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युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष उबैद उल्ला सहित चार पर एफआईआर
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पार्षद प्रतिनिधि हमीद डायमंड पर भी मारपीट के साथ छेड़छाड़ की धाराएं लगीं
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दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किए काउंटर केस, सियासी गर्मी चरम पर
बुरहानपुर। कांग्रेस की गुटबाजी अब सड़कों से होते हुए सीधे कोतवाली थाने तक पहुंच गई है। युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष उबैद उल्ला और कांग्रेस पार्षद प्रतिनिधि हमीद डायमंड आमने-सामने हैं। दोनों पर मारपीट के केस दर्ज हुए हैं, लेकिन हमीद डायमंड पर छेड़छाड़, पीछा करने और ब्लैकमेलिंग जैसी गंभीर धाराएं भी लगाई गई हैं। मामले ने तूल पकड़ लिया है और कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 14 जुलाई, सुबह 10 बजे की है। दाउदपुरा वार्ड में रहने वाली महिला ने कोतवाली थाने में शिकायत दी कि युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष उबैद उल्ला, सैफ, अबरार और अब्दुल कादर जबरन उसके घर में घुसे और मारपीट शुरू कर दी। महिला के मुताबिक पहले अबरार और अब्दुल कादर आए। दो दिन पहले हुए झगड़े को लेकर मेरे ससुर शौकत उल्ला को पीटना शुरू किया। मैंने छुड़ाने की कोशिश की, तो मुझ पर भी हमला किया गया। अबरार ने लोहे की रॉड से पीटा। मेरी कलाई, सीना और पैर में चोट लगी। थोड़ी देर बाद उबैद उल्ला और सैफ भी आ गए। उन्होंने घर में घुसकर धमकी दी – जो होगा देखा जाएगा, जान से खत्म कर देंगे।
पुलिस ने चारों आरोपियों पर धारा 452 (गैरकानूनी घुसपैठ), 323 (मारपीट), 506 (धमकी) सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
दूसरी तरफ से भी पलटवार, छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग की FIR
उसी दिन शाम को युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष उबैद उल्ला की ओर से भी पलटवार हुआ। अबरार अहमद नामक युवक ने शिकायत दी कि पार्षद प्रतिनिधि हमीद डायमंड ने उससे और एक महिला से मारपीट की है।
महिला ने पुलिस को दिए बयान में कहा मैं हमीद को बचपन से जानती हूं। 28 जून को उसने मुझे मिलने के लिए बुलाया। मना किया तो बोला, ‘तेरे साथ जो फोटो है, सबको भेज दूंगा। इसके बाद पीछा करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने हमीद पर धारा 354 (छेड़छाड़), 354D (पीछा करना), 506 (धमकी) समेत कई धाराएं लगाई हैं।
दोनों केसों की जांच जारी
कोतवाली थाना प्रभारी सीताराम सोलंकी ने बताया दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज किए गए हैं। मेडिकल परीक्षण करवा लिया गया है, अब दोनों केसों की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अंदर की बात: कांग्रेस में गुटबाज़ी या सोची-समझी रणनीति?
जानकारों की मानें तो यह सिर्फ आपसी रंजिश नहीं, बल्कि कांग्रेस के अंदर की पुरानी गुटबाजी का ताजा एपिसोड है। युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष उबैद उल्ला और पार्षद प्रतिनिधि हमीद डायमंड दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभाव रखते हैं। पार्टी में दबदबे की लड़ाई अब सड़क से थाना और सोशल मीडिया तक पहुंच चुकी है।
हमीद डायमंड ने कहा यह सब राजनीति से प्रेरित है। मुझे फंसाया जा रहा है। कांग्रेस के ही कुछ लोग मेरी छवि बिगाड़ने में लगे हैं।
वहीं, उबैद उल्ला ने अपनी सफाई में कहा हमारे ऊपर लगे आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। उल्टा हमें और हमारे परिवार को धमकी दी गई। हमने कानूनी तौर पर जवाब दिया है।
अब आगे क्या?
बुरहानपुर में यह विवाद कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। पुलिस की जांच के बाद ही तय हो पाएगा कि कौन सच बोल रहा है और कौन राजनीति के खेल में मात खा गया। लेकिन एक बात तय है — कांग्रेस का घर का झगड़ा अब मोहल्ले में तमाशा बन गया है।