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देडतलाई में 1 माह के मासूम को बेचने की कोशिश, दो युवक गिरफ्तार
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आदिवासी महिला से बोले – बच्चा दे दो, बदले में पैसे और काम मिलेगा
बुरहानपुर। भूख लगी थी… काम चाहिए था… बस बच्चे लेकर चल दी थी… महाराष्ट्र की आदिवासी महिला ममताबाई ने जब पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई, तो हर किसी की आंखें भर आईं। एक मां जिसने पति से ठुकराए जाने के बाद बच्चों को लेकर संघर्ष शुरू किया था, वह सोमवार को मानवता के सबसे काले चेहरे से टकरा गई। महाराष्ट्र से आई आदिवासी महिला से बुरहानपुर जिले के देड़तलाई में गोद से बेटा छीन लिया गया। वीडियो वायरल होने के बाद मानव तस्करी का केस दर्ज।
दरअसल 15 जून को आदिवासी महिला तीन छोटे बच्चों के साथ ग्राम देडतलाई पहुँची। वह राजु ढाबा पर काम मांगने गई, लेकिन जवाब मिला – हम औरतों को काम नहीं देते। निराश होकर जब वह ढाबे से बाहर निकली, तो वहीं से शुरू हुई ऐसी घटना, जो किसी भी मां को हिला दे।
जैसे ही वह अपने बच्चों के साथ रास्ते पर चली, दो युवक मोटरसाइकिल से आए। बातचीत के दौरान महिला ने अपना नाम और जाति कोरकु (आदिवासी) बताई। युवकों ने पूछा – गोद में बच्चा लड़का है या लड़की? ममताबाई ने जवाब दिया – लड़का है। तब उन्होंने कहा – बच्चा हमें दे दो, बदले में काम और पैसे देंगे…
महिला को लेकर अपने घर गया युवक, फिर जबरन बच्चा छीन लिया
एक युवक, कलीम पिता नजीर शाह, महिला और उसके तीन बच्चों को अपने घर ले गया। दूसरा आरोपी इम्तियाज पिता अख्तर खान वहीं उतर गया। कलीम ने महिला की गोद से उसका 1 माह का बेटा छीन लिया और कहा – काम भी मिलेगा, रुपये भी। पर जैसे ही मासूम जोर-जोर से रोया, मां भी फूट पड़ी – मेरा बच्चा मुझे वापस दो… पुलिस, जो सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और मासूम को बचा लिया।
वीडियो वायरल, हिंदू संगठन हरकत में आए, पुलिस ने दर्ज की FIR
ढाबे पर मौजूद एक युवक ने पूरी बातचीत का वीडियो बना लिया था। जब यह सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब हिंदू संगठनों ने इस पर संज्ञान लिया। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने आदिवासी महिला, कलीम और इम्तियाज को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
मानव तस्करी का केस दर्ज, दो आरोपी गिरफ्तार
एसपी देवेंद्र पाटीदार के मुताबिक, वीडियो के आधार पर जांच की गई और दोनों आरोपियों कलीम पिता नजीर शाह और इम्तियाज पिता अख्तर खान, निवासी देड़तलाई पर धारा 143घ बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत मानव तस्करी और जातीय शोषण का मामला दर्ज किया गया है। जांच जारी है, और यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह बड़ा मानव तस्करी नेटवर्क तो नहीं।
महिला की दास्तां – पति छोड़ गया, अब तीन बच्चों का अकेले सहारा हूँ
आदिवासी महिला ने बताया– पति अब किसी और महिला के साथ तातड़ा में रहता है। न पैसा देता है, न खबर लेता है। मैं अकेली मजदूरी करके तीनों बच्चों को पाल रही हूँ।