बुरहानपुर। शहर में 15 वर्षीय स्कूली छात्रा को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। छात्रा सुबह करीब 7 बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकली और घर के पास स्थित बस स्टॉप पर पहुंची, लेकिन स्कूल बस में नहीं बैठी। बस आने पर कंडक्टर ने छात्रा के बारे में पूछा तो परिवार को उसके गायब होने का पता चला। परिजन स्कूल, दोस्तों और रिश्तेदारों के यहां तलाश करते रहे। करीब छह घंटे बाद दोपहर 1 बजे छात्रा घर लौटी और पिता को बताया कि उसे अनस अंसारी ऑटो में बैठाकर असीरगढ़ ले गया था।
पिता की शिकायत में छात्रा के हवाले से आरोप लगाया गया है कि असीरगढ़ में अनस ने बुरी नीयत से उसका हाथ पकड़ा। छात्रा के विरोध करने के बाद उसे वापस ऑटो में शहर की ओर लाया गया। शिकायत के अनुसार ऑटो में अनस के अलावा उसका एक साथी और एक लड़की भी मौजूद थी। छात्रा ने परिजन को बताया कि उसे ऑटो में काफी देर तक घुमाया गया और दोपहर करीब 12.30 बजे नेहरू स्टेडियम के पास पहुंचने पर उसने वॉशरूम जाने का बहाना बनाकर ऑटो रुकवाया और वहां से निकलकर घर पहुंच गई।
मामले की जानकारी फैलने के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सिटी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने घटना को कथित ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने पिता की शिकायत के आधार पर अनस सहित तीन लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 137(2), 74 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मां छोड़ने गई थी बस स्टॉप तक, बस आई तो छात्रा गायब
एफआईआर में पिता ने बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी कक्षा 9वीं में पढ़ती है और रोज सुबह करीब 7 बजे स्कूल बस से जाती है। बस स्टॉप घर के पास ही है। घटना वाले दिन सुबह करीब 7.05 बजे छात्रा स्कूल जाने के लिए तैयार थी। उसकी मां उसे नीचे तक छोड़ने गई। छात्रा बस स्टॉप के पास जाकर खड़ी हो गई और मां घर की ओर लौट गई। कुछ देर में बस पहुंची। कंडक्टर ने छात्रा की मां से पूछा कि वह कहां है। परिवार ने कंडक्टर से संपर्क किया तो उसने बताया कि छात्रा बस में चढ़ी ही नहीं। यह सुनते ही परिजन घबरा गए। जिस बेटी को कुछ देर पहले घर के पास बस स्टॉप पर छोड़ा था, उसका अचानक पता नहीं चल रहा था।
स्कूल, दोस्त और रिश्तेदारों के यहां खोजा, कहीं नहीं मिली
पिता के मुताबिक उन्होंने तुरंत बेटी की तलाश शुरू की। स्कूल में पता किया। उसके दोस्तों से जानकारी ली और आसपास रहने वाले रिश्तेदारों से भी संपर्क किया, लेकिन छात्रा का कहीं पता नहीं चला। कई घंटे तक परिवार उसकी तलाश करता रहा। इसी बीच दोपहर करीब 1 बजे छात्रा वापस घर पहुंच गई। परिजन ने उससे पूछा कि वह सुबह से कहां थी। इसके बाद छात्रा ने कथित तौर पर सुबह से दोपहर तक हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
पिता से बोली- अनस ऑटो में बैठाकर असीरगढ़ ले गया
पुलिस को दी शिकायत में पिता ने बेटी के हवाले से बताया कि अनस अंसारी उसे एक ऑटो में बैठाकर बहला-फुसलाकर असीरगढ़ ले गया। शिकायत में आरोप है कि असीरगढ़ पहुंचने के बाद अनस ने छात्रा का हाथ बुरी नीयत से पकड़ लिया। छात्रा ने इसका विरोध किया और हाथ पकड़ने से मना कर दिया। इसके बाद वापसी में अनस के साथ ऑटो चालक उसका एक साथी और एक लड़की भी ऑटो में मौजूद थी। पिता ने आरोप लगाया कि ये लोग छात्रा को ऑटो में अलग-अलग स्थानों पर घुमाते रहे। यही वह हिस्सा है जिसकी अब पुलिस को साक्ष्यों के आधार पर तस्दीक करनी है।
नेहरू स्टेडियम पहुंची तो बनाया वॉशरूम का बहाना
एफआईआर में दर्ज घटनाक्रम के मुताबिक ऑटो से घूमते हुए आरोपी छात्रा को दोपहर करीब 12.30 बजे नेहरू स्टेडियम के आसपास लेकर पहुंचे। छात्रा ने पिता को बताया कि यहां उसने वॉशरूम जाने की बात कहकर ऑटो रुकवाया। ऑटो से उतरने के बाद वह वहां से निकल गई और बाद में घर पहुंची। करीब छह घंटे से बेटी को तलाश रहे परिवार ने उसके सुरक्षित लौटने पर राहत महसूस की, लेकिन उसने जब अपने साथ हुई घटना बताई तो परिजन उसे लेकर पुलिस के पास पहुंचे।
सहेली की भूमिका पर भी संदेह, पुलिस के सामने अहम कड़ी
मामले में छात्रा की एक सहेली की भूमिका को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। हालांकि उसकी भूमिका को लेकर अभी पुलिस जांच पूरी नहीं हुई है। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि छात्रा का आरोपियों से संपर्क कैसे हुआ? क्या किसी परिचित ने दोनों के बीच संपर्क कराया था? छात्रा के बस स्टॉप पर पहुंचने और उसके बाद ऑटो तक पहुंचने के बीच क्या हुआ? इन सवालों के जवाब जांच में सामने आने वाले मोबाइल रिकॉर्ड, संदेश, सीसीटीवी और संबंधित लोगों के बयानों से मिल सकते हैं। नाबालिग से संबंधित मामला होने के कारण छात्रा या किसी अन्य नाबालिग की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
छात्रा घर लौटी, तब परिजन को पता चला असीरगढ़ तक का घटनाक्रम
इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छात्रा लापता रहने के बाद खुद घर पहुंची। उसके घर आने के बाद ही परिवार को यह पता चला कि सुबह बस स्टॉप से गायब होने के बाद उसके साथ कथित तौर पर क्या हुआ। पिता की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर इसी घटनाक्रम पर आधारित है। छात्रा द्वारा परिवार को बताई बातों के बाद पिता उसे लेकर थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अब पुलिस के लिए छात्रा के कथन की अन्य साक्ष्यों से पुष्टि करना महत्वपूर्ण होगा।
खबर फैली तो कोतवाली पहुंचे हिंदू संगठन, थाना परिसर में गहमागहमी
नाबालिग छात्रा को कथित तौर पर बहला-फुसलाकर ले जाने की जानकारी सामने आने के बाद मामला शहर में तेजी से गरमा गया। हिंदू संगठन से जुड़े महेश सिंह चौहान, अजित परदेशी सहित पदाधिकारी और कार्यकर्ता सिटी कोतवाली थाना पहुंच गए। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग की। संगठन ने घटना को कथित ‘लव जिहाद’ बताते हुए विरोध जताया। कार्यकर्ताओं के कोतवाली पहुंचने से थाना परिसर में कुछ समय तक गहमागहमी बनी रही। संगठन की मांग थी कि मामले से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की जाए।
अनस सहित तीन पर FIR, BNS के साथ पॉक्सो की धाराएं
पुलिस ने पिता की शिकायत पर अनस सहित तीन लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 137(2), 74 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में आरोप गंभीर हैं, लेकिन एफआईआर में दर्ज आरोपों की पुष्टि अभी पुलिस जांच में होना बाकी है। पुलिस को छात्रा के बयान के साथ ही कथित आरोपियों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य लोगों के बयान भी दर्ज करने होंगे।
बस स्टॉप से असीरगढ़ और फिर नेहरू स्टेडियम… CCTV से जुड़ सकती है पूरी टाइमलाइन
पुलिस जांच की सबसे अहम कड़ी शनिवार सुबह 7.05 बजे से दोपहर करीब 1 बजे के बीच की टाइमलाइन होगी। छात्रा घर के पास बस स्टॉप पर कब तक मौजूद थी, वहां से किसके साथ निकली, किस ऑटो में बैठी, असीरगढ़ किस रास्ते से पहुंची और वहां से नेहरू स्टेडियम तक कैसे आई—इन सभी तथ्यों की पुष्टि जांच में अहम होगी। रास्ते में लगे CCTV कैमरों की फुटेज, संबंधित मोबाइल की लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड तथा ऑटो की पहचान से पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ सकती है।
जांच में इन सवालों के जवाब सबसे अहम
पूरे मामले में अब तीन बड़े सवाल हैं। पहला, बस स्टॉप पर पहुंची नाबालिग कुछ ही मिनट में आरोपियों तक कैसे पहुंची? दूसरा, उसे असीरगढ़ ले जाने के पीछे क्या वजह थी? और तीसरा, अनस के अलावा अन्य दो लोगों तथा छात्रा की सहेली की वास्तविक भूमिका क्या थी? छात्रा सुरक्षित घर लौट चुकी है, इसलिए उसका बयान जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी रहेगा। उसके बताए घटनाक्रम का डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों से मिलान होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी।



