Homeअपराधकलेक्टर कार्यालय से बोल रहा हूं, संबल...

कलेक्टर कार्यालय से बोल रहा हूं, संबल योजना के नाम पर फर्जी कॉल कर ग्रामीण से फोन पे पर डलवाए 700 रूपए 

श्रम निरीक्षक की शिकायत पर अज्ञात आरोपी पर लालबाग थाने में दर्ज हुई एफआईआर पंचायत सरपंच को फोन लगाकर मांगी हितग्राहियों की जानकारी, विभाग ने की अपील, पर्सनल जानकारी किसी को न दें बुरहानपुर। साइबर अपराधी तरह तरह से लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। अब साइबर ठगों ने मप्र सरकार की संबल योजना […]

बुरहानपुर। साइबर अपराधी तरह तरह से लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। अब साइबर ठगों ने मप्र सरकार की संबल योजना के नाम पर भी लोगों को ठगी का शिकार बनाना शुरू कर दिया है। जिसमें एक मामला सामना आया है, हालांकि राशि काफी कम है, लेकिन अगर लोग जागरूक नहीं हुए तो ठग इसका फायदा उठाते रहेंगे। ऐसे ही एक मामले में श्रम पदाधिकारी बुरहानपुर सपन गोरे की शिकायत पर लालबाग थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत केस दर्ज किया है।
दरअसल खुद को कलेक्टर कार्यालय का कर्मचारी बताकर अज्ञात व्यक्ति ने पातोंडा और ग्रामीण को फर्जी कॉल किया। ग्रामीण से 700 रूपए फोन पे पर भी डलवा लिए। इसकी शिकायत सरपंच ने जब श्रम पदाधिकारी सपन गोरे को की तो उन्होंने इसकी लिखित शिकायत लालबाग थाने में की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
ग्राम पातोंडा के हितग्राही से धोखाधड़ी
प्रभारी जिला श्रम पदाधिकारी सपन गोरे ने 19 अप्रैल को लालबाग थाने में लिखित आवेदन दिया जिसके बाद लालबाग थाना पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति पर केस दर्ज कर मामला जांच में लिया। आवेदन में श्रम पदाधिकारी ने कहा-मैं श्रम विभाग में श्रम निरीक्षक के पद पर पदस्थ हूं। मुझे ग्राम पातोंडा के सरपंच फिरोज तड़वी और सरदार भावसिंग ने एक आवेदन दिया। जिसमें कहा गया कि उनके साथ संबल योजना के नाम पर ठगी हुई है। पूछताछ में सरपंच ने बताया कि 19 अप्रैल को मुझे एक व्यक्ति की ओर से मोबाइल नंबर 9516750219 से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि मैं कलेक्टर कार्यालय बुरहानपुर से बोल रहा हूं। साथ ही कहा आपके गांव के संबल योजना के जो शेष हितग्राही बचे हैं उनका भुगतान किया जाना है इसलिए उन हितग्राहियों की जानकारी चाहिए। उसके झांसे में आकर मैंने जानकारी दे दी। जिसके बाद उसने गांव के सरदार भावसिंग को मोबाइल पर फोन किया और 700 रूपए फोन पे पर जमा करने पर उसकी राशि जारी करने की बात कही। भावसिंग ने उस नंबर पर 700 रूपए डाल दिए, लेकिन बाद में पैसे नहीं आने पर जानकारी निकाली गई तो पता चला फ्रॉड हुआ है।
राकेश शर्मा बताया नाम, कलेक्टर कार्यालय में इस नाम का कोई नहीं
श्रम पदाधिकारी श्री गोरे ने अपने ओर से की गई शिकायत में कहा इससे पता चलता है कि कोई व्यक्ति स्वयं को राकेश शर्मा व कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ होना बताकर संबल योजना के हितग्राहियों के साथ ठगी कर रहा है। जबकि कलेक्टर कार्यालय में राकेश शर्मा नामक कोई कर्मचारी है ही नहीं। कलेक्टर कार्यालय के किसी भी अधिकारी, कर्मचारी का मोबाइल नंबर 9516750219 नहीं है। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया।
आमजन से की अपील
श्रम पदाधिकारी सपन गोरे ने कहा- संबल योजना के तहत अनुग्रह सहायता के प्रकरणों फ्रॉड व्यक्तियों द्वारा मृतक श्रमिक के उत्तराधिकारी से पूर्ण विवरण प्राप्त कर अनुग्रह राशि दिलवाने के लिए अनजान नंबर से कॉल किया जाकर राशि अंतरित किए जाने के ऐवज में उनसे ऑनलाइन माध्यम से ठगी की जा रही है। ऐसे किसी भी अनजान व्यक्ति को मोबाइल पर जानकारी न दें। न ही किसी प्रकार की राशि अंतरित करें।

spot_img
spot_img
spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles