Homeमध्यप्रदेश8 माह से वेतन नहीं, भूख और...

8 माह से वेतन नहीं, भूख और बेबसी के बीच ताप्ती मिल श्रमिकों का फूटा आक्रोश

बुरहानपुर ताप्ती मिल में पूर्व विधायक की अगुवाई में प्रदर्शन, जीएम चेंबर में गूंजे नारे GM बोले– हमें भी वेतन नहीं मिला, पूर्व विधायक बोले– फिर आप भी आओ विरोध में बुरहानपुर। कभी देश की नंबर-1 टेक्सटाइल मिल रही बुरहानपुर ताप्ती मिल आज बदहाली और बंद सिस्टम की भेंट चढ़ चुकी है। एनटीसी (नेशनल टेक्सटाइल […]

बुरहानपुर। कभी देश की नंबर-1 टेक्सटाइल मिल रही बुरहानपुर ताप्ती मिल आज बदहाली और बंद सिस्टम की भेंट चढ़ चुकी है। एनटीसी (नेशनल टेक्सटाइल कॉर्पोरेशन) के अधीन संचालित इस मिल के सैकड़ों श्रमिक पिछले 8 महीनों से वेतन से वंचित हैं। शुक्रवार को श्रमिकों का आक्रोश फूटा और पूर्व विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह (शेरा भैया) के नेतृत्व में ताप्ती मिल कार्यालय में जोरदार प्रदर्शन हुआ।
Sadaiv Newsजीएम के चेंबर में गूंजे नारे, लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े
प्रदर्शनकारी मिल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीधे जीएम के चेंबर में घुस गए। इस दौरान पूर्व विधायक ने GM के. बाला सुब्रमण्यम से साफ कहा कि जब तक वेतन भुगतान की निश्चित तिथि का लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे नहीं हटेंगे। पूर्व विधायक ने कहा– यह विरोध नहीं, यह हक की लड़ाई है। जिन हाथों ने देश को कपड़ा पहनाया, आज वे रोटी के लिए तरस रहे हैं। 8 महीने से वेतन नहीं मिला, अब सहन नहीं होगा।
Sadaiv Newsप्रशासन और प्रबंधन दोनों मौन, अफसर बोले– हम भी वेतन से वंचित
हैरानी तब हुई जब GM और अधिकारी खुद बोले– हमें भी 8 महीने से वेतन नहीं मिला है। पूर्व विधायक ने पलटवार किया– अगर ऐसा है तो आप भी हमारे साथ इस अन्याय के खिलाफ खड़े हों। यह सिर्फ श्रमिकों का नहीं, आप सबका मामला है।
नोटिस थमाए, काम पर बुलाया – पर पैसे नहीं
प्रबंधन द्वारा 10 से अधिक श्रमिकों को नोटिस देकर काम पर लौटने का फरमान भेजा गया है, जबकि उन्हें वेतन तक नहीं दिया गया। पूर्व विधायक ने कहा– बिना पैसे कोई कैसे काम करेगा? श्रमिकों की रोज़ी-रोटी का सवाल है। कई घरों में चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है।
2 जून को सांसद और विधायक ने भी किया था निरीक्षण
गौरतलब है कि 2 जून 2025 को खंडवा संसदीय सीट से सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने ताप्ती मिल पहुंचकर अफसरों, श्रमिक यूनियनों के पदाधिकारियों से चर्चा की थी। मिल में उत्पादन कैसे शुरू हो और वेतन जल्द मिले इसे लेकर सांसद, विधायक ने राज्य और केंद्र सरकार से प्रतिनिधिमंडल के साथ भेंट करने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक कोई हल नहीं निकला।
1200 परिवार प्रभावित, आधुनिक मशीनें धूल फांक रहीं
ताप्ती मिल का कभी 100 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिकीकरण किया गया था। यह मिल एनटीसी की 25 मिलों में शीर्ष पर थी। कोविड-19 के बाद से मिल बंद पड़ी है और करीब 800 श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। 1200 परिवार आज रोज़ी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
श्रमिक बोले– बोनस भी नहीं मिला, पलायन कर रहे लोग
श्रमिकों का कहना है कि पिछले वर्षों का बोनस और बकाया भुगतान भी अटका हुआ है। वहीं कई परिवार बुरहानपुर छोड़कर पलायन कर चुके हैं। जो बचे हैं, वे कर्ज में डूबे, मकान किराए और बच्चों की पढ़ाई तक के लिए जूझ रहे हैं।
अब आंदोलन की तैयारी, दिल्ली तक जाएगी आवाज
पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र कोई समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन राज्य स्तर से आगे बढ़ाकर दिल्ली तक ले जाया जाएगा। अब खामोशी नहीं, आवाज़ उठेगी… जब तक वेतन नहीं, तब तक चैन नहीं। – यही संकल्प श्रमिकों ने लिया है।

spot_img
spot_img
spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles