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केला-हल्दी महोत्सव- प्रधानमंत्री श्री मोदी की एक जिला एक उत्पाद योजना वरदान साबित हो रही है

दो दिवसीय केला-हल्दी फेस्टिवल 2024 के शुभारंभ अवसर पर सांसद श्री पाटील ने कहा बुरहानपुर। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने मेक इन इंडिया, लोकल फॉर वोकल के साथ ही एक जिला एक उत्पाद योजना की शुरूआत कर आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की […]

  • दो दिवसीय केला-हल्दी फेस्टिवल 2024 के शुभारंभ अवसर पर सांसद श्री पाटील ने कहा

बुरहानपुर। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने मेक इन इंडिया, लोकल फॉर वोकल के साथ ही एक जिला एक उत्पाद योजना की शुरूआत कर आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की दिशा में अनेक कदम बढाए। आज उसी का परिणाम है कि एक जिला एक उत्पाद में बुरहानपुर जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर नया किर्तीमान रचा है। केला फसल के साथ ही हल्दी को एक जिला एक उत्पाद में शामिल किया गया।
Sadaiv Newsयह बात आज सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित केला-हल्दी फेस्टिवल 2024 के शुभारंभ अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद में जिले ने स्पेशल मेंशन अवॉर्ड में प्रथम राष्ट्रीय पुरूस्कार हासिल कर बुरहानपुर का नाम रोशन किया है। मैं बधाई देना चाहूँगा किसान भाईयो को, स्व-सहायता समूह की महिलाओ को और जिला प्रशासन की मुखिया कलेक्टर भव्या मित्तल व पुरी प्रशासनिक टीम को यह सभी के सामुहिक प्रयास का नतीजा है कि आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बुरहानपुर में रखी गई है। एक जिला एक उत्पाद योजना किसान भाईयो, महिलाओ के लिए वरदान साबित हो रही है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी यह योजना रोजगार के नये अवसर देकर आर्थिक रूप से इस व्यवसाय से जुडी महिलाओ को मजबूत कर रही है। यह हम सभी के लिए गौरव की बात है कि प्रदेश में सबसे ज्यादा 16 हजार हेक्टेयर में केला फसल का उत्पादन हो रहा है। तीन वर्ष पूर्व हमारे जिले में केला उपज से सिर्फ फल बेचे जाते थे। लेकिन अब इसके बचे हुए तने से रेशे तैयार कर लगभग 56 प्रकार के उत्पाद तैयार हो रहें है। यही नहीं जिले में 8 से 10 प्रकार की अलग-अलग साइज और फेवर की चिप्स तैयार कर इसका अन्य प्रदेशों में निर्यात हो रहा है।
किसानों की आय में वृध्दि होगी
Sadaiv Newsप्रधानमंत्री श्री मोदी जी व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा जिले में 56 स्व-सहायता समूहो की 557 महिलाओं को केले से अन्य उत्पादन हेतु प्रशिक्षण दिया गया है। केले के रेशे से चटाई, पर्स, साज सज्जा की वस्तुये, टोकरियां, पायदान, केला पाउडर, रस्सी, मेट ऐसे अनेक उत्पाद बनाये जा रहें है। हमारी सरकार द्वारा जिले में केले के उत्पादकों को बढावा देने के लिए 25 रायपेनिंग चेंबर्स एवं विभिन्न बनाना चिप्स यूनिट स्थापित की गई है। बनाना फेस्टिवल का उद्देश्य भी इन से जुडे उत्पादों को बढावा देना है। एक जिला एक उत्पाद ने एक ऐसा प्लेटफार्म दिया है जिससे केला व हल्दी का उत्पादन करने वाले किसानों की आय में वृध्दि होगी। इस व्यवसाय से जुड़े लोग आर्थिक रूप से मजबूत होगें। स्थानीय लोगो को रोजगार मिलेगा, निवेशको को नये अवसर मिलेगे। प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2047 तक विकसित भारत का जो संकल्प लिया है। उसमें बुरहानपुर जिले का भी महत्वपूर्ण योगदान रहेगा मुझे पूर्ण विश्वास है। केले की फसल ने जिले के किसानों को समृद्ध बनाने और जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अभूतपूर्व योगदान दिया है।
अर्थव्यवस्था को सृदृढ़ और गतिशील करना
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व विधायक अर्चना चिटनीस ने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद का उद्देश्य स्थानीय उत्पादनों के माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को सृदृढ़ और गतिशील करना है। जिले में केले के बाद सर्वाधिक उत्पादन वाली फसल हल्दी है। केले और हल्दी दोनों ही फसलों की प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की गतिविधियों से इन्हें उगाने वाले किसानों की आय में और वृद्धि होने की अपार संभावनाएं है।
स्थानीय लोगों को रोजगार
नेपानगर विधायक मंजू राजेन्द्र दादू ने कहा कि प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के लिए निजी निवेश आमंत्रित करके स्थानीय लोगों को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। इसके लिए केले के फाइबर से टेक्सटॉइल व अन्य वस्तुओं के निर्माण की गतिविधियों का उत्पादन वाणिज्यिक स्तर पर करने की आवश्यकता है। किसान, वैज्ञानिक और बाजार में बी टू बी कनेक्ट करने के लिए इस तरह के आयोजन के माध्यम से एक फ्लेटफार्म मिलेगा।
केले का 16 लाख मीट्रिक टन उत्पादन
कलेक्टर भव्या मित्तल ने कहा कि फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य एक जिला एक उत्पाद अंतर्गत केले से निर्मित विभिन्न उत्पाद उनकी मार्केटिंग, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और अन्य प्रक्रियाओं की किसानों को जानकारी देना है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में केले का 16 लाख मीट्रिक टन उत्पादन और इसकी बिक्री से 1700 करोड रुपए का कारोबार हो रहा है।किसान संगोष्ठी में केला अनुसंधान केंद्र से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिकों द्वारा महत्वपूर्ण विषयों पर किसानों को जानकारी दी गई। जिला पंचायत सीईओ सृष्टि देशमुख ने अपने स्वागत उद्बोधन में महोत्सव के रूपरेखा पर प्रकाश डाला।

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