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कलेक्ट्रेट बना ‘देवस्थान’: न्याय के लिए नारियल-अगरबत्ती… और जनसुनवाई में जमीन पर बैठा फरियादी तो सीईओ भी बैठने लगे

- आरटीआई में 12 रुपए प्रति पेज वसूली से नाराज़ ग्रामीण ने गेट पर की पूजा

  • छह महीने पहले ‘धृतराष्ट्र’ बनकर आया था, फिर भी कार्रवाई नहीं

  • दूसरे मामले में नाले पर अतिक्रमण का आरोप, आवेदक बैठा तो अफसर भी झुके

बुरहानपुर। मंगलवार की जनसुनवाई इस बार सिर्फ शिकायतों तक सीमित नहीं रही—यह व्यवस्था पर कटाक्ष, प्रतीकात्मक विरोध और अफसरशाही की सुस्ती का आईना बन गई। कलेक्ट्रेट परिसर में दो ऐसे दृश्य देखने को मिले, जिनकी चर्चा पूरे जिले में है। एक तरफ न्याय की आस में फरियादी ने कलेक्ट्रेट को “देवता” मानकर पूजा कर दी, तो दूसरी ओर शिकायत सुनवाने के लिए आवेदक जमीन पर बैठ गया—और जिला पंचायत सीईओ भी उसके स्तर पर उतरकर बैठने लगे।

Sadaiv Newsदरअसल हर मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जन सुनवाई के दौरान जिलेभर से लोग शिकायतें लेकर आते हैं। इस बार भी कईं लोग शिकायतें लेकर पहुंचे, लेकिन दो मामले बड़े रोचक रहे, जो खासे चर्चित हुए। अफसरों ने कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।

पहला मामला: 12 रुपए प्रति पेज का ‘आरटीआई टैक्स’—और कलेक्ट्रेट में पूजा

ग्राम नागझिरी के निवासी लखन पटेल मंगलवार सुबह फूल-माला, नारियल और अगरबत्ती लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने मुख्य गेट पर माल्यार्पण किया, नारियल फोड़ा, अगरबत्ती जलाई और नतमस्तक हो गए। यह कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध था।

लखन पटेल का आरोप है कि ग्राम पंचायत ने आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी के लिए 2 रुपए की जगह 12 रुपए प्रति पेज वसूले। उनसे 515 पेजों के 6,180 रुपए लिए गए। उन्होंने मुक्तिधाम, सरकारी बाउंड्रीवॉल और अन्य निर्माणों की जानकारी मांगी थी।

छह महीने पहले भी किया था अनोखा प्रदर्शन

लखन ने बताया कि छह महीने पहले वह जनसुनवाई में आंखों पर पट्टी बांधकर ‘धृतराष्ट्र’ बनकर आए थे, ताकि यह दिखा सकें कि अफसर अंधे बने हुए हैं। बावजूद इसके न तो रकम वापस मिली, न जिम्मेदारों पर कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा सरकारी दफ्तर हमारे देवता हैं। न्याय के लिए मैंने पूजा की है ताकि ये जागें। छह महीने से चक्कर काट रहा हूं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। उनका कहना है कि पैसा वापस लेने से बड़ा मुद्दा यह है कि नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो।

दूसरा मामला: नाले पर कॉलोनाइजर का कब्जा—फरियादी जमीन पर बैठा

Sadaiv Newsग्राम मोहम्मदपुरा के रोहन पाटील ने एप्पल अस्पताल के सामने बनी अवध वाटिका कॉलोनी में 100 फीट चौड़े नाले पर अवैध अतिक्रमण का आरोप लगाया। उनका कहना है कि कॉलोनाइजर ने पुलिया के नाम पर पूरा नाला घेर लिया, जिससे जल निकासी प्रभावित हो रही है। दो महीने से शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो रोहन जनसुनवाई में जमीन पर बैठ गए। यह देख जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा भी उनके सामने जमीन पर बैठने लगे। यह दृश्य देखते ही रोहन खड़े हो गए और अपनी बात रखी। रोहन ने कहा—पैसा वापस मिले या न मिले, पर गलत काम करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

मामले की जांच कराई जा रही है

– गलत तरीके से आरटीई नियमों में राशि प्राप्त की थी। उसे वापस कराया गया था, लेकिन आवेदक ने लेने से मना कर दिया था और कार्रवाई की मांग की है। मामले में कार्रवाई की जाएगी। एप्पल अस्पताल के सामने कॉलोनी के मामले की भी जांच करा रहे है। आज ही प्रतिवेदन भी बुलाया गया है। -सृजन वर्मा, सीईओ जिला पंचायत बुरहानपुर

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