बुरहानपुर/नेपानगर। नेपानगर की सियासत में गुरुवार रात बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंडल अध्यक्ष की शिकायत पर पुलिस ने 12 कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। मामला 8 जनवरी को हुए उस विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसने भाजपा कार्यालय के सामने माहौल पूरी तरह गर्म कर दिया था। युवक कांग्रेस के इस प्रदर्शन में गंदे पानी की बोतलें, ‘बेशर्म’ के पौधे और तीखी नारेबाजी ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। नेपा थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023) की धारा 223-ए के तहत केस दर्ज किया है।
दरअसल भाजपा मंडल अध्यक्ष निलेश महाजन ने शिकायत में आरोप लगाया कि 8 जनवरी को कांग्रेस नेताओं ने बिना अनुमति अंबेडकर चौराहे से मातापुर बाजार तक रैली निकाली। रैली के दौरान भाजपा कार्यालय के सामने डिवाइडर पर ‘बेशर्म’ के पौधे लगाए गए और कार्यालय की सीढ़ियों पर चढ़कर गंदे पानी से भरी बोतलें रख दी गईं। यही नहीं, जोरदार नारेबाजी कर माहौल को जानबूझकर उग्र किया गया।
भाजपा का कहना है कि जिस भवन के सामने यह प्रदर्शन किया गया, वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता मनोज महेश्वरी का निवास भी है, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का खतरा पैदा हुआ।
12 नेताओं पर FIR, कांग्रेस संगठन में हड़कंप
पुलिस ने जिन 12 कांग्रेस नेताओं को नामजद किया है, उनमें ग्रामीण और शहरी संगठन के बड़े चेहरे शामिल हैं—
- ग्रामीण कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष जगमीत सिंह जॉली
- शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश सिंह बैस
- मंडलम अध्यक्ष पांडूरंग आमले
- पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सोहन सैनी
- नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद पाटील
- पूर्व नेता प्रतिपक्ष व पार्षद प्रतिनिधि राजेश पटेल
- पार्षद प्रतिनिधि व मराठा समाज अध्यक्ष राजू दामू पाटील
- युवक कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र मसाने
- आदिवासी विकास परिषद जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह जमरा
- कांग्रेस नेता आकाश राठौर
- कांग्रेस नेता किशोर राजपूत
- पार्षद प्रतिनिधि पंकज मल्लना
एक साथ इतने नेताओं पर केस दर्ज होने से कांग्रेस खेमे में हलचल तेज हो गई है।
कांग्रेस ने बताया ‘राजनीतिक बदले की कार्रवाई’
यह पूरा विरोध प्रदर्शन इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों के विरोध में युवक कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय आंदोलन का हिस्सा था। ग्रामीण कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष जगमीत सिंह जॉली ने एफआईआर को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा इंदौर में जिनकी लापरवाही से लोगों की जान गई, उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन जब कांग्रेस ने सवाल उठाए तो नेताओं-कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज कर दी गई। यह दोहरा मापदंड है।
भाजपा का पलटवार—कानून से ऊपर कोई नहीं
वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि विरोध के नाम पर कानून तोड़ना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने जानबूझकर उकसावे वाली हरकत कर सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश की, इसलिए कार्रवाई पूरी तरह जायज है।
नेपानगर में सियासी जंग तेज, आगे और बढ़ सकता है मामला
एक ओर जहां कांग्रेस इसे जनहित की आवाज दबाने की कार्रवाई बता रही है, वहीं भाजपा इसे अनुशासनहीनता और कानून उल्लंघन करार दे रही है। स्पष्ट है कि नेपानगर में यह मामला अब सिर्फ FIR तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत साफ दिख रहे हैं।