बुरहानपुर। शहर में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मुंबई में निजी कंपनी में सिविल इंजीनियर के रूप में कार्यरत युवक के बैंक खाते से बिना ओटीपी आए और बिना किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किए करीब 76 हजार रुपए निकाल लिए गए। घटना के बाद पीड़ित ने तत्काल बैंक से संपर्क कर खाता ब्लॉक करवाया और शिकारपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला जांच में लेकर साइबर सेल की मदद से ट्रांजेक्शन की कड़ियां खंगालना शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार नया मोहल्ला निवासी लवेश गुजराती मुंबई की एक निजी कंपनी में सिविल इंजीनियर हैं। वे निजी कार्य से बुरहानपुर आए हुए थे। देर रात करीब 1 बजे अचानक उनके मोबाइल पर खाते से रकम कटने के मैसेज आने लगे। कुछ ही देर में अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से उनके खाते से करीब 76 हजार रुपए निकाल लिए गए।
पीड़ित लवेश गुजराती के अनुसार उन्होंने न तो किसी अनजान लिंक पर क्लिक किया, न कोई एप डाउनलोड किया और न ही उनके मोबाइल पर किसी प्रकार का ओटीपी आया। इसके बावजूद खाते से पैसे कटने लगे। लगातार मैसेज आने के बाद उन्हें साइबर ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क कर अपना अकाउंट ब्लॉक करवाया, ताकि और नुकसान रोका जा सके।
साइबर सेल की मदद से ट्रांजेक्शन की जांच शुरू
घटना के बाद पीड़ित शिकारपुरा थाने पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकारपुरा थाना प्रभारी संदीप चौरसिया ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि रकम किन खातों या डिजिटल माध्यमों में ट्रांसफर हुई। पुलिस ट्रांजेक्शन डिटेल, बैंक रिकॉर्ड और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। कई बार ठगी सीधे बैंकिंग सिस्टम, डिजिटल पेमेंट चैनल, संदिग्ध एप, मोबाइल डेटा या अन्य तकनीकी माध्यमों के जरिए की जाती है। ऐसे मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है, क्योंकि समय पर सूचना मिलने से रकम होल्ड या रिकवर होने की संभावना बढ़ जाती है।
जनवरी से अब तक 48 मामले, 24 लाख से ज्यादा की ठगी
शिकारपुरा थाना क्षेत्र में साइबर अपराधों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 से अब तक शिकारपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के 48 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में करीब 24 लाख 28 हजार रुपए की ठगी सामने आई है। यह आंकड़ा बताता है कि साइबर अपराध अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी तेजी से फैल रहे हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों ने आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट, यूपीआई, क्रेडिट-डेबिट कार्ड और डिजिटल पेमेंट का उपयोग करने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
पुलिस की अपील: संदिग्ध कॉल, लिंक और एप से रहें सावधान
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी बैंकिंग मैसेज, स्क्रीन शेयरिंग एप या अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए डाउनलोड लिंक से सावधान रहें। बैंक खाते, यूपीआई पिन, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी, पासवर्ड या ओटीपी किसी से साझा न करें। खाते से रकम कटने या संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत बैंक की हेल्पलाइन पर संपर्क कर खाते को ब्लॉक कराएं और साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस ने यह भी कहा कि साइबर ठगी में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। अगर पीड़ित तुरंत शिकायत करता है तो ठगी की रकम को रोकने या ट्रेस करने की संभावना बढ़ जाती है।