बुरहानपुर। सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए कभी नगर निगम, कभी खाद्य विभाग तो कभी सामाजिक न्याय और दूसरे कार्यालयों के चक्कर लगाने वाले लोगों को एक ही जगह विभागीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुरहानपुर में सेवा सेतु शिविर लगाया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सदन लॉ कॉलेज भवन में आयोजित शिविर में शासन के विभिन्न विभाग एक छत के नीचे आए। नागरिकों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं और योजनाओं से जुड़े प्रकरणों पर आवश्यक कार्रवाई की गई। कई समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया।
शिविर में समग्र आईडी, संबल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन, जन्म-मृत्यु पंजीयन सहित विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं से जुड़े मामले पहुंचे। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से संबंधित प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। खास बात यह रही कि मंच से महापौर माधुरी अतुल पटेल ने मैदानी अमले को स्पष्ट संदेश दिया कि केवल शिविर लगाना पर्याप्त नहीं है। पात्र व्यक्ति यदि खुद सरकारी व्यवस्था तक नहीं पहुंच पा रहा है तो मैदानी अमले को उसके घर तक पहुंचकर उसे योजना से जोड़ना होगा।
Table of Contents
एक जगह मिले कई विभाग, कार्यालयों के चक्कर से राहत
शिविर में श्रम कल्याण, विद्युत, सहकारिता, नगर पालिक निगम, लेखा, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, खाद्य विभाग, आवास योजना, संबल योजना, जन्म-मृत्यु पंजीयन, सामाजिक न्याय और पेंशन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों में जाने के बजाय एक ही स्थान पर संबंधित विभाग के अधिकारी के सामने अपनी समस्या रखने और योजना की जानकारी लेने का अवसर मिला। अधिकारियों ने हितग्राहियों की समस्याएं सुनीं और जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव थी, उनमें मौके पर आवश्यक कार्रवाई की गई। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर की। इस दौरान पात्र हितग्राहियों को मंच पर बुलाकर उनसे योजनाओं से मिले लाभ की जानकारी भी ली गई।
महापौर ने कहा- योजना है तो पात्र व्यक्ति तक लाभ भी पहुंचना चाहिए
महापौर माधुरी अतुल पटेल ने कहा कि सेवा सेतु शिविर का उद्देश्य सिर्फ योजनाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि पात्र व्यक्ति को उसका वास्तविक लाभ दिलाना और उसकी समस्या का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि जो नागरिक किसी कारण से शासकीय योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं, वे शिविरों में अपनी समस्या दर्ज कराएं। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि पात्रता के अनुसार ऐसे लोगों को समय पर योजनाओं से जोड़ा जाए। महापौर ने अधिकारियों और मैदानी अमले से कहा कि शिविर में सामने आई समस्याओं और अनुभवों को केवल आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाए। इनके आधार पर आगामी शिविरों और विभागीय व्यवस्था में सुधार किया जाए।
‘घर-घर जाए मैदानी अमला, पता लगाए कौन योजना से वंचित’
महापौर माधुरी पटेल ने राजस्व निरीक्षकों और मैदानी कर्मचारियों को घर-घर संपर्क करने की बात कही। उन्होंने कहा कि अमला लोगों के बीच जाकर पता लगाए कि कौन पात्र व्यक्ति किस योजना से वंचित है और उसकी समस्या क्या है। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। सेवा सेतु शिविर शासन और हितग्राही के बीच इसी दूरी को कम करने का माध्यम है।
अर्चना चिटनिस ने कहा- सिर्फ शिविर लगाना सफलता नहीं
विधायक अर्चना चिटनिस ने भी अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु जैसे शिविर शासन की योजनाओं को सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन केवल शिविर आयोजित कर देना ही पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी, जब पात्र व्यक्ति तक पहुंचकर उसे योजना का लाभ दिलाया जाए। राजस्व निरीक्षक और संबंधित कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करें। जो व्यक्ति किसी कारण से सरकारी कार्यालय या शिविर तक नहीं पहुंच सकता, उसकी समस्या के समाधान के लिए व्यवस्था उसके द्वार तक पहुंचे। चिटनिस ने कहा कि शिविर में मिले अनुभवों से सीखकर आगामी शिविरों को अधिक प्रभावी और परिणामदायी बनाया जाना चाहिए। योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और लगातार फॉलोअप जरूरी है।
प्लास्टिक से दूरी का संदेश, स्टील के उपयोग की अपील
शिविर में योजनाओं और समस्याओं के समाधान के साथ स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। महापौर माधुरी पटेल ने नागरिकों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन में पर्यावरण के लिए हानिकारक प्लास्टिक के स्थान पर स्टील के बर्तन और अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ाया जाना चाहिए। शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की जिम्मेदारी केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी है।
शिविर का असली पैमाना अब फॉलोअप
सेवा सेतु शिविर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी से नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का मंच मिला। समग्र, संबल, आवास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रकरणों पर कार्रवाई भी हुई। अब ऐसे शिविरों की प्रभावशीलता का असली पैमाना यह होगा कि शिविर में आए लंबित प्रकरण कितने समय में निपटते हैं और मैदानी अमला शिविर तक नहीं पहुंच पाने वाले पात्र हितग्राहियों को खोजकर योजनाओं से कितना जोड़ पाता है। महापौर और विधायक दोनों के संबोधन में भी इसी फॉलोअप पर जोर रहा।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक अर्चना चिटनिस, महापौर माधुरी अतुल पटेल, जिला अध्यक्ष मनोज माने, पार्षद धनराज महाजन, संभाजी सगरे, भारत इंगले, नितेश दलाल, सांसद प्रतिनिधि मनोज टंडन, वरिष्ठ पार्षद चिंतामन महाजन, विपुल कानूनगो, कलेक्टर हर्ष सिंह, नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त स्वर्णिका वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक मौजूद रहे।

