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विकास कार्यों में ढिलाई पर अर्चना चिटनीस सख्त, बोलीं—अब गांवों के कामों में देरी बर्दाश्त नहीं

पंचायतवार समीक्षा में अफसरों से लिया हिसाब, अधूरे निर्माण कार्यों की बाधाएं तत्काल दूर करने के निर्देश

बुरहानपुर। बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र के गांवों में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार अब जांच और जवाबदेही के दायरे में आ गई है। विधायक एवं पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस ने पंचायतवार समीक्षा बैठकों में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठकर निर्माण कार्यों की स्थिति का बारीकी से परीक्षण किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों में अब किसी भी तरह की देरी, लापरवाही या बहानेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी।

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विधायक अर्चना चिटनीस ने पंचायतवार समीक्षा बैठक में अधिकारियों को विकास कार्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक में विधायक निधि, मुख्यमंत्री अधोसंरचना, विधायक विशेष निधि, पंचम एवं पंद्रहवें वित्त आयोग सहित विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत कार्यों की पंचायतवार प्रगति देखी गई। अर्चना चिटनीस ने अधिकारियों से हर काम की वर्तमान स्थिति पूछी और जिन कार्यों में तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य बाधाएं सामने आईं, उनके तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।

फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए विकास

अर्चना चिटनीस ने कहा कि विकास कार्य केवल कागजों में नहीं, बल्कि गांवों की जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन निर्माण कार्यों में फाइल, स्वीकृति, जमीन, विभागीय अनुमति या तकनीकी कारणों से रुकावट है, उन्हें प्राथमिकता से दूर किया जाए। विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब आमजन के हितों के साथ अन्याय है।

हर पंचायत बनाए अपना विकास रोडमैप

बैठक में आगामी विकास कार्यों की कार्ययोजना पर भी व्यापक मंथन हुआ। विधायक ने प्रत्येक पंचायत से गांव की स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास रोडमैप तैयार करने को कहा। सड़क, पेयजल, सिंचाई, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, स्वच्छता और सामुदायिक अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

जल संरक्षण, स्वच्छता और कर वसूली पर भी फोकस

चिटनीस ने कहा कि गांवों का विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जल संरक्षण, स्वच्छता, पंचायतों की आर्थिक सुदृढ़ता, कर वसूली, सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त गांव, पौधरोपण और जनभागीदारी आधारित कार्यों को अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत, प्रशासन और जनप्रतिनिधि यदि एक टीम के रूप में काम करें, तो गांवों की तस्वीर बदली जा सकती है। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए कार्यसंस्कृति में तेजी और जिम्मेदारी दोनों जरूरी हैं।

समाधान आधारित कार्यसंस्कृति पर जोर

अर्चना चिटनीस ने कहा कि “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टिकरण” की कार्यसंस्कृति के साथ प्रत्येक पंचायत को विकास का केंद्र बनाना लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि बुरहानपुर विधानसभा क्षेत्र का हर गांव विकास, सुशासन और जनकल्याण का आदर्श बने, इसके लिए लगातार समीक्षा और समन्वय किया जा रहा है।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ सृजन वर्मा, एसडीएम पल्लवी पौराणिक, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, शाहपुर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि वीरेंद्र तिवारी, जिला पंचायत सदस्य किशोर पाटिल, दिलीप पवार, डॉ. अरुण सूर्यवंशी, वन विभाग एसडीओ अजय सागर, जनपद पंचायत सीईओ संजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सरपंच, उपसरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और ग्रामीण प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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