बुरहानपुर। जिले में वन भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ वन विभाग ने लगातार दूसरे दिन भी सख्त कार्रवाई जारी रखी। शाहपुर और बोदरली रेंज में 17.5 हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमणमुक्त कराने के बाद शनिवार को नेपानगर रेंज की हथनी बीट में 10 हेक्टेयर भूमि से कब्जा हटाया गया। दो दिनों में कुल 27.5 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जंगलों पर अवैध कब्जे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
वन विभाग ने केवल अतिक्रमण हटाने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि दोबारा कब्जे की संभावना खत्म करने के लिए जेसीबी मशीनों से अतिक्रमण रोधी खंतियां भी खुदवाईं। साथ ही बीज रोपण और पौधारोपण की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे मुक्त कराई गई भूमि को फिर से हरित क्षेत्र में बदला जा सके।
शुक्रवार को शाहपुर रेंज की जम्बूपानी बीट के कक्ष क्रमांक 423 में परिक्षेत्र स्तरीय अभियान चलाकर 15 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। वहीं बोदरली रेंज की भिंगारा बीट के कक्ष क्रमांक 394 में 2.5 हेक्टेयर भूमि पर से अवैध कब्जा हटाया गया। दोनों स्थानों पर जेसीबी मशीनों से खंतियां खुदवाई गईं।
शनिवार को अभियान का फोकस नेपानगर रेंज की हथनी बीट रही। कक्ष क्रमांक 199 में सुबह से शाम तक चली कार्रवाई के दौरान लगभग 10 हेक्टेयर वन भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। यहां दो जेसीबी मशीनों की मदद से गहरी खंतियां खोदी गईं, ताकि दोबारा अतिक्रमण की गुंजाइश न रहे। अभियान में 40 से अधिक वनकर्मियों ने हिस्सा लिया और पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई
उप वन मंडल अधिकारी अजय सागर ने बताया कि शाहपुर और बोदरली में हुई कार्रवाई खंडवा सीसीएफ बासु कन्नौजिया और वन मंडलाधिकारी विद्याभूषण सिंह के निर्देशन में की गई। अभियान में शाहपुर रेंज की श्यामलता मरावी, बोदरली रेंज के लखनलाल वास्कले सहित 50 से अधिक वनकर्मी और पांच जेसीबी मशीनें शामिल रहीं।
नेपानगर एसडीओ विक्रम सुलिया के नेतृत्व में हथनी बीट में कार्रवाई को अंजाम दिया गया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिले में वन भूमि संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
अब पौधारोपण और बीज रोपण पर फोकस
डीएफओ विद्याभूषण सिंह ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के बाद वन भूमि को स्थायी रूप से सुरक्षित करना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए खंतियां खोदने के साथ-साथ बीज रोपण और पौधारोपण भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्र को पुनर्जीवित करने और दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
वन विभाग की इस कार्रवाई को जिले में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी अतिक्रमण विरोधी मुहिमों में से एक माना जा रहा है। लगातार दो दिनों तक चली कार्रवाई से वन माफियाओं और अतिक्रमणकारियों को स्पष्ट संदेश गया है कि संरक्षित वन भूमि पर कब्जे की कोशिशों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।