बुरहानपुर। भुसावल रेल मंडल में बुरहानपुर, नेपानगर और खंडवा क्षेत्र के साथ हो रही रेल उपेक्षा को लेकर सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने सोमवार को डीआरएम पुनीत अग्रवाल के सामने दो टूक शब्दों में नाराजगी जाहिर की। भुसावल में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सांसद ने कहा कि यात्रियों को सालों से बुनियादी सुविधाओं और ट्रेनों के ठहराव से वंचित रखा जा रहा है, अब यह नहीं चलेगा।
बैठक में पंधाना विधायक छाया मोरे, डीआरयूसीसी सदस्य पंकज नाटानी, मनोज सोनी सहित भुसावल मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने रेल सेवाओं, सुरक्षा, ओवरब्रिज-अंडरब्रिज, स्टेशन सुविधाओं और ट्रेनों के स्टॉपेज को लेकर अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए।
46 करोड़ का ओवरब्रिज बना लोगों की मुसीबत
सांसद श्री पाटील ने लालबाग–चिंचाला रेलवे ओवरब्रिज के काम की धीमी गति पर तीखी नाराजगी जताते हुए कहा कि 46 करोड़ रुपये की यह योजना सालों से अधर में लटकी है और रोजाना हजारों लोग जाम और हादसों की परेशानी झेल रहे हैं। डीआरएम को आखिरकार यह कहना पड़ा कि यह कार्य जून 2026 तक पूरा किया जाएगा।
नेपानगर से छीनी गई ट्रेनें अब लौटेंगी
सांसद पाटील ने कहा कि नेपानगर स्टेशन पर कोविड काल से बंद किए गए ट्रेनों के स्टॉपेज आज तक बहाल नहीं किए गए, जिससे पूरे क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने साफ कहा कि यह अन्याय तुरंत खत्म होना चाहिए। डीआरएम ने स्टॉपेज बहाली के लिए प्रयास जारी होने की बात कही, जिस पर सांसद ने ठोस समयसीमा मांगी।
नई ट्रेनें और ज्यादा स्टॉपेज की मांग
बैठक में सांसद ने कई अहम प्रस्ताव रखे। खंडवा-सनावद मेमू ट्रेन को भुसावल तक बढ़ाया जाए, जिससे बीच के स्टेशनों को लाभ मिले। त्र्यंबकेश्वर से ओंकारेश्वर तक नई ट्रेन शुरू की जाए। ग्रीष्मकालीन ट्रेनों का बुरहानपुर स्टॉपेज सुनिश्चित किया जाए। मलकापुर स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनों को बुरहानपुर में भी ठहराव दिया जाए।
स्टेशन सुविधाओं की पोल खोली
डीआरयूसीसी सदस्य पंकज नाटानी ने बुरहानपुर स्टेशन की बदहाल स्थिति उजागर करते हुए बताया कि डाउन प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर शौचालय तक नहीं है। सांसद द्वारा स्वीकृत गुड्स शेड का काम बंद पड़ा है। गुड्स शेड की सड़क पूरी तरह जर्जर है, जबकि पिछले दो महीनों में ही यहां से करीब 5 करोड़ रुपये का राजस्व रेलवे को मिला। बड़नेरा (महाराष्ट्र) और खंडवा, दोनों एक ही मंडल में होने के बावजूद आज तक रेल से नहीं जुड़े। नेपानगर के मातापुर बाजार में रेलवे अंडरपास महीनों से बंद पड़ा है, जिससे शहर का यातायात ठप है।
दिल्ली तक जाएगा मामला
सांसद पाटील ने अधिकारियों को साफ शब्दों में चेताया कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो इन मुद्दों को रेल मंत्रालय और संसद में जोर-शोर से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बुरहानपुर और नेपानगर के साथ सौतेला व्यवहार अब खत्म होना चाहिए। भुसावल में हुई यह बैठक क्षेत्र के यात्रियों के हक की लड़ाई का बड़ा मोर्चा बनकर सामने आई है, जिससे रेलवे पर दबाव साफ तौर पर बढ़ गया है।