बुरहानपुर। शहर में गुरुवार को उस वक़्त हड़कंप मच गया, जब ABVP के कार्यकर्ताओं और गुस्साए पालकों ने निमाड़ वैली स्कूल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। आरोप इतने गंभीर थे कि लोगों की भीड़ जमा हो गई, और मामला नेशनल हाईवे तक पहुँच गया। ABVP ने इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक हाईवे पर अफरातफरी का माहौल रहा।
दरअसल परिजनों और ABVP का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने हिंदू छात्राओं के मुस्लिम नाम से वीडियो बनवाए, और उन वीडियो में बच्चियों से कांग्रेस पार्टी को जिताने की अपील करवाई गई। परिजनों का कहना है कि बच्चियों ने खुद घर आकर बताया कि स्कूल में कुछ ‘बाहरी लोग’ आते हैं, जो नाम बदलकर वीडियो शूट करते हैं। छात्रा की माँ ने कहा बच्ची ने बताया कि उनसे कहा गया कि तुम्हारा नाम ‘फरज़ाना’ है, और इस नाम से बोलो कि कांग्रेस अच्छी पार्टी है।
हंगामा और चक्काजाम
जब शिकायत के बावजूद स्कूल संचालक नूर काजी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो ABVP के कार्यकर्ता और पालक स्कूल के सामने इकठ्ठा हो गए। नारों और हंगामे के बीच इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया गया। ABVP कार्यकर्ता ने कहा करीब आधे घंटे तक हाईवे जाम रहा, गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, एक एम्बुलेंस भी फंस गई थी। हमने एम्बुलेंस को रास्ता दिया, इंसानियत पहले है लेकिन विरोध भी ज़रूरी है।
प्रशासन की नींद खुली, मौके पर पहुँचे SDM और सिटी मजिस्ट्रेट
बिना अनुमति हाईवे पर प्रदर्शन होते देख प्रशासन हरकत में आया। मौके पर SDM और सिटी मजिस्ट्रेट पहुंचे, और प्रदर्शनकारियों को समझाया। प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया और स्कूल प्रबंधन से बात की। SDM बुरहानपुर अजमेर सिंह गौड़ ने कहा जो आरोप लगे हैं, वो बेहद गंभीर हैं। जांच कर कार्रवाई होगी।
स्कूल प्रबंधन का बचाव – बोले, हम कार्यक्रम में थे ही नहीं
स्कूल संचालक नूर काजी ने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। नूर काजी ने कहा कि जो कार्यक्रम हुआ, उस वक्त वे मौजूद ही नहीं थे। साथ ही उन्होंने राजनीतिक वीडियो या नाम बदलने की बात को मनगढ़ंत बताया। हम शिक्षा के क्षेत्र में हैं, राजनीति से हमारा कोई लेना-देना नहीं।
अब क्या होगा?
प्रशासन ने जांच का भरोसा तो दिया है, लेकिन बिना अनुमति के हाईवे जाम करना भी कानूनन अपराध है। सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या ABVP पर भी कार्रवाई होगी? बच्चियों से जबरन नाम बदलकर राजनीतिक बयान दिलवाना अगर साबित होता है, तो यह शिक्षा के नाम पर सबसे बड़ा धोखा होगा। वहीं कानून को हाथ में लेना भी ठीक नहीं। अब देखने वाली बात ये होगी कि प्रशासन किस पर कार्रवाई करता है – स्कूल प्रबंधन पर या ABVP पर… या दोनों पर।
क्या आपके बच्चे के स्कूल में भी ऐसी गतिविधियाँ चल रही हैं? सच जानें, सवाल पूछें – क्योंकि स्कूल शिक्षा का मंदिर है, किसी की राजनीति का अड्डा नहीं।