शाहपुर। बख्खारी में ढाई साल पहले हुए सनसनीखेज हत्या के प्रयास मामले में आखिरकार पुलिस को बड़ी कामयाबी मिल गई। शाहपुर थाना पुलिस ने 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी बापू पिता वासुदेव धनगर को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वारदात के बाद लगातार ठिकाने बदलता रहा और पुलिस को चकमा देने के लिए मोबाइल भी बंद कर दिया था।
दरअसल नवंबर 2023 की रात जगदीश महार अपने घर के बाहर खटिया पर लेटा था। तभी दो मोटरसाइकिलों से पहुंचे बदमाशों ने धारदार हथियार से उसके गले पर हमला कर दिया। वार इतना गहरा था कि हमलावरों को लगा जगदीश बच नहीं पाएगा, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। घटना के बाद घायल के पिता श्रीराम महार की शिकायत पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया था।
जांच में मुख्य आरोपी बापू धनगर की पहचान हुई, लेकिन वह वारदात के बाद फरार हो गया। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से महाराष्ट्र के कई इलाकों—वरणगांव, बोदवड, सावदा, मनमाड, धुलिया, कोल्हापुर और नसीराबाद—में दबिश दी। आखिरकार मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम निमगांव पहुंची, जहां आरोपी खेतों में मजदूरी करता मिला। पुलिस को देखते ही वह जंगल की ओर भागा, लेकिन घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
पूछताछ में खुला रंजिश का कारण
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घायल जगदीश महार के उसकी पत्नी से संबंध हो गए थे। इसी बात से वह अंदर ही अंदर बदला लेने की आग में जल रहा था। आरोपी के मुताबिक उसकी पत्नी एक बार जगदीश के साथ तीन साल की बच्ची को लेकर चली भी गई थी। इसी रंजिश ने हत्या की साजिश को जन्म दिया।
पुलिस बोली—पछतावा नहीं, हत्या की नीयत साफ थी
पूछताछ में आरोपी ने साफ कहा कि उसने जगदीश को मारने की नीयत से ही हमला किया था। पुलिस के अनुसार आरोपी को अब भी अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं है। वह इस बात से दुखी था कि जगदीश बच गया। मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।
इनकी रही अहम भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा, उप निरीक्षक अजय सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक मनोज मोरे, गणेश पाटील, साइबर सेल आरक्षक दुर्गेश पटेल सहित महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन पूरा किया।