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भाजपा का सख्त संदेश: धर्मांतरण करने वाला कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा!

हिन्दू बच्चियों से मुस्लिम नाम से वोटिंग मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा-

  • पूर्व विधायक के बेटे पर लगे गंभीर आरोप, स्कूल में छात्राओं से ओटीपी लेकर नकाब में वोटिंग कराई गई, भाजपा ने कहा- स्कूल नहीं बनने देंगे धर्मांतरण की प्रयोगशाला

बुरहानपुर। गणपति नाका स्थित निमाड़ वैली इंटरनेशनल स्कूल में दो दिन पहले घटित घटनाक्रम ने पूरे जिले की राजनीति में उबाल ला दिया है। स्कूल में छात्राओं को नकाब पहनाकर, उनका नाम बदलकर कथित रूप से मुस्लिम बनाकर युवक कांग्रेस चुनाव में वोटिंग कराए जाने के आरोप लगे हैं। मामला केवल चुनावी धांधली तक सीमित नहीं रहा, अब यह धर्मांतरण और लव जिहाद के संदेह की दिशा में बढ़ रहा है।
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने ने इस मामले पर सख्त लहजे में कहा— अगर कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, धर्मांतरण या लव जिहाद जैसे कार्य में लिप्त पाया गया, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। स्कूल शिक्षा का मंदिर है, वहां धर्म या राजनीति की कोई जगह नहीं है। डॉ. माने ने प्रशासन से गंभीरता से जांच कराने की मांग की है और कहा कि यदि यह धर्म परिवर्तन की साजिश है, तो पूरे नेटवर्क का खुलासा होना चाहिए।
मामले की पृष्ठभूमि
दरअसल इन दिनों युवक कांग्रेस के चुनाव की आनलाइन प्रक्रिया चल रही है। कुछ पालकों ने एबीवीपी को शिकायत की कि इसे लेकर स्कूल में मोबाइल लेकर बुलाया गया था। हिन्दू छात्राओं को मुस्लिम बताकर नकाब पहनाकर वोटिंग कराई गई। ओटीपी ली गई और उसे तुरंत डिलीट कराया गया। युवक कांग्रेस के विधानसभा अध्यक्ष उम्मीदवार नजीर अंसारी के समर्थन में वोट कराया गया। इसकी जानकारी प्रतिद्वंदी युवक कांग्रेस नेताओं को लगने पर वह भी गणपति नाका थाने पहुंचे थे। वहीं कईं पालक भी जमा हो गए थे। एबीवीपी ने हाईवे पर चक्काजाम भी किया था। पुलिस ने समझाईश दी थी कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है, लेकिन लोगों का कहना है कि निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई होना चाहिए, क्योंकि इस दौरान बेड टच जैसी गंभीर शिकायतें भी हुई है।
स्कूल की आड़ में अनुचित गतिविधियाँ
भाजपा का आरोप है कि यह महज चुनावी चाल नहीं, बल्कि सोची-समझी धर्मांतरण की साजिश है। जिलाध्यक्ष डॉ. माने ने कहा नकाब पहनाना, नाम बदलना और मोबाइल के जरिए वोटिंग कराना, इन सबमें एक संगठित रूप दिखता है। यह सिर्फ छात्राओं के नाम बदलने का मामला नहीं, ये समाज की जड़ों को हिलाने वाली साजिश हो सकती है। साथ ही कुछ पालकों ने बेड टच यानी अनुचित शारीरिक संपर्क की आशंका भी जताई है। सवाल यह भी उठे हैं कि स्कूल की आड़ में कब से यह गतिविधियाँ चल रही थीं?
प्रशासन जांच में जुटा, कार्रवाई की प्रतीक्षा
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है, लेकिन अब तक किसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। वहीं भाजपा नेताओं और पालकों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन होगा।
बड़ा सवाल: क्या स्कूल अब धर्मांतरण की प्रयोगशाला बनते जा रहे हैं?
यह घटना केवल बुरहानपुर की नहीं है। यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि जब शिक्षा संस्थान, धर्म और राजनीति के गटर में घुसपैठ करने लगें, तो समाज को सतर्क होना ही होगा।

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