बुरहानपुर। प्राकृतिक आपदा में केला फसल गंवाने वाले किसानों की मुश्किल राहत राशि जारी होने के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। जिले के कई किसानों की शिकायत है कि मुआवजा सूची में उनका नाम तो दर्ज है, लेकिन राशि अब तक बैंक खाते में नहीं पहुंची। फोफनार पहुंचे सांसद ज्ञानेश्वर पाटील के सामने किसानों ने यह मुद्दा उठाया। शिकायत सुनने के बाद सांसद ने मौके से ही कलेक्टर हर्ष सिंह से फोन पर चर्चा की। कलेक्टर ने कुछ मामलों में बैंकिंग से जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया के कारण भुगतान अटकने की बात बताते हुए जल्द निराकरण का आश्वासन दिया।
जिले में मई-जून के दौरान प्राकृतिक आपदा से केले की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। इसके बाद 188 गांवों के 8115 प्रभावित किसानों के लिए ₹107 करोड़ 72 लाख से अधिक की राहत राशि जारी की गई। अधिकांश किसानों को राशि मिलने के बीच अब ऐसे किसान सामने आ रहे हैं, जिनका दावा है कि पात्रता सूची में नाम होने के बावजूद उनके खातों में भुगतान नहीं हुआ।
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किसान बोले- सूची में नाम दिख रहा, खाते में राशि नहीं
फोफनार में सांसद से मिलने पहुंचे खामनी, मोहद, रायगांव, बम्भाड़ा, शाहपुर सहित आसपास के गांवों के किसानों ने अपनी परेशानी बताई। किसानों का कहना था कि फसल नुकसान के बाद सर्वे हुआ और राहत सूची में नाम भी आया, लेकिन बैंक खाते में राशि जमा नहीं हुई। किसानों ने सरकार की ओर से राहत राशि जारी किए जाने और इसके लिए किए गए प्रयासों पर आभार जताया, लेकिन साथ ही लंबित भुगतान जल्द कराने की मांग रखी।
किसानों के सामने ही कलेक्टर से की बात
शिकायत मिलने पर सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने कलेक्टर हर्ष सिंह को फोन कर किसानों के लंबित भुगतान की जानकारी दी। सांसद पाटील के अनुसार कलेक्टर ने बताया कि कुछ प्रकरणों में बैंकिंग संबंधी तकनीकी प्रक्रिया के कारण समस्या आई है और इसे जल्द दूर कराया जाएगा। अन्य प्रकरणों की समस्याओं का भी निराकरण करने का आश्वासन दिया गया। सांसद पाटील ने कहा कि आपदा प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और पात्र किसानों की लंबित राशि दिलाने के लिए प्रशासन से समन्वय किया जाएगा।
नेपानगर तहसील तक भी पहुंच चुके किसान
राहत राशि नहीं मिलने की शिकायत केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। पिछले दिनों कुछ किसान नेपानगर तहसील कार्यालय भी पहुंचे थे। वहां भी किसानों ने खातों में राशि नहीं आने की शिकायत की थी। अधिकारियों की ओर से तकनीकी कारणों का हवाला दिया गया था। अब सवाल यह है कि जिन किसानों का नाम पात्र सूची में है, उनके भुगतान के लंबित प्रकरण कितने हैं और सभी खातों में राशि कब तक पहुंचेगी। प्रभावित किसान चाहते हैं कि प्रशासन ऐसे मामलों की अलग से समीक्षा कर तकनीकी और बैंकिंग त्रुटियों को तत्काल सुधारे।
केले पर बार-बार आपदा की मार, इसलिए राहत पर टिकी उम्मीद
बुरहानपुर जिले की प्रमुख नकदी फसलों में केला शामिल है। किसानों के मुताबिक इस साल अलग-अलग समय पर प्राकृतिक आपदा से फसल प्रभावित हुई है। बड़े निवेश वाली केला फसल खराब होने के बाद किसान पहले ही आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं। ऐसे में स्वीकृत राहत राशि का भुगतान अटकने से उनकी चिंता बढ़ गई है।
आंकड़ों में राहत
- 188 गांव प्राकृतिक आपदा से प्रभावित
- 8115 किसान राहत के दायरे में
- 107.72 करोड़ से अधिक राहत राशि
- कई किसानों की शिकायत — सूची में नाम, खाते में राशि नहीं
- कलेक्टर का आश्वासन — तकनीकी समस्या दूर कर लंबित मामलों का होगा निराकरण



