बुरहानपुरर। जिले के राजस्व विभाग में शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही बरतना 15 पटवारियों को भारी पड़ गया। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी हर्ष सिंह ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 10 परिवीक्षाधीन पटवारियों को सेवा से पृथक कर दिया, जबकि 5 अन्य पटवारियों को निलंबित किया है। एक साथ 15 पटवारियों पर हुई इस कार्रवाई ने राजस्व विभाग के कामकाज को चर्चा में ला दिया है।
कार्रवाई की वजह शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं होना और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना बताई गई है। कलेक्टर ने संबंधित पटवारियों से तत्काल शासकीय बस्ते जमा कराने के निर्देश भी दिए हैं।
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बार-बार निर्देश दिए, फिर भी काम में नहीं आई अपेक्षित तेजी
राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, संबंधित पटवारियों को स्वामित्व योजना, अधिकार अभिलेखों का निर्माण, किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने और ई-केवाईसी सहित अन्य महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्राथमिकता से पूरे करने के निर्देश दिए गए थे। इन कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने समय-समय पर स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए। इसके बावजूद संबंधित पटवारियों के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। प्रशासन ने इसे शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और निर्देशों की अवहेलना मानते हुए कार्रवाई की।
बुरहानपुर और नेपानगर के 10 परिवीक्षाधीन पटवारी सेवा से बाहर
कलेक्टर की कार्रवाई में बुरहानपुर और नेपानगर अनुभाग के पांच-पांच परिवीक्षाधीन पटवारी शामिल हैं। बुरहानपुर अनुभाग के पटवारी: अमित चौरसिया, महिमा थड्डानी, विशाल रघुवंशी, अभय भट्ट, शिवम गुप्ता। नेपानगर अनुभाग के पटवारी अजय पवार, नीतू सिंह तोमर, रूद्र प्रताप सिंह, सतीश शर्मा, राहुल लोधी। इन सभी 10 परिवीक्षाधीन पटवारियों के विरुद्ध सेवा समाप्ति अथवा सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की गई है।
पांच अन्य पटवारी निलंबित, तत्काल बस्ते जमा करने के निर्देश
कलेक्टर हर्ष सिंह ने 10 पटवारियों की सेवा समाप्त करने के साथ ही पांच अन्य पटवारियों को निलंबित भी किया है। हालांकि, प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना में निलंबित पटवारियों के नामों का उल्लेख नहीं है। कार्रवाई के बाद संबंधित पटवारियों से तत्काल शासकीय बस्ते जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रशासन ने केवल आदेश जारी करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि संबंधित शासकीय अभिलेख और दस्तावेज वापस लेने के निर्देश भी दिए हैं।
किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही बनी कार्रवाई की वजह
जिन कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने की बात सामने आई है, वे सीधे किसानों और भूमि संबंधी अभिलेखों से जुड़े हैं। स्वामित्व योजना, अधिकार अभिलेख, फार्मर आईडी और ई-केवाईसी जैसे कार्य राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल हैं। इन कार्यों में देरी से किसानों और संबंधित हितग्राहियों को परेशानी होने की आशंका रहती है। हालांकि, प्रशासन की जारी सूचना में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संबंधित पटवारियों के कारण कितने प्रकरण लंबित रहे या कितने किसान प्रभावित हुए।
कलेक्टर की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी पर कठोर प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि इस सख्ती के बाद जिले में राजस्व कार्यों की प्रगति कितनी तेज होती है।

