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वायरल वीडियो- खड़कोद में बच्चे खरीद रहे शराब, अफसर बरत रहे अनदेखी

बिल देने से इनकार करते हैं शराब दुकान के कर्मचारी, कर्मचारी बोला-किसी को नहीं देते बिल बुरहानपुर। देशी विदेशी कम्जोजिट शराब दुकान खड़कोद से बच्चे शराब खरीद रहे हैं। यह खुद पीने के लिए खरीद रहे हैं या बेचने के लिए यह जांच का विषय है, लेकिन इसमें दुकान संचालक और कर्मचारियों की भूमिका संदेह […]

  • बिल देने से इनकार करते हैं शराब दुकान के कर्मचारी, कर्मचारी बोला-किसी को नहीं देते बिल

बुरहानपुर। देशी विदेशी कम्जोजिट शराब दुकान खड़कोद से बच्चे शराब खरीद रहे हैं। यह खुद पीने के लिए खरीद रहे हैं या बेचने के लिए यह जांच का विषय है, लेकिन इसमें दुकान संचालक और कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है, क्योंकि नियमानुसार बच्चों को इस तरह खुलेआम या चोरी छिपे शराब नहीं दी जा सकती, लेकिन इसके बाद भी क्षेत्र में यह सब हो रहा है। बच्चे शराब खरीदते हुए का वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। खास बात यह है कि शराब दुकान के कर्मचारी से जब बिल मांगा जाता है तो वह बिल भी नहीं देता।
Sadaiv Newsइसे लेकर जिला आबकारी अधिकारी और वृत्त बुरहानपुर के उपनिरीक्षक शेर सिंह मोरे से संपर्क किया गया, लेकिन वह फोन उठाने से बचते रहे। दरअसल क्षेत्र में काफी दिनों से बच्चों की शराब बेचने की जानकारी सामने आ रही है। कुछ लोगों ने इसका पता लगाया तो यह वास्तविकता निकली। बच्चे यहां किसके लिए शराब लेने आते हैं यह भी जांच का विषय है।
राजस्व कमाने के चक्कर में बच्चों के भविष्य की चिंता नहीं
शराब दुकान संचालकों, कर्मचारियों द्वारा बिना किसी पूछताछ हर किसी को शराब बेची जाती है। यहां तक तो ठीक है, लेकिन जबकि बच्चों के मामले में सरकार ने कानून काफी सख्त बना दिए हैं। बच्चों की पहचान तक उजागर करने को लेकर सख्ती से नियम लागू हैं, लेकिन यहां बच्चे शराब दुकान के पास नजर आते है। उन्हें यह पूछने वाला कोई नहीं है कि वह यहां से शराब पीने के लिए ले जाते हैं या कोई उनसे बुलवाता है या फिर भी वह इसे ले जाकर बेचते हैं। एक व्यक्ति ने खड़कोद स्थित शराब दुकान के कर्मचारी से बिल मांगा तो उसका कहना था कि हम किसी को बिल नहीं देते जबकि नियम यह है कि अगर ग्राहक बिल मांगे तो उसे देना अनिवार्य होता है। इसकी शिकायत ग्राहक कर सकता है, लेकिन यहां स्पष्ट तौर पर बिल देने से मना कर दिया जाता है। बच्चों के भविष्य की भी उन्हें चिंता नहीं है।
फोन नहीं उठाते अफसर
इसे लेकर जिला आबकारी अधिकारी का कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं वृत्त बुरहानपुर आबकारी उपनिरीक्षक शेर सिंह मोरे ने कॉल रिसीव नहीं किया। दूसरी बार में उनका मोबाइल स्वीच ऑफ बताने लगा। लोगों की मांग है कि इस मामले में अब जिला प्रशासन के अफसरों को ही संज्ञान लेकर कार्रवाई करना चाहिए ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके।
अब जानिए क्या है नियम
– आबकारी विभाग के नियम के अनुसार शराब की बिक्री और सेवा के लिए उम्र कम से कम 21 साल होना चाहिए। बच्चों को शराब बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है। उनके द्वार सेवा करना भी प्रतिबंधित किया गया है। यही नहीं शराब दुकानों में बच्चों का प्रवेश तक प्रतिबंधित किया गया है, लेकिन यहां समय समय पर बच्चे नजर आते हैं। जिन्हें संचालक, कर्मचारी द्वारा नहीं रोका जाता। अगर कहीं ऐसा पाया जाता है तो इसकी शिकायत सीधे पुलिस से की जा सकती है। आबकारी विभाग में भी लोग शिकायत कर सकते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर बुरहानपुर आबकारी विभाग के अफसर इसे लेकर अनदेखी बरत रहे हैं।

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