बुरहानपुर। एक तरफ बहन की आंखों में आंसू थे… दूसरी तरफ भाई मौत के फंदे पर झूल रहा था। हर गुजरता सेकंड जिंदगी को खत्म करने की ओर बढ़ रहा था। लेकिन तभी पुलिस ने ऐसी दौड़ लगाई कि मौत को भी हार माननी पड़ी। लालबाग थाना में जब एक युवती कांपते हाथों में मोबाइल लेकर पहुंची, तो वहां मौजूद हर शख्स की सांसें थम गईं। मोबाइल में चल रहा वीडियो उसके भाई का था—जिसमें वह खुद को फांसी लगाने की बात कह रहा था। हालात बेहद गंभीर थे… और वक्त बहुत कम।
सेकंडों में बदल गया पूरा खेल
उप निरीक्षक जयपाल सिंह राठौर ने एक पल भी गंवाए बिना साइबर सेल से संपर्क साधा। लोकेशन ट्रेस हुई—गुरूसिख नगर, पातोंडा रोड के पास खेत। थाना प्रभारी अमित सिंह जादौन के निर्देश पर तुरंत FRV 02 को रवाना किया गया।
कांटों के बीच लटकती जिंदगी
जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो दिल दहलाने वाला मंजर सामने था। एक युवक—बबूल के कांटेदार पेड़ पर… काले दुपट्टे के फंदे से झूल रहा था। हर पल उसकी सांसें टूटने के करीब थीं। लेकिन पुलिस रुकी नहीं… डरी नहीं…
मौत से सीधा मुकाबला
प्रआर सुशील इंगले, आर यशवंत तिजारे और FRV पायलट नितीन ने राहगीर संदीप कडु की मदद से जान की बाजी लगाकर रेस्क्यू शुरू किया। कांटों से भरे बबूल के पेड़ तक पहुंचना आसान नहीं था… लेकिन साथियों ने कंधों पर चढ़ाकर यशवंत तिजारे को ऊपर पहुंचाया। उन्होंने बिना देर किए फंदा काटा… और मौत के फंदे पर झूल रहे युवक को नीचे उतार लिया। नीचे आते ही गले का फंदा खोला गया… और सांसों को लौटाने की जंग शुरू हो गई।
एक पल की देरी… और सब खत्म हो जाता
तुरंत युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने राहत की सांस ली—जिंदगी बच चुकी थी। अगर पुलिस कुछ सेकंड भी देर करती… तो यह खबर एक मौत की बन जाती।
बचा लिया गया एक घर का सहारा
इस पूरे घटनाक्रम में बचाया गया युवक है— सफीक पिता रफीक तड़वी, निवासी इंदिरा कॉलोनी, बुरहानपुर। आज वह जिंदा है… क्योंकि पुलिस ने सिर्फ ड्यूटी नहीं निभाई, इंसानियत भी दिखाई।
बहादुरी को मिला सम्मान
इस साहसिक और संवेदनशील कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार ने पूरी टीम को नगद पुरस्कार देने के निर्देश दिए। उप निरीक्षक जयपाल सिंह राठौर, प्रआर 493 सुशील इंगले, आर 106 यशवंत तिजारे, FRV पायलट नितीन, राहगीर संदीप कडु सम्मानित हुए।