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परिजनों से मिलते ही छलक पड़े आंसू
बुरहानपुर। गुमशुदा बेटी को सही-सलामत देखकर मां-बाप की आंखें भर आईं, घर का माहौल खुशी से भर उठा। यह मुमकिन हो सका बुरहानपुर पुलिस की मुस्तैदी, ऑपरेशन मुस्कान के तहत चलाए जा रहे सघन तलाश अभियान और जिम्मेदार अफसरों की तत्परता से। थाना शाहपुर क्षेत्र से लापता हुई 15 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने महाराष्ट्र के संभाजीनगर जिले के ग्राम माली घोगरगांव से दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली ने एक बार फिर भरोसा जगाया है।
कैसे शुरू हुई कहानी?
दरअसल 15 मार्च 2025 को थाना शाहपुर अंतर्गत ग्राम चांदगढ़ बंभाड़ा निवासी महेंद्र चौहान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 15 वर्षीय बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 285/25 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया और छानबीन शुरू कर दी।
सिस्टम ने दिखाई तेजी, बनी विशेष टीम
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश तथा एसडीओपी नेपानगर निर्भय सिंह अलावा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में सउनि कुबेरसिंह जाटव, प्रधान आरक्षक दीपेंद्रसिंह तंवर और महिला प्रधान आरक्षक अनीता भूरिया शामिल रहे।
महाराष्ट्र तक पहुंची टीम, मिली नाबालिग
तकनीकी इनपुट्स और जमीनी सूचना तंत्र के आधार पर टीम को महाराष्ट्र रवाना किया गया। कई दिनों की खोजबीन और सतत निगरानी के बाद 7 मई 2025 को नाबालिग को ग्राम माली घोगरगांव, थाना बिरगांव, जिला संभाजीनगर से सकुशल बरामद किया गया।
न्यायालय में किए गए बयान, फिर सौंपा गया परिजनों को
बालिका को बुरहानपुर लाकर माननीय न्यायालय में धारा 183 बीएनएसएस के तहत बयान कराए गए। किशोरी ने बताया कि करीब एक माह पूर्व पिता से झगड़ा होने के बाद वह अपने काका जितेंद्र के साथ नाराज होकर चली गई थी। कोई अपहरण या बल प्रयोग नहीं हुआ था। बयान दर्ज कराने के पश्चात बालिका को उसके पिता महेंद्र चौहान के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी के लौटते ही परिवार के सभी सदस्य भावुक हो उठे। मां ने बेटी को गले लगाकर फूट-फूट कर रोई। परिजन पुलिस का बार-बार धन्यवाद देते नजर आए।
ऑपरेशन मुस्कान- बन रहा मासूमों की ढाल
मध्यप्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर जिलेभर में “ऑपरेशन मुस्कान” अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य गुमशुदा और अपहृत बालक-बालिकाओं को सुरक्षित वापस लाना है। शाहपुर पुलिस की यह कार्रवाई अभियान के तहत एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
टीम की सराहनीय भूमिका
निरीक्षक अखिलेश मिश्रा, सउनि कुबेर सिंह जाटव, प्रधान आरक्षक दीपेंद्रसिंह तंवर, महिला प्रधान आरक्षक अनीता भूरिया इनकी सतर्कता, सूझबूझ और मेहनत की बदौलत ही यह केस सुलझ पाया और एक बेटी अपने घर लौट सकी।