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बौद्ध समाज में पनपा आक्रोश- फिर विवादों में दरगाह ए हकीमी प्रबंधन ट्रस्ट 

अब श्मशान की जमीन पर कब्जे का आरोप, बौद्ध समाजजन ने आमरण अनशन शुरू किया कहा, जब तक जिला प्रशासन समस्या का निराकरण नहीं करता जारी रहेगा आंदोलन बुरहानपुर। बोहरा समाज का दरगाह ए हकीमी प्रबंधन ट्रस्ट एक बार फिर से विवादों में घिर गया है। पहले ही एक मामला हनुमान मंदिर का चल रहा […]

बुरहानपुर। बोहरा समाज का दरगाह ए हकीमी प्रबंधन ट्रस्ट एक बार फिर से विवादों में घिर गया है। पहले ही एक मामला हनुमान मंदिर का चल रहा है तो वहीं अब श्मशान की भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। इसे लेकर बौद्ध समाजजन आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। साथ ही संकल्प लिया गया है कि जबकि प्रशासन मांग पूरी नहीं करता आंदोलन जारी रहेगा।
गुरूवार को बौद्ध समाजजन लोधीपुरा में आमरण अनशन पर बैठे। इस दौरान उन्होंने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि हम सभी बौद्ध समाज के लोग आज यह प्रतिज्ञा लेते हैं कि जिला प्रशासन जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं करता। दरगाह ए हकीमी का अवैध अतिक्रमण नहीं हटाता। हमारा मरघट अतिक्रमणमुक्त नहीं करता तब हम अन्न का त्याग करते हैं। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया और नारेबाजी कर कहा जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होती यह आमरण अनशन जारी रहेगा।
Sadaiv Newsप्रबंधन पर आरोप-श्मशान की भूमि पर बना दिया गार्डन
लोधीपुरा में गुरूवार को काफी संख्या में बौद्ध समाजजन आमरण अनशन पर बैठ गए। समाजजन का आरोप है कि ग्राम लोधीपुरा ऐमागिर्द स्थित दरगाह ए हकीमी द्वारा अनुसूचित जाति के शमशान की भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर पक्का निर्माण कर उसे हड़प लिया गया है। शिकायत में उन्होंने कहा-शमशान भूमि शासकीय खेत खसरा नंबर 54 जिसका रकबा 0.0490 हेक्टेयर है। इस जमीन पर कईं सालों से ग्राम लोधीपुरा के रहवासी समाजजन के मृत देह को दफ्नाकर अंतिम संस्कार भूमि पर किया जाता रहा है। दरगाह ए हकीमी द्वारा खेत खसरा नंबर 64 के संपूर्ण रकबा 0.0490 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण कर गार्डन बनाकर पक्का निर्माण कर लिया गया है। पूर्व जिला खंडवा के तत्कालीन कलेक्टर द्वारा गलत जानकारी देकर और अनुसूचित समाज के किसी भी व्यक्ति को या पंचायत पदाधिकारी को पार्टी न बनाते हुए वर्णित सामूहिक शमशान भूमि को मुस्लिम वक्फ बोर्ड की संपत्ति बताकर 3 जनवरी 2003 को कलेक्टर खंडवा द्वारा आदेश पारित कराकर मेंटेनेंस खसरा के कॉलम 12 में वक्फ बोर्ड संपत्ति उल्लेखित करवा ली है। मुख्य आवेदक सचिन गाढ़े द्वारा एक सूचना पत्र भूमि के संबंध में दरगाह ए हकीमी को भेजा गया है उसका आज तक कोई जवा नहीं दिया गया। जिला प्रशासन द्वारा इसे लेकर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
पहले भी विवादों में रहा है प्रबंधन का काम
इससे पहले भी जमीन के मामले में प्रबंधन विवादों के घेरे में रहा है। इसी क्षेत्र में स्थित हनुमान मंदिर समिति और दरगाह ए हकीमी प्रबंधन के बीच पहले से विवाद चला रहा है। हालांकि फिलहाल यह मामला कोर्ट में चल रहा है। साथ ही यहां प्रशासन की ओर से बोर्ड लगाया गया था। अब एक और मामला निकलकर सामने आया।
वर्जन-
अफसरों न जांच की, जमीन वक्फ की है
* हमारे पास जमीन के सारे दस्तावेज मौजूद हैं। उनके समाज का हैदराबाद में आयोग है। वहां से एक रिपोर्ट आई थी उसे हम अपने पक्ष में मानते हैं। जिस जमीन की बात कही जा रही है वह वक्फ की है इसलिए हम पूरी तरह अपनी जगह सही हैं। तहसीलदार सहित अन्य अफसर भी इसकी जांच कर चुके हैं।
-मुस्तुफा उज्जैनवाला, सहायक प्रबंधक दरगाह ए हकीमी बुरहानपुर

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