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जल संकट: प्रभारी कार्यपालन यंत्री से प्रभार वापस लेने का प्रस्ताव एमआईसी में पहुंचा

महापौर का आरोप- शहर पानी के लिए परेशान रहा, जिम्मेदार अधिकारी ने न जानकारी दी, न बैठक में पहुंचे; जल आवर्धन योजना पर भी उठे गंभीर सवाल

बुरहानपुर। शहर में गहराए जल संकट के बीच नगर निगम के अंदर अब जवाबदेही तय करने की कवायद तेज हो गई है। मेयर इन काउंसिल की बैठक में जल विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री प्रेम कुमार साहू से सौंपा गया प्रभार वापस लेने का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव में जल संकट के दौरान लापरवाही, असहयोगात्मक रवैये, जनप्रतिनिधियों को समय पर जानकारी नहीं देने और महत्वपूर्ण बैठकों से अनुपस्थित रहने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

प्रस्ताव में कहा गया है कि नगर में लंबे समय से जल संकट की स्थिति बनी हुई थी। इस दौरान पार्षदों और नागरिकों द्वारा लगातार महापौर से संपर्क कर पेयजल समस्या की शिकायत की जा रही थी। लोगों का कहना था कि नलों में पानी नहीं आ रहा, रात तक पानी का इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन जल विभाग की ओर से समय पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। आरोप है कि प्रभारी कार्यपालन यंत्री द्वारा न तो महापौर को जल संकट की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया गया और न ही संकट से निपटने के लिए ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।

सबसे बड़ा मामला 12 मई 2026 को बुलाई गई बैठक से जुड़ा है। प्रस्ताव के अनुसार जल संकट की गंभीर स्थिति को देखते हुए दोपहर 3 बजे निगम कार्यालय में एमआईसी सदस्यों और जल विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी। कार्यालय से उपयंत्री सहित संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई थी। इसके बावजूद प्रभारी कार्यपालन यंत्री प्रेम कुमार साहू बैठक में नहीं पहुंचे। प्रस्ताव में आरोप है कि उन्होंने न तो बैठक में अनुपस्थित रहने की पूर्व सूचना दी और न ही कोई प्रतिनिधि भेजा। इसके चलते बैठक निरस्त करनी पड़ी।

महापौर ने प्रस्ताव में यह भी कहा कि संबंधित अधिकारी का व्यवहार पार्षदों, ठेकेदारों, इंजीनियरों और नागरिकों के प्रति लगातार असंतोषजनक रहा है। उनके खिलाफ मौखिक और लिखित शिकायतें मिलती रही हैं। दस्तावेज में पूर्व पार्षदों और नागरिकों के साथ कथित अशोभनीय व्यवहार के उदाहरणों का भी उल्लेख किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया कि ऐसे अधिकारी के कारण निगम की छवि प्रभावित होती है और आमजन में असंतोष बढ़ता है।

जल आवर्धन योजना को लेकर भी प्रस्ताव में गंभीर सवाल उठाए गए हैं। महापौर की ओर से पूर्व में नोटशीट भेजकर कहा गया था कि भीषण गर्मी में जलस्तर गिरने से जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है, इसलिए समय रहते वैकल्पिक योजना तैयार की जाए। प्रस्ताव के अनुसार इस पर जल विभाग द्वारा पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा यह रहा कि गर्मी बढ़ने के साथ शहर में पानी की समस्या गंभीर होती गई और नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ी।

प्रस्ताव में साफ कहा गया है कि जब शहर के लोग पानी के लिए परेशान थे, तब जल विभाग के जिम्मेदार अधिकारी का जनप्रतिनिधियों से समन्वय न रखना और महत्वपूर्ण बैठक से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही है। इसी आधार पर प्रभारी कार्यपालन यंत्री प्रेम कुमार साहू से सौंपा गया प्रभार वापस लेने और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।

प्रभारी कार्यपालन यंत्री को जायेंगे मूल पद पर

एमआईसी की बैठक में प्रभारी कार्यपालन यंत्री प्रेम कुमार साहू को सौंपे गए प्रभार वापस लेने और उन्हें हटाने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। प्रेम साहू अब अपने मूल पद सहायक यंत्री के रूप में काम करेंगे। – संदीप श्रीवास्तव, आयुक्त नपानि बुरहानपुर

 

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