राष्ट्रीय अपराध राजनीति मध्यप्रदेश कटनी आलेख बुरहानपुर जनसम्पर्क

प्लॉट के नाम पर ठगी: दो कॉलोनाइजरों पर धोखाधड़ी मामले में एफआईआर दर्ज

- एसडीएम के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई, बिना मंजूरी प्लॉट बेचकर ठगे नागरिक; पहले भी 7 पर केस, 3 को सजा

On: April 18, 2026 8:02 PM
Follow Us:
Illegal Colony Action Burhanpur Police SDM Crackdown

बुरहानपुर। जिले में अवैध कॉलोनियां काटकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले कॉलोनाइजरों पर अब प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। एसडीएम के निर्देश पर निंबोला थाना पुलिस ने दो कॉलोनाइजरों के खिलाफ ग्राम स्वराज अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।

निम्बोला थाना प्रभारी राहुल कांबले के अनुसार तहसीलदार प्रवीण ओहरिया की शिकायत पर पांच पुल क्षेत्र में रहने वाले अब्दुल मलिक और मुजम्मिल अहमद के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। आरोप है कि दोनों ने बिना वैध अनुमति अवैध कॉलोनी विकसित कर लोगों को प्लॉट बेच दिए, जबकि मौके पर सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं। साथ ही कॉलोनी का ले-आउट भी टीएनसीपी से स्वीकृत नहीं कराया गया था।
फिलहाल गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही है।

पहले भी हुई कार्रवाई, 7 कॉलोनाइजरों पर केस

अवैध कॉलोनियों के खिलाफ यह पहली कार्रवाई नहीं है। फरवरी माह में भी प्रशासन ने दो कॉलोनियों के 7 कॉलोनाइजरों के खिलाफ लालबाग थाने में एफआईआर दर्ज की थी। इनमें संदेश महेश्वरी सहित शफीउल्ला, एहसान उल्ला, सरफराज, इरफान, शेख जावेद और नुसरत खान को आरोपी बनाया गया था। जांच में सामने आया था कि बिना अनुमति कृषि और डायवर्सन भूमि पर प्लॉट काटकर बेचे गए, जिससे खरीदारों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।

60 कॉलोनाइजर प्रशासन के रडार पर

सूत्रों के मुताबिक एसडीएम कोर्ट में 19 अवैध कॉलोनियों के करीब 60 कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्रकरण चल रहे हैं। अब तक 4 कॉलोनियों के 12 कॉलोनाइजरों पर केस दर्ज हो चुका है। इन कॉलोनाइजरों ने प्लॉट खरीददारों से सड़क, पानी, बिजली जैसी सुविधाओं का वादा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत में कुछ भी नहीं मिला। नतीजा—लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं।

पहली बार 3 कॉलोनाइजरों को जेल

अवैध कालोनी बसाने के मामले में पहली बार जिले के तीन कालोनाइजरों मोहम्मद हारून, मोहम्मद सादिक और मोहम्मद जाहिर को न्यायालय इसी माह दो-दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपितों ने लोधीपुरा में ताज नगर के नाम से एक कालोनी काटी थी। इसमें अब्दुल मलिक सहित अन्य लोगों ने भी प्लाट बुक किया था। उसने वर्ष 2013 से 2016 तक मासिक किश्तों के रूप में कालोनाइजरों के पास 1.25 लाख रुपये जमा कराए थे। जब प्लाट की रजिस्ट्री की बारी आई तो उसे पता चला कि न तो कालोनी का ले-आउट स्वीकृत है और न ही डायवर्शन है। कालोनाइजरों ने उसके रुपये भी वापस नहीं दिए था। जिसके चलते प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराई थी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

मांडवा में जंगल में प्रसव के बाद आरोग्यम केंद्र बंद मिलने पर ग्रामीणों में आक्रोश

जंगल में नवजात का जन्म, आरोग्यम केंद्र पर ताला: मांडवा की घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

बुरहानपुर पुलिस ने पाचोरी के जंगल में अवैध हथियार फैक्ट्री से सामग्री जब्त की

पहले कार से पकड़ा तस्कर, फिर पूछताछ में खुला जंगल का राज: पाचोरी में हथियार फैक्ट्री पर पुलिस की फिल्मी स्टाइल में दबिश

प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के बीच पहुंचे प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट।

किसानों के दर्द के बीच खेतों में उतरे प्रभारी मंत्री, बोले- न कोई गांव छूटेगा, न कोई किसान

विवाहिता आदिवासी महिला के मामले पर बढ़ा आक्रोश

मुस्लिम युवक पर तीन बच्चों की मां को भगाने का आरोप, नेपानगर थाने पहुंचे हिंदू संगठन; कार्रवाई की मांग

सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से बुरहानपुर केला किसानों के लिए मुआवजा और फसल बीमा की मांग की

केला किसानों की पीड़ा लेकर सीएम से मिले सांसद पाटील, बोले- मौसम आधारित फसल बीमा अब जरूरी

नल-जल योजना के दावों पर सवाल,

जल संकट: प्यास के लिए मौत का रास्ता, 150 फीट गहरी पहाड़ी उतरकर गंदा पानी ला रहे आदिवासी

Leave a Comment

PNFPB Install PWA using share icon

For IOS and IPAD browsers, Install PWA using add to home screen in ios safari browser or add to dock option in macos safari browser