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रथ खींचने को उमड़े श्रद्धालु, हर गली में गूंजे जयकारे
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पुरी जैसा नज़ारा बुरहानपुर की सड़कों पर, महिलाओं ने खींचा रथ
बुरहानपुर। इतिहास रचा गया। शनिवार को पहली बार बुरहानपुर की धरती पर भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकली, और शहर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। पुरी की तर्ज पर इस्कॉन संस्था द्वारा आयोजित यह रथयात्रा शनिवार को सीके ग्रैंड कॉलोनी से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए गुजराती वाड़ी, शनवारा में समाप्त हुई। रथ के दर्शन और स्पर्श मात्र से श्रद्धालु अभिभूत नजर आए।
रथ खींचने का सौभाग्य मिलने पर कई श्रद्धालु भावुक हो गए। बड़ी संख्या में महिलाओं ने रथ खींचा और कहा—पहली बार भगवान जगन्नाथ हमारे दरवाजे तक आए हैं, यह हमारे जीवन का सौभाग्य है। अब पुरी जाकर रथ खींचने की अभिलाषा और बढ़ गई है।
बुरहानपुर बना धर्म धाम
• सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह किया पुष्पवर्षा से स्वागत
• भक्तों की भीड़ ने रथ को भक्ति रस में सराबोर कर दिया
• शोभायात्रा में भगवान की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
• बच्चे, महिलाएं, युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक का जबरदस्त उत्साह
• रथयात्रा के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर भक्ति के रंग बिखरे
रथयात्रा नहीं, यह सेवा यज्ञ था
इस्कॉन केंद्र के प्रभारी हेमांग निमाई दास और आयोजक पंकज महाजन ने बताया कि— यह केवल यात्रा नहीं थी, यह भगवान के साथ जुड़े रहने, सेवा और समर्पण का एक जीवंत उदाहरण था। हमें गर्व है कि बुरहानपुरवासियों ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।