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मां बनी जीवनदाता, बुरहानपुर बना ट्रांसप्लांट सेंटर: ऑल इज़ वेल में सफल किडनी प्रत्यारोपण

- नेपानगर के केरपानी गांव के युवक को मिली नई जिंदगी, तीन महीने की मेडिकल-कानूनी प्रक्रिया के बाद हुआ ऑपरेशन

On: May 20, 2026 8:13 PM
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बुरहानपुर में पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट, ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल ने रचा इतिहास

बुरहानपुर। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बुरहानपुर ने बुधवार को वह उपलब्धि हासिल की, जो अब तक बड़े महानगरों की पहचान मानी जाती थी। शहर के ऑल इज़ वेल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में पहला सफल किडनी प्रत्यारोपण किया गया है। इस उपलब्धि ने बुरहानपुर को निमाड़ और खानदेश क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के नए केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है।

Sadaiv News
ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल में पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट हुआ।

यह प्रत्यारोपण केवल एक सफल ऑपरेशन नहीं, बल्कि उन मरीजों और परिवारों के लिए उम्मीद की नई शुरुआत है, जिन्हें अब तक किडनी ट्रांसप्लांट जैसी जटिल चिकित्सा के लिए इंदौर, मुंबई, पुणे या अन्य महानगरों की ओर रुख करना पड़ता था। अब ऐसी अत्याधुनिक सुविधा बुरहानपुर जैसे टियर-II शहर में उपलब्ध होना चिकित्सा जगत में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

नेपानगर के युवक का हुआ सफल प्रत्यारोपण

यह सर्जरी 15 मई 2026 को की गई। मरीज प्रांजल, नेपानगर क्षेत्र के केरपानी गांव का युवा निवासी है। वह लंबे समय से किडनी संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहा था और कई महीनों से डायलिसिस पर था। बुरहानपुर, नागपुर और वर्धा में इलाज के विकल्प सीमित हो जाने के बाद परिवार के सामने किडनी ट्रांसप्लांट ही अंतिम उम्मीद बची थी। ऐसे कठिन समय में प्रांजल की मां श्रीमती रजनी कटेकर, जो आशा कार्यकर्ता हैं, अपने बेटे के लिए जीवनदाता बनकर आगे आईं। उन्होंने जीवित संबंधित दाता के रूप में अपने बेटे को किडनी दान की। इस पूरी प्रक्रिया को SOTTO मध्यप्रदेश से आवश्यक अनुमोदन मिलने के बाद ही आगे बढ़ाया गया।

मां का त्याग, डॉक्टरों की मेहनत और अस्पताल की बड़ी उपलब्धि

किडनी प्रत्यारोपण के बाद डोनर और रिसीवर दोनों की स्थिति स्थिर बताई गई है और दोनों स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। बेटे को नई जिंदगी देने वाली मां का यह निर्णय परिवार के लिए भावनात्मक और जीवन बदलने वाला क्षण रहा। इस सफल ऑपरेशन ने यह साबित कर दिया कि सही मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और मजबूत प्रबंधन के साथ छोटे शहरों में भी बड़े और जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा सकते हैं।

ऑल इज़ वेल और शाल्बी हॉस्पिटल इंदौर की संयुक्त टीम ने किया ऑपरेशन

यह जटिल लेप्रोस्कोपिक किडनी प्रत्यारोपण ऑल इज़ वेल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल और शाल्बी हॉस्पिटल, इंदौर की संयुक्त शल्य-चिकित्सा टीम ने सफलतापूर्वक किया। टीम में यूरो-सर्जन डॉ. प्रशांत खैरनार, डॉ. पृथ्वीराज गोमसाले, नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. प्रांजल काशीव, डॉ. माधुर मनियार और एनेस्थेसियोलॉजिस्ट डॉ. हितेशी बैस शामिल रहे। किडनी ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रिया में केवल ऑपरेशन ही नहीं, बल्कि मरीज और डोनर की गहन जांच, काउंसलिंग, मेडिकल फिटनेस, कानूनी अनुमति और पोस्ट ऑपरेटिव केयर अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में भी करीब तीन महीने तक कठोर मूल्यांकन, परामर्श और कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. माधुर मनियार और ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर श्रीमती प्रीति खैरनार के मार्गदर्शन में सभी आवश्यक प्रक्रियाएं संपन्न हुईं। अस्पताल की कार्यकारी निदेशक श्रीमती देवांशी चौकसे ने भी पूरी प्रक्रिया के दौरान परिवार को प्रत्यक्ष सहयोग प्रदान किया।

बुरहानपुर के मरीज को भी मुंबई जैसी देखभाल मिलनी चाहिए

ऑल इज़ वेल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के संस्थापक अध्यक्ष आनंद प्रकाश चौकसे ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल एक शल्य-चिकित्सा सफलता नहीं है, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवा देश के हर जिले तक पहुंच सकती है और पहुंचनी भी चाहिए। उन्होंने कहा, बुरहानपुर के एक मरीज को वही देखभाल मिलनी चाहिए, जो मुंबई में मिलती है। आज हमने यह सिद्ध कर दिखाया है।

हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक कबीर चौकसे ने कहा कि यह उपलब्धि पूरी टीम के समर्पण, मेहनत और मेडिकल अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। अस्पताल का लक्ष्य है कि अंग प्रत्यारोपण को निमाड़ क्षेत्र और आसपास की जनता के लिए सुलभ और नियमित सेवा बनाया जाए।

महानगरों पर निर्भरता कम होगी, मरीजों को मिलेगी राहत

अब तक बुरहानपुर, निमाड़ और खानदेश क्षेत्र के मरीजों को किडनी प्रत्यारोपण जैसी चिकित्सा सुविधा के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ता था। इससे मरीजों और परिजनों पर इलाज के साथ यात्रा, ठहरने, भोजन, आर्थिक खर्च और मानसिक तनाव का भारी बोझ पड़ता था। बुरहानपुर में यह सुविधा शुरू होने से क्षेत्र के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर ऐसे परिवार, जो सीमित संसाधनों के कारण बड़े शहरों तक पहुंचने में कठिनाई महसूस करते थे, उनके लिए यह सुविधा आशा की नई किरण है।

पहले भी कई उन्नत सेवाओं की शुरुआत कर चुका है अस्पताल

ऑल इज़ वेल मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल इससे पहले भी निमाड़ क्षेत्र में कई अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं की शुरुआत कर चुका है। अस्पताल में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, ओपन हार्ट सर्जरी, वाल्व रिप्लेसमेंट, ब्रेन सर्जरी और कैंसर सर्जरी जैसी उन्नत प्रक्रियाएं की जा चुकी हैं। अब किडनी प्रत्यारोपण की सफल शुरुआत ने अस्पताल को मध्य भारत के प्रमुख सुपर स्पेशलिटी और ट्रांसप्लांट रेफरल सेंटर के रूप में नई पहचान दी है।

बुरहानपुर के स्वास्थ्य इतिहास में जुड़ा नया अध्याय

बुरहानपुर जैसे टियर-II शहर में पहला सफल किडनी प्रत्यारोपण स्वास्थ्य क्षेत्र की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। यह उपलब्धि बताती है कि आधुनिक चिकित्सा सेवाएं अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रह सकतीं। विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित टीम, तकनीकी संसाधनों और बेहतर अस्पताल प्रबंधन के दम पर जिला स्तर पर भी जटिल उपचार संभव हैं। ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल की यह सफलता बुरहानपुर, निमाड़ और खानदेश के मरीजों के लिए भरोसे, सुविधा और उम्मीद का नया अध्याय है।

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