार्म सबमिट होते ही शिकायत का विवरण बैकएंड API के माध्यम से रियल टाइम में वरिष्ठ अधिकारियों के Telegram ग्रुप पर पहुंच जाएगा।
SP, ASP, CSP, थाना प्रभारी और कंट्रोल रूम रहेंगे सीधे जुड़े
इस सिस्टम से पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सीएसपी, सभी थाना प्रभारी और जिला कंट्रोल रूम सीधे जुड़े रहेंगे। यानी शिकायत केवल ऑनलाइन फार्म में दर्ज होकर नहीं रुकेगी, बल्कि तुरंत वरिष्ठ स्तर पर उसकी जानकारी पहुंचेगी। शिकायत मिलते ही जिला कंट्रोल रूम तत्काल सक्रिय होगा और आवेदक को फोन कर उसकी समस्या की जानकारी लेगा। जरूरत पड़ने पर संबंधित थाना प्रभारी से भी जवाब लिया जाएगा। इससे शिकायतों को दबाने या अनदेखा करने की संभावना कम होगी और थाना स्तर पर कार्रवाई की गति बढ़ेगी।
वीडियो कॉल से भी होगी बात, पारदर्शिता बढ़ेगी
इस व्यवस्था में वीडियो कॉल की सुविधा भी रखी गई है। यदि आवेदक के मोबाइल में Telegram उपलब्ध है, तो जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉल के माध्यम से भी संवाद किया जा सकेगा। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इससे शिकायतकर्ता और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ेगा। खासकर उन मामलों में जहां आवेदक को अपनी स्थिति, दस्तावेज, घटनास्थल या तत्काल समस्या दिखानी हो, वहां वीडियो कॉल सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। इससे शिकायत की वास्तविक स्थिति समझने में भी मदद मिलेगी।
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को मिलेगी सबसे ज्यादा राहत
यह पहल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी मानी जा रही है। कई बार गांवों से लोग छोटी या गंभीर शिकायत लेकर जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाते। आने-जाने में समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। कई लोग संकोच या जानकारी के अभाव में अपनी बात वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं रख पाते। QR कोड आधारित शिकायत प्रणाली ऐसे नागरिकों को सीधी ताकत देगी। अब वे बिना किसी मध्यस्थ के अपनी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक भेज सकेंगे। यदि पीड़ित के पास स्मार्टफोन नहीं है, तो कोई अन्य व्यक्ति अपने मोबाइल से QR कोड स्कैन कर उसकी मदद कर सकेगा। संपर्क के लिए सामान्य मोबाइल नंबर पर्याप्त होगा।
SP बोले- अंतिम छोर के व्यक्ति तक विश्वास पहुंचाना उद्देश्य
पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी (IPS) ने कहा कि हमारा उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक यह विश्वास पहुंचाना है कि पुलिस उसकी सुरक्षा और न्याय के लिए सदैव तत्पर है। कई बार नागरिक छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाते। यदि पहुंचते भी हैं तो उनका समय और संसाधन दोनों खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि यह QR कोड प्रणाली पुलिसिंग को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाएगी और थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं सुधार लाएगी। इससे आमजन को यह भरोसा मिलेगा कि उनकी शिकायत सीधे वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में है।
शिकायतों की अनदेखी रोकने में कारगर होगी व्यवस्था
इस प्रणाली से थाना स्तर पर शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण को बढ़ावा मिलेगा। छोटी शिकायतों को समय रहते गंभीरता से लिया जा सकेगा। कई बार छोटी शिकायतों को अनदेखा करने से विवाद बड़ा रूप ले लेते हैं। नई व्यवस्था से ऐसे मामलों में समय रहते हस्तक्षेप संभव होगा। साथ ही पुलिस स्टाफ के लिए भी यह व्यवस्था जवाबदेही और स्पष्टता का माध्यम बनेगी। सही और त्वरित कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना हो सकेगी, वहीं लापरवाही सामने आने पर वरिष्ठ अधिकारी तुरंत संज्ञान ले सकेंगे।
दुरुपयोग रोकने के लिए कॉल बैक व्यवस्था
पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रणाली के दुरुपयोग की संभावना को ध्यान में रखते हुए कॉल बैक व्यवस्था रखी गई है। शिकायत मिलते ही आवेदक से फोन पर संपर्क किया जाएगा। इससे झूठी या भ्रामक शिकायतों की पहचान तुरंत हो सकेगी। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर सिस्टम का दुरुपयोग करता है, तो उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई भी की जा सकती है। इसलिए पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इस सुविधा का उपयोग केवल वैध और वास्तविक शिकायतों के लिए करें।
पुलिस-जनता के बीच भरोसा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
जिला पुलिस प्रशासन की यह पहल पुलिसिंग को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। QR कोड आधारित शिकायत प्रणाली से आम नागरिकों को सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच मिलेगी, वहीं थानों की कार्यप्रणाली पर भी निगरानी मजबूत होगी। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी वैध शिकायत पर स्थानीय स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं हो रही है, तो बिना किसी संकोच के QR कोड स्कैन कर अपनी बात सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाएं। यह व्यवस्था आमजन की आवाज को मजबूत करने और पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो सकती है।