नेपानगर। भीषण गर्मी और अत्यधिक तापमान के बीच बुधवार को भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय के उपक्रम नेपा लिमिटेड में अग्नि दुर्घटना की घटना सामने आई। आग लगने की सूचना मिलते ही संस्थान परिसर में हड़कंप मच गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि समय रहते फायर फाइटिंग अभियान शुरू होने से बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या किसी कर्मचारी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
प्रारंभिक स्तर पर आग लगने का संभावित कारण अत्यधिक तापमान और शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारणों और नुकसान की स्थिति स्पष्ट करने के लिए नेपा लिमिटेड प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति आग लगने के कारणों, प्रभावित हिस्सों और क्षति के स्तर की विस्तृत जांच करेगी।
सूचना मिलते ही दमकलों के साथ पहुंचे सुरक्षा विभागाध्यक्ष
घटना की जानकारी मिलते ही विभागाध्यक्ष सुरक्षा एवं अग्नि संजय पवार के नेतृत्व में नेपा लिमिटेड की फायर टीम दमकलों के साथ मौके पर पहुंची और तत्काल आग बुझाने का अभियान शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका परिषद नेपानगर की दमकल भी राहत एवं सहायता कार्य के लिए मौके पर मौजूद रही। फायर टीम ने सामूहिक साहस, तत्परता और बेहतर समन्वय का परिचय देते हुए आग को फैलने से रोका और शीघ्र नियंत्रण में ले लिया। समय रहते की गई कार्रवाई के कारण आग बड़े हिस्से तक नहीं फैल सकी और संभावित बड़े औद्योगिक नुकसान को टाल दिया गया।
दोनों पेपर मशीनें सुरक्षित, केवल डीसीएस के कुछ पैनल प्रभावित
मुख्य महाप्रबंधक एवं कारखाना प्रबंधक राम अलागेसन से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनसंपर्क अधिकारी संदीप ठाकरे ने बताया कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। संस्थान की दोनों पेपर मशीनें पूरी तरह सुरक्षित और यथावत हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग से केवल डीसीएस के कुछ पैनल प्रभावित हुए हैं। आग से हुई वास्तविक क्षति का आकलन जांच समिति द्वारा किया जा रहा है। समिति की रिपोर्ट के बाद ही नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उत्पादन व्यवस्था सामान्य करने में जुटा प्रबंधन
नेपा लिमिटेड प्रबंधन ने बताया कि मिल को पुनः सामान्य स्थिति में लाने के लिए त्वरित कार्यवाही शुरू कर दी गई है। तकनीकी टीम प्रभावित सिस्टम और पैनलों की जांच में जुटी है, ताकि जल्द से जल्द उत्पादन व्यवस्था को सामान्य किया जा सके। प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया है कि संस्थान इस चुनौती से शीघ्र उबरकर नियमित न्यूजप्रिंट पेपर उत्पादन फिर से प्रारंभ करेगा। नेपा लिमिटेड जैसे बड़े औद्योगिक उपक्रम में अग्नि दुर्घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की संवेदनशीलता को फिर रेखांकित किया है, लेकिन समय पर हुई कार्रवाई से गंभीर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
गर्मी में औद्योगिक इकाइयों के लिए अलर्ट जैसी स्थिति
लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी के बीच औद्योगिक इकाइयों में विद्युत उपकरणों, पैनलों और मशीनरी की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता बढ़ गई है। नेपा लिमिटेड में हुई यह घटना इस बात का संकेत है कि गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट और ओवरहीटिंग जैसी स्थितियां गंभीर हादसे का कारण बन सकती हैं। हालांकि नेपा लिमिटेड की फायर टीम और नगर पालिका दमकल की तत्परता ने समय रहते हालात संभाल लिए। यदि आग पर तुरंत नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो नुकसान कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता था।
प्रबंधन ने टीम की तत्परता को सराहा
नेपा लिमिटेड प्रबंधन ने फायर टीम और राहत कार्य में जुटे कर्मचारियों की तत्परता की सराहना की है। विभागाध्यक्ष सुरक्षा एवं अग्नि संजय पवार के नेतृत्व में टीम ने जिस तेजी से कार्रवाई की, उससे न केवल आग पर काबू पाया गया, बल्कि संस्थान की महत्वपूर्ण मशीनरी और उत्पादन व्यवस्था को भी बड़े नुकसान से बचाया जा सका। घटना के बाद परिसर में सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा भी प्रारंभ कर दी गई है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।