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कांग्रेस नेता बोले- बच्चों की मौत की जिम्मेदार है यह लापरवाह JMC कंपनी, अब तक हो चुकी है 3 बच्चों की मौतें, प्रशासन कर रहा इनकार

नगर निगम में जमीन पर बैठ गए पार्षद, कलेक्टर कार्यालय में भी नारेबाजी कर जताया आक्रोश बुरहानपुर। जेएमसी कंपनी ने नगर में पाइप लाइन बिछाने में बड़ी लापरवाही बरती। ड्रेनेज के पाइप कहां से गुजर रहे हैं इस बात का ध्यान न रखते हुए अंधाधुंध तरीके से भूमिगत पाइप लाइन बिछाने का काम

On: April 29, 2024 8:26 PM
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  • नगर निगम में जमीन पर बैठ गए पार्षद, कलेक्टर कार्यालय में भी नारेबाजी कर जताया आक्रोश

बुरहानपुर। जेएमसी कंपनी ने नगर में पाइप लाइन बिछाने में बड़ी लापरवाही बरती। ड्रेनेज के पाइप कहां से गुजर रहे हैं इस बात का ध्यान न रखते हुए अंधाधुंध तरीके से भूमिगत पाइप लाइन बिछाने का काम किया गया। नतीजा यह रहा कि अब दूषित पानी लोगों के घर पहुंच रहा है। इसे लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने सवाल उठाए। साथ ही जेएमसी कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। पीड़ित परिवारों को मुआवजा भी दिए जाने की मांग उठाई है। इसे लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली भी शंका के दायरे में आई है। नगर निगम ने इस ओर समय रहते ध्यान नहीं दिया।
गौरतलब है कि शहर में पिछले छह दिनों से डायरिया से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं इसे लेकर सोमवार दोपहर कांग्रेस पार्षद दल और कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी की। कलेक्टर भव्या मित्तल से मुलाकात की। उन्होंने टीम बनाकर व्यवस्थाएं दुरूस्त करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पार्षद नगर निगम कार्यालय पहुंचे और जमकर हंगामा किया। यहां तब आयुक्त नहीं थे। उनके कक्ष के बाहर कांग्रेस पार्षद जमीन पर बैठ गए। कुछ देर बाद नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव नगर निगम पहुंचे तो कांग्रेसी पार्षद, कांग्रेस नेता जमीन पर से नही उठे। आयुक्त बार बार कहते रहते कक्ष में चलकर बात करते हैं, लेकिन पार्षदों ने कहा हम यहीं बैठे रहेंगे आप भी यहीं बात करें। तब आयुक्त ने खड़े खड़े ही बातचीत की।
जेएमसी कंपनी की जवाबदारी तय हो
कांग्रेस नेता अजय सिंह रघुवंशी ने कहा-डायरिया से 2 बच्चों की मौत भी हुई है, लेकिन प्रशासन यह बात नहीं मान रहा है। जेएमसी कंपनी की जवाबदारी तय हो। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। इस दौरान पार्षदों ने कईं आरोप भी लगाए। कहा महापौर दफ्तर नहीं आती। उनके वार्ड में साफ पानी आता होगा। गरीबों के वार्ड में गंदा पानी आ रहा है। निगम आयुक्त का कर्मचारियों पर नियंत्रण नहीं है। काफी देर तक पार्षदों ने समस्याएं गिनवाई। आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कहा कुछ कर्मचारी जो लापरवाही कर रहे थे उनके खिलाफ आज ही कार्रवाई भी की है। विभाग को निजी कंपनी की स्थिति से अगवत कराया जाएगा।
कंपनी के अफसर नहीं सुनते, महापौर खुद कलेक्टर से मिली थीं
खास बात यह है कि जेएमसी कंपनी के अफसर, इंजीनियर महापौर की भी नहीं सुनते। खुद नगर निगम आयुक्त भी इसे लेकर गंभीर नजर नहीं आए। जब जिला अस्पताल में मरीज अधिक संख्या में पहुंचने लगे तब भी नगर निगम आयुक्त ने ध्यान नहीं दिया। कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद निगम अफसर जागे और काम चालू कराने की बात कही। वहीं जेएमसी कंपनी द्वारा काम पूरा नहीं कराने की शिकायत कुछ माह पहले खुद महापौर माधुरी पटेल ने कलेक्टर से की थी।
दो मरीज इंदौर किए गए रैफर
पार्षद प्रतिनिधि हमीद डायमंड ने कहा काफी समय से गंदा पानी नलों में आ रहा है। अब प्रशासन जागा है। डायरिया के कारण दो लोग इंदौर रैफर हैं। जेएमसी कंपनी ने 131 करोड़ की लागत से ड्रेनेज का काम हुआ। फिर जलार्धन योजना का काम हुआ। जमीन में अंडरग्राउंड लाइन डाली। इससे ही परेशानी उपजी है।
बच्चों की मौत हो रही, जेएमसी जिम्मेदार
कांग्रेस नेता अजय सिंह रघुवंशी ने कहा- अस्पताल में मरीजों की संख्या में बढ़ी है। लोग गंदा पानी पीने के मजबूर है। बच्चों की मौत हो चुकी है। इसे प्रशासन स्वीकार नहीं रहा है। हमने कलेक्टर से मुलाका की। कलेक्टर ने तुरंत नगर निगम आयुक्त को आदेश दिया है। पार्षदों से मिलकर टीम बनाकर व्यवस्था में सुधार करने को कहा है। हमने कलेक्टर से जेएमसी कंपनी के खिलाफ एफआईआर कराने, ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की भी मांग की है। इसके लिए जेएमसी कंपनी ही जिम्मेदार है।
वर्जन-
5 टीमें बनाई गई है, किसी की मौत नहीं
-लोकल लीडर, लोगों के साथ पांच टीमें बनाई है, जो जहां भी लीकेज का पाइंट है उसे ब्लाक करेंगे। जेएमसी की टीम भी रहेगी। गंदे पानी के कनेक्शन कहां कहां है उसे भी चेक करवा रहे हैं। उसे उपर करवा रहे हैं। चेंबर, नालों की सफाई करने को कहा है। चेंबर खाली हो जाएंगे तो समस्या का हल हो जाएगा। ऐसी कोई जानकारी आंकड़ों में सामने नहीं आई है कि मौतें डायरिया से हुई है। हेल्थ विभाग से रिपोर्ट ली है। पानी की टंकी जो नई बनी है उसकी भी सफाई करा रहे हैं। यह कारण नहीं पा रहा है कि डायरिया क्यों फैल रहा है। अस्पताल में एक नया वार्ड भी खोला है।
-भव्या मित्तल, कलेक्टर बुरहानपुर
24 अप्रैल से आना शुरू हुए थे मरीज
डायरिया के मरीज 24 अप्रैल से सामने आए। जिन क्षेत्रों से डायरिया की शिकायत मिली वहां पानी की सैंपलिंग कराई। अस्पताल से सूची ली है। नगर निगम की छह टीम बनाई है। उसके आधार पर उनके घर पहुंचकर चेक करा रहे हैं। नगर में सफाई अभियान भी चालू करा दिया गया है। प्लास्टिक वेस्ट के कारण भी नालियां चोक हो जाती है। आमजन से अपील है कि तापमान अधिक है इसलिए खानपान में सावधानी रखें। पानी छानकर पिएं। डायरिया से 20 लोकेशन से मरीज आए हैं जिसमें 188 मरीज सामने आए। 4 वार्ड ऐसे हैं जहां केस ज्यादा नागझिरी वार्ड, खैराती बाजार, बैरी मैदान और शिकारपुरा से मरीज सामने आए हैं। यहां के लिए टीम बनाई है। परीक्षण करा रहे हैं। जेएमसी कंपनी का काम यूडीसी देखता है। पार्षद आए थे उन्होंने भी कुछ समस्या बताई है। केसेस आज से कम हो गए हैं। जीरो पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। नए पुराने मिलाकर करीब 180 मरीज अब तक सामने आएए हैं। किसी की भी मौत नहीं हुई है। जांच कराई जा रही है जो भी जांच में निकलकर आएगा वह स्थिति उसमें पता चलेगी।
-संदीप श्रीवास्तव, आयुक्त नगर निगम बुरहानपुर

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