बुरहानपुर। शहर के उद्योग नगर क्षेत्र में बुधवार से मजदूरों का सब्र टूट गया। बढ़ा हुआ वेतन न मिलने से नाराज श्रमिकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। करीब 500 से अधिक मजदूर कलेक्ट्रेट गेट के सामने धरने पर बैठे हैं। हड़ताल के चलते उद्योग नगर की कई फैक्ट्रियों और साइजिंग यूनिटों में मशीनें थम गई हैं, और कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है।
हड़ताली मजदूरों ने साफ कहा हमें हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार बढ़ा हुआ वेतन नहीं दिया जा रहा। जब तक एरियर सहित पूरा वेतन नहीं मिलेगा, तब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी। श्रमिकों ने बताया कि उन्होंने पहले दीपावली के दिन ज्ञापन सौंपा था, फिर मंगलवार को जनसुनवाई में एसडीएम अजमेर सिंह गौड़ को अपनी मांगें बताईं। लेकिन फैक्ट्री मालिकों और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन मजदूरों ने बुधवार सुबह से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया।
मजदूर यूनियन का आरोप— फैक्ट्री मालिक कर रहे हाईकोर्ट आदेश की अवहेलना
बुरहानपुर मजदूर यूनियन के बैनर तले यह हड़ताल शुरू हुई है। यूनियन अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह ने कहा हाईकोर्ट का 2025 का आदेश है कि मजदूरों को बढ़ा हुआ वेतन दिया जाए, लेकिन उद्योग और साइजिंग मालिक उस आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। प्रशासन भी मौन है, इसलिए अब हम सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों को न केवल बढ़ा हुआ वेतन, बल्कि पिछले महीनों का एरियर भी नहीं दिया गया। अब तक अधिकारी सिर्फ ‘चर्चा करेंगे’ कहकर टालते रहे। लेकिन जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
औद्योगिक इकाइयों में ठप पड़ा काम, लाखों का नुकसान
हड़ताल का असर उद्योग नगर की तकरीबन सभी प्रमुख इकाइयों पर पड़ा है। कई साइजिंग यूनिट, प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल फैक्ट्रियों में उत्पादन रुक गया है। व्यवसायियों के अनुसार, प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। यदि आंदोलन लंबा खिंचा तो कच्चे माल की सप्लाई और तैयार माल की डिलीवरी दोनों प्रभावित होंगी। वहीं, दैनिक मजदूरी करने वाले कई श्रमिकों की रोजी-रोटी भी ठप पड़ गई है।
श्रम विभाग की निष्क्रियता पर उठे सवाल
मजदूर यूनियन और कर्मचारियों ने श्रम विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विभाग को पहले ही दिन विवाद सुलझाने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए था। लेकिन अधिकारियों ने सिर्फ यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि एसोसिएशन कोर्ट जा रही है। यूनियन का दावा है कि अब तक एसोसिएशन के पक्ष में कोई अंतरिम आदेश नहीं आया, फिर भी फैक्ट्री मालिक मनमानी कर रहे हैं। अगर श्रम विभाग सक्रिय रहता, तो मजदूरों को सड़क पर उतरने की नौबत नहीं आती।
आंदोलन को मिल रहा अन्य संगठनों का समर्थन
बुरहानपुर मजदूर यूनियन के आंदोलन को अब अन्य औद्योगिक इकाइयों और संगठनों से भी समर्थन मिलने लगा है। कई मजदूर नेता और सामाजिक संगठन एकजुटता दिखाने पहुंचे। अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रस्ताव सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो रही है।
प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने हालात पर नजर रखते हुए पुलिस बल की तैनाती की है। एसडीएम ने कहा कि मजदूरों और उद्योग संचालकों के बीच संवाद कायम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही मध्यस्थता बैठक आयोजित की जाएगी ताकि समाधान निकले और उद्योग फिर से चालू हो सकें।