बुरहानपुर। क्या बुरहानपुर की वर्षों पुरानी यातायात परेशानी अब दूर होगी? क्या सिंधीबस्ती से लोनी स्थित मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र सीमा तक बनने वाली 54.13 करोड़ रुपए की सड़क शहर और जिले की रफ्तार बदल देगी? इन्हीं उम्मीदों और सवालों के बीच विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने इस बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजना को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
उन्होंने 8.65 किलोमीटर लंबे सीमेंट कांक्रीट मार्ग का स्थल निरीक्षण किया और इसके बाद अधिकारियों, निर्माण एजेंसी तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने साफ कहा कि यह सड़क केवल सीमेंट-कांक्रीट का निर्माण नहीं, बल्कि बुरहानपुर की जनता की सुविधा, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा काम है। इसलिए गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
काम की रफ्तार पर नाराजगी, एजेंसी को दो टूक चेतावनी
निरीक्षण के दौरान श्रीमती चिटनिस ने निर्माण कार्य की प्रगति, तकनीकी गुणवत्ता, सामग्री के उपयोग, सुरक्षा मानकों और मौके की वास्तविक स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की। कार्य की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्माण एजेंसी और अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि काम में ढिलाई अब नहीं चलेगी। सड़क का निर्माण तय तकनीकी मानकों के अनुसार मजबूत, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गुणवत्ता में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आई, तो संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। चिटनिस ने कहा कि बुरहानपुर से महाराष्ट्र को जोड़ने वाला यह मार्ग व्यापार, उद्योग, कृषि, शिक्षा और आम नागरिकों की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में जनता की उम्मीदों से जुड़ी इस परियोजना को गंभीरता से पूरा करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है।
बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर बने बाधा, जल्द हटाने के निर्देश
सड़क निर्माण में बाधा बन रहे विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर और तारों को लेकर भी चिटनिस ने विद्युत विभाग को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग और निर्माण एजेंसी आपसी समन्वय बनाकर इन बाधाओं को प्राथमिकता से हटाएं, ताकि निर्माण कार्य बिना रुकावट तेजी से आगे बढ़ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय तालमेल की कमी के कारण जनता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। जो भी प्रशासनिक या तकनीकी बाधाएं हैं, उनका समाधान मौके पर और समयबद्ध तरीके से किया जाए।
दो बड़े मार्गों पर एक साथ काम से बढ़ सकती है जनता की परेशानी
शहर की यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए चिटनिस ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर से होकर गुजरने वाले इस मार्ग का निर्माण तब तक शुरू न किया जाए, जब तक शनवारा से गणपतिनाका तक निर्माणाधीन मार्ग का काम पूरा नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि यदि दोनों प्रमुख मार्गों पर एक साथ निर्माण शुरू हुआ, तो शहरवासियों को भारी जाम, धूल, डायवर्जन और असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए लोनी-बहादरपुर से टैक्समो पाइप फैक्ट्री तक निर्माण कार्य तेजी से किया जाए और पूरी परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए।
डायवर्जन प्लान के बिना काम नहीं, सुरक्षा पहले
निर्माण अवधि में यातायात प्रबंधन को लेकर चिटनिस ने विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्य शुरू होने से पहले प्रभावी डायवर्जन प्लान तैयार किया जाए। बहादरपुर से हतनूर और कलेक्टर कार्यालय से हतनूर की ओर जाने वाले यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, संकेतक बोर्ड, रात्रिकालीन रिफ्लेक्टर, सुरक्षा व्यवस्था और वैकल्पिक मार्गों की स्पष्ट जानकारी अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। सड़क बने, लेकिन जनता की सुरक्षा और सुविधा प्रभावित न हो, यह प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है।
बारिश में जलभराव न हो, इसलिए ड्रेनेज पर भी जोर
बुरहानपुर में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या अक्सर लोगों की परेशानी बढ़ा देती है। इसी को देखते हुए चिटनिस ने सड़क निर्माण के साथ जलनिकासी व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक स्थानों पर ड्रेनेज पाइप लाइन डाली जाए, ताकि वर्षा ऋतु में पानी का सुचारु निकास हो सके। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण ऐसा हो, जिससे आने वाले वर्षों में जनता को राहत मिले। सड़क बनने के बाद जलभराव की वही पुरानी समस्या दोबारा खड़ी नहीं होनी चाहिए।
8.65 किमी सड़क में फोरलेन, टू-लेन, पुलिया और बॉक्स कल्वर्ट शामिल
श्रीमती चिटनिस ने बताया कि उनके सतत प्रयासों से सिंधीबस्ती से लोनी स्थित मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र सीमा तक 8.65 किलोमीटर लंबे सीमेंट कांक्रीट मार्ग के लिए 54.13 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। अक्टूबर 2024 में प्रारंभिक स्वीकृति मिलने के बाद डीपीआर तैयार की गई और अब परियोजना का कार्य प्रगति पर है। परियोजना के तहत सिंधीबस्ती से कलेक्टर कार्यालय तक 14 मीटर चौड़ा फोरलेन मार्ग बनाया जाएगा। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय से लोनी स्थित मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र सीमा तक 7 मीटर चौड़ा टू-लेन सीमेंट कांक्रीट मार्ग बनेगा। इसके अलावा तीन प्रमुख पुलियाओं का नवीन निर्माण, कुल 11 पुलियाओं का निर्माण, एक पुलिया का सुधार कार्य और चार नए बॉक्स कल्वर्ट भी बनाए जाएंगे।
क्या इस सड़क से खत्म होगी महाराष्ट्र मार्ग की परेशानी?
परियोजना पूरी होने के बाद बुरहानपुर और महाराष्ट्र के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक होने की उम्मीद है। वर्षाकाल में संपर्क बाधित होने की समस्या से राहत मिलेगी। व्यापारियों, किसानों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है। महाराष्ट्र सीमा तक मजबूत सड़क बनने से कृषि उपज की आवाजाही आसान होगी, परिवहन व्यवस्था सुधरेगी और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि करोड़ों की यह सड़क तय समय में और तय गुणवत्ता के साथ पूरी होती है या नहीं।
बैठक में अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेंडे, नगर निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव, लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन यंत्री रविन्द्र वर्मा, अनुविभागीय अधिकारी अविनाश सोनी, एसडीएम श्रीमती पल्लवी पौराणिक, विद्युत विभाग के अधीक्षण यंत्री के.एस. मालवीय, यातायात सूबेदार राजेश बड़वाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गजानन महाजन, बलराज नावानी, नरहरी दीक्षित, प्रभाकर चौधरी, संभाजीराव सगरे, धनराज महाजन, आशीष शुक्ला, अनिल विस्पुते, गौरव शुक्ला, रितेश सरोदे, गौरव शिवहरे, योगेश महाजन, दुर्गेश शर्मा, रुद्रेश्वर एंडोले, राजकुमार वाघ, दीपक महाजन, संतोष गवई, उमेश देवस्कर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।