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पहले जन सुनवाई में पहुंचे फिर दुकान के सामने प्रदर्शन
बुरहानपुर। शहर के रास्तीपुरा इलाके में मंगलवार को उस वक्त हालात बिगड़ गए, जब शनवारा के लिए आवंटित शराब दुकान को रास्तीपुरा में खोलने पर रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया, सैकड़ों की संख्या में लोग दुकान के सामने जमा हो गए और विरोध इतना बढ़ा कि इंदौर–इच्छापुर हाईवे पर जाम लग गया। कुछ देर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दरअसल सुबह से ही विरोध की नींव रखी जा चुकी थी। रास्तीपुरा निवासी, भाजपा पार्षद और एमआईसी सदस्य धनराज महाजन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं और रहवासी कलेक्टर कार्यालय जन सुनवाई में पहुंचे और प्रशासन को शिकायत सौंपी। शिकायत में साफ तौर पर कहा गया कि दुकान के आसपास हनुमान मंदिर, भैरव मंदिर, श्रीकृष्ण मंदिर, करीब 50 मीटर की दूरी पर स्कूल, कॉलेज और बस स्टॉप सहित बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा लेकिन जब तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा।
हाईवे पर थमी रफ्तार, ट्रैफिक हुआ ठप
दोपहर होते-होते विरोध तेज हो गया। महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में शराब दुकान के सामने जुटे और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान इंदौर–इच्छापुर हाईवे पर ट्रैफिक रुक गया, वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर पहुंचे सीएसपी गौरव पाटील, कोतवाली टीआई एस.आर. सोलंकी, यातायात टीआई राजेश बारवाल पुलिस ने समझाइश दी, लेकिन भीड़ दुकान हटाने की मांग पर अडिग रही।
दबाव बढ़ा… और दुकान बंद
लगातार बढ़ते तनाव और भीड़ के दबाव के बीच आखिरकार दुकान संचालक को शटर बंद करना पड़ा। जैसे ही शटर गिरा महिलाओं के आक्रोश में कमी देखी गई, लेकिन “दुकान हटाओ” के नारे गूंजते रहे। इसके बाद धीरे-धीरे भीड़ मौके से हटना शुरू हुई।
आवंटन शनवारा का, दुकान रास्तीपुरा में
पूरे विवाद की जड़ यही है कि शराब दुकान का आवंटन शनवारा क्षेत्र के लिए हुआ था, लेकिन इसे रास्तीपुरा में खोल दिया गया। दुकान के बोर्ड पर भी स्थान शनवारा ही लिखा हुआ था। इससे आबकारी विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
महिलाओं की चेतावनी—यहां शराब दुकान नहीं चलने देंगे
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने दो टूक कहा यह क्षेत्र धार्मिक और शैक्षणिक है… यहां शराब दुकान किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनकी मुख्य चिंताएं- बच्चों का रोजाना स्कूल आना-जाना, मंदिरों की पवित्रता तथा क्षेत्र की सुरक्षा और सामाजिक माहौल है, जो शराब दुकान खुलने से बिगड़ने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
जिले में नई दुकानों पर बढ़ रहा विवाद
सूत्रों के अनुसार इस साल आबकारी विभाग ने नई शराब दुकानों का आवंटन किया है। कुछ जगहों पर ठेका प्रक्रिया के दौरान अस्थायी संचालन भी हो रहा है, लेकिन रास्तीपुरा का मामला अब जनभावनाओं बनाम प्रशासनिक फैसले की सीधी टक्कर बन गया है।