बुरहानपुर। जिले में प्राकृतिक आपदा ने केला उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज आंधी और मौसम की मार से जिले के कई क्षेत्रों में करोड़ों रुपए की केला फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के किसान भी इस आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। खेतों में गिरी फसल देखकर किसान आर्थिक संकट और भविष्य की चिंता में डूबे हुए हैं। प्रशासन की राजस्व टीमें प्रभावित खेतों में पहुंचकर नुकसान का सर्वे कर रही हैं।
इसी बीच नेपानगर विधायक मंजू राजेंद्र दादू ने संवेदनशील निर्णय लेते हुए 12 जून को अपना जन्मदिन नहीं मनाने की घोषणा की है। गुरुवार को जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि जब क्षेत्र के किसान प्राकृतिक आपदा से परेशान हैं, ऐसे समय में जन्मदिन मनाना उन्हें उचित नहीं लगता।
विधायक बोलीं- किसानों का नुकसान देखकर मन जन्मदिन मनाने को तैयार नहीं
विधायक मंजू दादू ने वीडियो संदेश में कहा कि 12 जून को उनका जन्मदिन है, लेकिन पिछले सात-आठ दिनों में क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा से उनके विधानसभा क्षेत्र में किसानों को बहुत नुकसान हुआ है। ऐसे हालात में उनका मन किसी भी प्रकार से जन्मदिन मनाने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने समर्थकों और शुभचिंतकों से अपील करते हुए कहा कि उनके जन्मदिन पर न तो कोई केक काटे, न कार्यक्रम करे और न ही औपचारिक शुभकामनाओं में समय लगाए। यदि कोई उन्हें शुभकामना देना चाहता है तो वह अपने गांव, मोहल्ले या क्षेत्र में एक पौधा लगाए।
केले की फसल को वृक्षों की आड़ होती तो नुकसान कम होता
विधायक ने अपने संदेश में प्राकृतिक आपदा को पर्यावरण असंतुलन से जोड़ते हुए कहा कि हम सभी जानते हैं कि ऐसी आपदाएं क्यों बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि केले की फसल के आसपास पर्याप्त वृक्ष होते, खेतों को पेड़ों की आड़ मिलती, तो तेज हवाओं से इतना बड़ा नुकसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि खेतों और गांवों के आसपास वृक्षों की संख्या अधिक होती तो फसलें काफी हद तक सुरक्षित रह सकती थीं। इसलिए अब केवल चिंता करने का समय नहीं है, बल्कि प्रकृति के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने का समय है।
जन्मदिन को पौधारोपण संकल्प से जोड़ने की अपील
विधायक मंजू दादू ने लोगों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र, गांव और मोहल्लों में पौधारोपण करें। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना ही उनके जन्मदिन की सच्ची शुभकामना होगी। केवल पौधा लगाना ही नहीं, बल्कि उसकी देखभाल करना भी सभी की जिम्मेदारी है। उनका यह संदेश ऐसे समय आया है जब किसान खेतों में बर्बाद हुई केला फसल को देखकर राहत और मुआवजे की उम्मीद लगाए हुए हैं। विधायक का जन्मदिन नहीं मनाने का निर्णय किसानों के दर्द के साथ खड़े होने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाला माना जा रहा है।
सर्वे जारी, किसानों को राहत की उम्मीद
बुरहानपुर जिले में प्रभावित किसानों की फसल क्षति का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग की टीमें लगातार खेतों में पहुंच रही हैं। नेपानगर विधानसभा क्षेत्र में भी नुकसान का सर्वे किया जा रहा है। किसानों को उम्मीद है कि सर्वे के बाद शासन-प्रशासन की ओर से उन्हें जल्द राहत मिलेगी। केला फसल बुरहानपुर जिले की पहचान और किसानों की आय का बड़ा आधार है। ऐसे में प्राकृतिक आपदा से हुआ नुकसान केवल खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति, परिवारों की आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका है।
किसानों के बीच संवेदनशील संदेश
विधायक मंजू दादू का यह निर्णय राजनीतिक कार्यक्रम से हटकर सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर उन्होंने किसानों के दुख में भागीदारी जताई, वहीं दूसरी ओर लोगों को वृक्षारोपण के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने साफ कहा कि जन्मदिन की शुभकामना तभी सार्थक होगी, जब वह प्रकृति और समाज के हित में किसी सकारात्मक कार्य से जुड़ी हो।