बुरहानपुर। जिले के चर्चित ब्लैकमेलिंग केस में बड़ा मोड़ आया है। करीब चार महीने से फरार चल रहे आरटीआई एक्टिविस्ट और यूट्यूबर ने आखिरकार पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। शाहपुर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर सीधे जेल भेज दिया, जिससे पूरे मामले में हलचल तेज हो गई है।
शाहपुर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के मुताबिक आरोपी यूट्यूबर संजय दुबे और RTI एक्टिविस्ट राकेश सईवाल ने सोमवार को खुद थाने पहुंचकर सरेंडर किया। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद खंडवा जेल भेज दिया गया, जबकि तीसरा आरोपी डॉ. आनंद उर्फ सूर्यकांत दीक्षित अब भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
झूठी खबरें… और फिर पैसों की डिमांड!
पूरा मामला नवंबर 2024 का है, जब ग्राम सिरसौदा निवासी केला ग्रुप संचालक सुधीर पाटिल ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि जमीन खरीद (करीब 48.90 लाख रुपए) के बाद आरोपियों ने सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलाकर दबाव बनाया। फिर 10 लाख रुपए की मांग की। इतना ही नहीं, शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपियों ने करीब 2.5 लाख रुपए वसूल भी लिए थे।
दरअसल पुलिस ने लोधीपुरा निवासी यूट्यूबर संजय दुबे पिता प्रेम कुमार दुबे, बुरहानपुर के मोमिनपुरा निवासी डॉ आनंद उर्फ सूर्यकांत दीक्षित पिता लक्ष्मीकांत दीक्षित और राकेश सईवाल पिता ओमप्रकाश सईवाल के खिलाफ ब्लैकमेलिंग की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था तभी से आरोपी फरार चल रहे थे। सोमवार को तीन में से दो आरोपियों ने शाहपुर थाने में सरेंडर किया।
4 महीने तक फरार, अब सरेंडर से नया मोड़
शाहपुर पुलिस ने केस दर्ज होने के बाद से ही आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन तीनों आरोपी फरार चल रहे थे। अब दो आरोपियों के सरेंडर से मामले में नया मोड़ आ गया है, जबकि तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस पूरे नेटवर्क और इस तरह की अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रही है। शाहपुर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा का कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर ब्लैकमेलिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सूचना का अधिकार या दबाव का हथियार
इस मामले ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या आरटीआई और सोशल मीडिया जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल अब ब्लैकमेलिंग के लिए किया जा रहा है? यह केस प्रशासन और समाज दोनों के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है।