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INNOVATION- शिक्षिका मनीषा पाल ने यूट्यूब चैनल से संवारी बंजारा बेटियों की किस्मत

नवाचार की राह पर अग्रसर सातपायरी की महिला शिक्षक बुरहानपुर। बेटी पढ़ेगी तो आगे बढ़ेगी — इस नारे को ज़मीन पर उतारने वाली सातपायरी शासकीय प्राथमिक शाला की प्रभारी प्रधान पाठक श्रीमती मनीषा पाल आज पूरे जिले की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उन्होंने न सिर्फ बंजारा समुदाय की बेटियों को शिक्षा की […]

  • नवाचार की राह पर अग्रसर सातपायरी की महिला शिक्षक

बुरहानपुर। बेटी पढ़ेगी तो आगे बढ़ेगी — इस नारे को ज़मीन पर उतारने वाली सातपायरी शासकीय प्राथमिक शाला की प्रभारी प्रधान पाठक श्रीमती मनीषा पाल आज पूरे जिले की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उन्होंने न सिर्फ बंजारा समुदाय की बेटियों को शिक्षा की ओर मोड़ा, बल्कि नवाचारों से पढ़ाई को बच्चों के लिए आनंददायक बना दिया।
गौरतलब है कि जिले के भातखेड़ा जनशिक्षा केंद्र अंतर्गत आने वाली इस शाला में अधिकतर बच्चे घुमक्कड़ बंजारा समुदाय से आते हैं, जहाँ बालिका शिक्षा को लेकर लंबे समय तक उदासीनता रही। लेकिन मनीषा पाल ने हार नहीं मानी। घर-घर जाकर समझाया, संवाद किया, और बच्चों को स्कूल तक लाने में कामयाबी पाई।
लर्न विथ प्ले एमपी से मिला डिजिटल मंच, बच्चे बने यूट्यूब स्टार
शिक्षिका ने अपने विद्यालय में एक अनूठा प्रयास शुरू किया — ‘Learn With Play MP’ नामक यूट्यूब चैनल। बच्चों की कक्षाओं, गतिविधियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया। इससे न केवल बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा, बल्कि अभिभावकों को भी शाला से जुड़ाव महसूस हुआ। इस नवाचार के पीछे प्रेरणा रही भूतपूर्व कलेक्टर राजेश कुमार कौल, जिनके प्रोत्साहन ने मनीषा जी को डिजिटल मंच की ओर प्रेरित किया।
शिक्षा बनी आनंद, किताबें बोझ नहीं रहीं
मनीषा पाल ने कक्षा-कक्ष को सिर्फ पाठ याद कराने की जगह नहीं, बल्कि जीवन मूल्य सिखाने का केंद्र बना दिया। जब बच्चों ने पहली बार खुद को LED स्क्रीन पर देखा, तो संकोच की जगह आत्मविश्वास ने ले ली। बच्चों की गतिविधियाँ अब खुद बच्चों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
गणतंत्र दिवस पर मिला सम्मान, शाला को मिला टीवी और अनुदान
26 जनवरी 2025 को उनके नवाचार और उत्कृष्ट संचालन के लिए उन्हें विशेष सम्मान दिया गया। विद्यालय को LED टीवी और विशेष अनुदान भेंट किया गया। उन्होंने कहा — मेरी सबसे बड़ी ताकत मेरे सहयोगी शिक्षक और बच्चों का विश्वास है। अगर साथ हो, तो शिक्षा सच में बदलाव ला सकती है।
महिला सशक्तिकरण की असली परिभाषा
शिक्षिका मनीषा पाल आज सिर्फ एक प्रधान पाठक नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की जीती-जागती मिसाल हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि जब एक महिला शिक्षित होती है, तो वह न केवल अपना, बल्कि पूरे समाज का भविष्य रचती है।

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