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फर्जी इंजीनियर बनकर मोबाइल टावरों की रैकी, फिर 60 फीट ऊपर चढ़कर काटते थे केबल, 24 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार

नेपानगर पुलिस ने हाईटेक अंतर-जिला गिरोह का पर्दाफाश किया,₹1.29 लाख की केबल और औजार जब्त

बुरहानपुर। जिले में मोबाइल टावरों से कीमती तांबा केबल चोरी करने वाले हाईटेक अंतर-जिला गिरोह का बुरहानपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। नेपानगर पुलिस ने ऐसे शातिर गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी इंजीनियर और मेंटेनेंस कर्मचारी बनकर मोबाइल टावरों की रैकी करते थे। आरोपी लैपटॉप, आईडी कार्ड और औजारों से भरा बैग लेकर मौके पर पहुंचते थे, ताकि आसपास के लोगों को लगे कि कंपनी का अधिकृत मेंटेनेंस कार्य चल रहा है। मौका मिलते ही आरोपी 60 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर कीमती तांबा केबल काटते और उसे छोटे टुकड़ों में भरकर कार से फरार हो जाते थे।

Sadaiv News
नेपानगर पुलिस ने हाईटेक गिरोह पकड़ा

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ₹1,29,200 कीमत की चोरी की केबल और वारदात में प्रयुक्त आरी कटर, चाकू, प्लायर, टाई पैकेट, पाने-पेंचकस सहित कई उपकरण जब्त किए हैं। मामले में दो आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। फरार आरोपियों से वारदात में उपयोग की गई बलेनो कार और चोरी की शेष सामग्री बरामद की जानी है।

बीएसएनएल टावर से 200 मीटर केबल काट ले गए थे आरोपी

घटना 16 मई 2026 की शाम करीब 6 बजे ग्राम सीवल की है। यहां स्थित बीएसएनएल टावर से अज्ञात बदमाश करीब 200 मीटर लंबी तांबा कोर वाली केबल काटकर ले गए थे। चोरी गई केबल की कीमत करीब ₹1.50 लाख बताई गई। इस मामले में 17 मई को फरियादी लतेन्द्र बिल्लोरे उम्र 42 वर्ष निवासी डाकवाड़ी बुरहानपुर ने नेपानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। फरियादी बीएसएनएल कंपनी में जेटीओ के पद पर कार्यरत हैं और जिले में मोबाइल नेटवर्क मेंटेनेंस का कार्य देखते हैं। उनकी रिपोर्ट पर नेपानगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 147/2026, धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

24 घंटे में पुलिस आरोपियों तक पहुंची

मोबाइल टावर से केबल चोरी का मामला सामान्य चोरी नहीं था। मामला दूरसंचार सेवा से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश और एसडीओपी नेपानगर निर्भय सिंह अलावा के मार्गदर्शन में नेपानगर पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। पुलिस ने मुखबिर तंत्र और सर्विलांस को अलर्ट किया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि खंडवा पासिंग की संदिग्ध बलेनो कार में चार लोग मौके पर आए थे। इनमें से दो आरोपी पेशेवर तरीके से टावर पर चढ़े और केबल काटकर नीचे गिरा दी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात कबूल कर ली।

पूर्व टावर कर्मचारी ने बनाया गिरोह

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी दिलीप पिता रामकृष्ण चौधरी पहले धार जिले में एयरटेल कंपनी के टावरों पर पावर मेंटेनेंस का काम करता था। इसी कारण उसे मोबाइल टावरों की तकनीकी जानकारी थी। उसे पता था कि टावर में कौन सी केबल की कीमत अधिक होती है, केबल कहां से काटी जा सकती है और वारदात को कैसे कम समय में अंजाम दिया जा सकता है। नौकरी छोड़ने के बाद दिलीप ने इस तकनीकी जानकारी का गलत इस्तेमाल किया। उसने अपने साथियों यशवंत राजपूत, रतन मीणा और आशुतोष मीणा के साथ मिलकर खंडवा में किराए का कमरा लिया और मोबाइल टावरों को निशाना बनाने वाला संगठित गिरोह तैयार कर लिया।

दिन में रैकी, शाम को वारदात

आरोपी पहले दिन में टावरों की रैकी करते थे। वे लैपटॉप, आईडी कार्ड और औजार लेकर टावर स्थल पर पहुंचते थे। टावर की फोटो खींचते, आसपास का माहौल देखते और लोगों को यह भ्रम देते कि वे कंपनी की ओर से मेंटेनेंस कार्य करने आए हैं। इसी वजह से स्थानीय लोगों को उन पर शक नहीं होता था। 16 मई को भी आरोपियों ने यही तरीका अपनाया। आरोपी सीवल पहुंचे। औजारों से भरा बैग निकाला गया। इसके बाद आशुतोष और रतन करीब 60 फीट ऊंचे टावर पर चढ़े। कटर की मदद से केबल काटी गई और नीचे गिराई गई। नीचे मौजूद साथियों ने केबल को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर बोरियों में भरा और कार से फरार हो गए।

दो आरोपी गिरफ्तार, दो फरार

नेपानगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें आशुतोष पिता राजेन्द्र मीणा उम्र 27 वर्ष निवासी खंडवा और दिलीप पिता रामकृष्ण चौधरी उम्र 37 वर्ष निवासी हरदा, हाल मुकाम खंडवा शामिल हैं। मामले में यशवंत राजपूत और रतन मीणा फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस को उम्मीद है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।

जब्त सामग्री

पुलिस ने आरोपियों से चोरी की गई ₹1,29,200 कीमत की तांबा केबल बरामद की है। इसके साथ ही वारदात में उपयोग किए गए आरी कटर, चाकू, प्लायर, टाई पैकेट, छोटे-बड़े पाने और पेंचकस जब्त किए गए हैं। पुलिस अब चोरी में इस्तेमाल बलेनो कार और शेष माल की बरामदगी के प्रयास कर रही है।

संगठित तरीके से करते थे अपराध

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सामान्य चोर नहीं थे, बल्कि मोबाइल टावरों की तकनीकी जानकारी का उपयोग कर अपराध कर रहे थे। फर्जी इंजीनियर की पहचान, रैकी, ऊंचाई पर चढ़ने की ट्रेनिंग, औजारों की तैयारी और कार से फरार होने की योजना—सब कुछ पहले से तय रहता था। आरोपी ऐसे टावर चुनते थे, जहां निगरानी कम हो और केबल काटने के बाद तुरंत भागा जा सके।

पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी नेपानगर ज्ञानु जायसवाल, सहायक उपनिरीक्षक सूरज सिंह मौर्य, प्रधान आरक्षक 428 हिम्मत सिंह और आरक्षक 346 गजेंद्र रावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने सराहनीय कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है।

अन्य जिलों की वारदातों से भी जुड़ सकते हैं तार

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह गिरोह केवल बुरहानपुर जिले में सक्रिय था या आसपास के अन्य जिलों में भी मोबाइल टावरों को निशाना बना चुका है। चूंकि आरोपी खंडवा में रह रहे थे और गिरोह में हरदा, खंडवा सहित अन्य क्षेत्रों के लोग शामिल हैं, इसलिए पुलिस अंतर-जिला नेटवर्क की दिशा में भी जांच आगे बढ़ा रही है।

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