बुरहानपुर। शहर के बुधवारा क्षेत्र में नगर निगम और निजी कंपनी की लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। यहां पीने के पानी की पाइप लाइन और ड्रेनेज लाइन एक ही जगह से गुजर रही है, जिससे दूषित पानी के घरों तक पहुंचने का गंभीर खतरा बन गया है। इंदौर में गंदे पानी से हुई मौतों के बाद अब बुधवारा के रहवासियों में दहशत का माहौल है। चार महीने से सड़क खुदी पड़ी है, गड्ढों के बीच से पाइप लाइनें गुजर रही हैं और बार-बार लीकेज हो रहा है। बावजूद इसके अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
क्षेत्र के रहवासी दिनेश तापड़िया ने बताया ड्रेनेज और पीने के पानी की पाइप एक साथ डली है। गड्ढों में से होकर पानी की लाइन गुजर रही है। इंदौर जैसी घटना यहां न हो, इसी डर में जी रहे हैं। चार महीने से खुदाई पड़ी है, थोड़ी मरम्मत करते हैं और फिर लीकेज हो जाता है।
घर में घुसना मुश्किल, पीने का पानी भी नहीं
डॉ. मेहमूद ने कहा रोड खुदा होने से घर में आने-जाने का रास्ता तक नहीं है। चार महीने से इसी हालात में जी रहे हैं। कभी पत्थर डाल देते हैं, कभी कुछ और कर जाते हैं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है। पीने लायक पानी नहीं आ रहा, मजबूरी में बोतलबंद पानी पीना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि ड्रेनेज और पेयजल लाइन को तुरंत अलग-अलग किया जाए, ताकि दूषित पानी का खतरा खत्म हो।
कंपनी ने मानी दिक्कत, जिम्मेदारी भी टाली
लीकेज सुधारने पहुंचे निजी कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि इस सड़क से ट्रैक्टर-ट्रॉली निकलती हैं, जिससे पाइप बार-बार टूट जाती है और लीकेज हो जाता है। उन्होंने कहा कि स्थिति की जानकारी अधिकारियों को दी जाएगी।
आयुक्त की सख्त हिदायत, लेकिन जमीन पर हालात ढीले
एक दिन पहले ही नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने अफसरों को चेतावनी दी थी कि जहां भी लीकेज हो, तुरंत सुधार किया जाए, वरना कार्रवाई होगी। लेकिन बुधवारा में हालात बताते हैं कि हिदायतों के बावजूद काम आधा-अधूरा चल रहा है।
सुधार कार्य कराया जा रहा है
बुधवारा में लीकेज की जानकारी मिलते ही टीम भेजी गई है। सुधार कार्य जारी है। जहां-जहां लीकेज है, उसे जल्द दुरुस्त कराया जाएगा।
— संदीप श्रीवास्तव, आयुक्त, नगर निगम बुरहानपुर
और इधर…
नालियों से गुजर रही पाइप लाइनें कटीं, 41 अवैध कनेक्शन काटे
नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, 24 घंटे की हेल्पलाइन से जल संकट पर सख्ती
बुरहानपुर। शहर की बिगड़ी जल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने अब सख्त तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सीवरेज, पेयजल और जलावर्धन योजना के तहत पूरे शहर में पुरानी, जर्जर और दूषित पानी देने वाली पाइप लाइनों को हटाकर नई लाइनों से सप्लाई शुरू की जा रही है। इसी क्रम में राजघाट रोड पर नालियों से होकर गुजर रही पाइप लाइनों पर बड़ी कार्रवाई की गई, जहां 16 पुराने नल कनेक्शन काट दिए गए। इसके साथ ही नाले पर बने 41 अवैध कनेक्शन भी हटाए गए। नगर निगम का दावा है कि इन अवैध और अस्वच्छ लाइनों के कारण ही शहर में वर्षों से गंदे पानी और बीमारियों का खतरा बना हुआ था।
जल शिकायतों के लिए 24 घंटे की टोल फ्री सेवा
नगर निगम ने अब नागरिकों को राहत देने के लिए जल विभाग की 24 घंटे चालू रहने वाली टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू की है 07325-255270, 07325-255019 इन नंबरों पर लीकेज, दूषित पानी या सप्लाई बाधित होने की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
आयुक्त खुद मैदान में
नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव स्वयं सुधार कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां भी गंदा पानी, लीकेज या ब्लॉकेज की सूचना मिले, वहां तुरंत पहुंचकर समस्या का समाधान किया जाए।
एक साथ कई वार्डों में कार्रवाई
नगर निगम की टीम ने एक साथ कई इलाकों में सुधार कार्य किए- रास्तीपुरा में स्लूइस वाल्व की लीकेज, डाकवाड़ी गोटी मोहल्ला में पाइप लाइन ब्लॉकेज, लालबाग चिंचाला में लीकेज, शनवारा ओवरहेड टैंक की मोटर पंप लीकेज, शिकारपुरा में कश्मीरा टेक्सटाइल के पास लीकेज और सरदार पटेल वार्ड में नल कनेक्शन दुरुस्त किए गए। निगम ने साफ किया है कि जलावर्धन योजना के तहत जिनके पास नल कनेक्शन हैं, वे नल खुले न छोड़ें। पानी की बर्बादी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।