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जल संरक्षण पर जोर: वर्षा जल और जल अपव्यय रोकना अनिवार्य -अर्चना चिटनिस

बुरहानपुर। जल संकट की गंभीरता को समझते हुए, भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड द्वारा बुरहानपुर में स्थानीय भूजल समस्या एवं प्रबंधन विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में विधायक और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अर्चना चिटनिस ने जल संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया और सभी […]

बुरहानपुर। जल संकट की गंभीरता को समझते हुए, भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड द्वारा बुरहानपुर में स्थानीय भूजल समस्या एवं प्रबंधन विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में विधायक और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अर्चना चिटनिस ने जल संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया और सभी को अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
Sadaiv Newsबुरहानपुर में जल संकट की स्थिति
अर्चना चिटनिस ने बताया कि बुरहानपुर का भूमिगत जलस्तर बेहद तेजी से गिर रहा है। जल पुर्नभरण के आंकड़े चिंताजनक हैं, बुरहानपुर का जल पुर्नभरण मात्र 0.27 बीसीएम है, जबकि होशंगाबाद (2.22 बीसीएम) और अन्य जिलों के मुकाबले यह सबसे कम है। यह स्थिति शासन, प्रशासन, और समाज के लिए एक सामूहिक जिम्मेदारी बन गई है।
जल संरक्षण के लिए कदम
श्रीमती चिटनिस ने जल बचाने के लिए सुझाव दिए। “पानी की पाठशाला” शुरू की जाए, बच्चों को जल संरक्षण के महत्व और तरीकों पर प्रशिक्षण दिया जाए। स्थानीय जल स्रोतों का संरक्षण हो, घर का पानी घर में, खेत का पानी खेत में, और गांव का पानी गांव में रोका जाए। वर्षा जल का संग्रहण किया जाए, घरों की छतों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और खेतों में छोटे-छोटे जलाशय बनाए जाएं। ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना को लागू करने पर जोर दिया गया, जिससे बुरहानपुर और ताप्ती तट के इलाकों में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना का महत्त्व
कार्यशाला में ताप्ती मेगा रिचार्ज योजना पर वरिष्ठ जल यांत्रिकी विशेषज्ञ वी.डी. पाटिल और अन्य वैज्ञानिकों ने जानकारी दी। यह योजना बुरहानपुर में गिरते जल स्तर को रोकने में मदद करेगी। योजना को केंद्र और मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र सरकार से स्वीकृति मिल चुकी है।
कलेक्टर भव्या मित्तल और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी जल संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता जताई। केन्द्रीय भूमिजल बोर्ड मध्यप्रदेश के क्षेत्रिय निर्देशक अशोक बिसवाल, वरिष्ठ वैज्ञानिक राकेशसिंह, वैज्ञानिक चिंतरंजन विश्वाल, वैज्ञानिक कमलेश ओझा, वैज्ञानिक वैष्णवी परिहार ने भूजल प्रबंधन पर अपने सुझाव दिए।
बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना है लक्ष्य
अर्चना चिटनिस ने कहा, “पानी बनाया नहीं जा सकता, केवल बचाया जा सकता है।” जल संरक्षण के लिए सभी को जागरूक होना होगा। सामूहिक प्रयासों के बिना जल संकट का समाधान असंभव है। अगर सही कदम उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित किया जा सकेगा।
ये रहे मौजूद
महापौर माधुरी अतुल पटेल, निगमाध्यक्ष अनिता अमर यादव, शाहपुर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि वीरेन्द्र तिवारी, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, माधव बिहारी अग्रवाल एवं अरूण शेंडे सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज अग्रवाल ने किया।

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