बुरहानपुर। जिले के जंगलों में सलई गोंद माफिया बेलगाम हो चुके हैं। प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम पेड़ों को नुकसान पहुंचाकर अवैध तरीके से गोंद निकाला जा रहा है और बड़े पैमाने पर इसकी तस्करी की जा रही है। जबकि जिले में सलई और धावड़ा सहित अन्य किसी भी प्रजाति के गोंद निकालने पर पूरी तरह प्रतिबंध है, लेकिन इसके बाद भी माफिया पेड़ों को नुकसान पहुंचाकर अवैध तरीके से अवैज्ञानिक तरीके इस्तेमाल कर गोंद निकालते हैं। समय समय पर हो रही कार्रवाई इस बात का सबुत है कि जिले में यह काम धड़ल्ले से किया जा रहा है, लेकिन इसे पूरी तरह बंद करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
वन विभाग की टीम ने रविवार को एक पिकअप वाहन से की जा रही गोंद की तस्करी का खुलासा किया है। वाहन में करीब 845 किलो गोंद भरकर ले जाया जा रहा था। वन विभाग की टीम को देखकर आरोपी वाहन और गोंद छोड़कर फरार हो गए। खास बात यह है कि दो दिन पहले ही खंडवा सीसीएफ बासु कनौजिया की टीम ने भी धूलकोट क्षेत्र के बोरी गांव में दबिश देकर एक गोदाम में संग्रहित करके रखा गया करीब 780 क्विंटल गोंद बरामद किया था जबकि रविवार को जिले की खकनार रेंज में कार्रवाई हुई। यहां 845 किलो गोंद जब्त किया गया जिसकी कीमत करीब 1.26 लाख रूपए है।
कुछ ही समय में वन विभाग की तीसरी कार्रवाई
बुरहानपुर एसडीओ अजय सागर ने बताया कुछ ही दिनों के भीतर विभाग की ओर से यह तीसरी कार्रवाई है। एक बार एक बाइक से भी करीब 50 किलो गोंद परिवहन किया जा रहा था जिसे विभाग ने जब्त कर लिया था। खकनार रेंजर रितेश उईके ने बताया रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि एक पिकअप वाहन एमपी 09 जीएच-3170 में अवैध तरीके से बोरखेड़ा के कक्ष क्रमांक आरएफ 310 से सलई गोंद का अवैध परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची।
खंडवा ले जा रहे थे गोंद, बड़े पैमाने पर काम कर रहा गिरोह
जिले में सलई, धावड़ा गोंद निकालने पर प्रतिबंध लगा हुआ है, लेकिन इसके बाद भी जिले के जंगलों में माफिया घुसकर सलई गोंद निकालते है। इसके लिए वह सलई के पेड़ों को भी खासा नुकसन पहुंचाते हैं। सूत्रों के अनुसार जिले से बड़े पैमाने पर गोंद खंडवा ले जाया जाता है। यह पिकअप वाहन भी खंडवा की ओर ले जाया जा रहा था तभी वन विभाग की टीम ने कार्रवाई कर वाहन जब्त कर लिया। सूत्रों के अनुसार गोंद कारोबार से बड़े पैमाने पर कमाई की जा रही है। खास बात यह है कि अकसर कार्रवाई के दौरान वन विभाग की पकड़ से आरोपी भाग निकलते हैं। दो दिन पहले खंडवा सीसीएफ की टीम ने जब कार्रवाई की तो एक आरोपी पकड़ में आ गया था, लेकिन रविवार को हुई कार्रवाई में आरोपी भाग निकले।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लगाई थी याचिका
जिले में अवैध तरीके से गोंद निकालने और इसका परिवहन किए जाने को लेकर दो सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कोर्ट में याचिका भी लगाई थी। कुछ माह पहले ही इस मामले में कोर्ट ने वन विभाग को ताकीद की थी कि गोंद निकाले जाने के प्रतिबंधित आदेश को यथावत रखा जाए। आदेश तो यथावत है, लेकिन माफिया अब भी जिले के जंगलों में पेड़ों को नुकसान पहुंचाने से बाज नहीं आ रहे हैं।