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फर्जी किरायेदारी, अवैध निर्माण और कब्रिस्तान की ज़मीन पर निमाड़ वैली स्कूल – वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

पूर्व विधायक के बेटे का स्कूल अवैध कब्जे में! वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने ही खोली पोल, जन सुनवाई में पेश की शिकायत

On: August 4, 2025 10:14 AM
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  • निमाड़ वैली स्कूल की मान्यता पर संकट

  • सरकारी ट्यूबवेल का भी किया जा रहा व्यावसायिक उपयोग

बुरहानपुर। शिक्षा और राजनीति के गठजोड़ में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पूर्व विधायक के बेटे द्वारा संचालित एक स्कूल पर फर्जीवाड़े और अवैध कब्जे के गंभीर आरोप लगे हैं। यह खुलासा खुद वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने जन सुनवाई में किया। मामला बुरहानपुर के ऐमागिर्द गांव का है, जहां वक्फ संपत्ति पर चल रहे निमाड़ वैली स्कूल को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्कूल का संचालन पूर्व विधायक हमीद काजी के बेटे नूर काजी कर रहे हैं।
Sadaiv Newsयह वही स्कूल है, जिस पर कुछ समय पहले हिंदू छात्राओं को मुस्लिम बताकर फर्जी मतदान कराने का आरोप भी लग चुका है। अब वक्फ बोर्ड अध्यक्ष शेख फारूक ने खुले मंच से शिकायत कर दी कि यह स्कूल कब्रिस्तान की ज़मीन पर अवैध कब्जा कर चलाया जा रहा है।
कब्रिस्तान की ज़मीन पर स्कूल, ना किराया, ना अनुमति
शेख फारूक ने स्पष्ट कहा कि ग्राम ऐमागिर्द का खसरा नंबर 222 वक्फ बोर्ड के अधीन आता है, और यह ज़मीन कब्रिस्तान के लिए वक्फ की गई है। इसी ज़मीन पर निमाड़ वैली स्कूल संचालित किया जा रहा है। स्कूल के लिए वक्फ बोर्ड से न तो कोई किरायेदारी की अनुमति ली गई है, न ही संचालन की स्वीकृति।
इतना ही नहीं, स्कूल परिसर में इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी न पंचायत से परमिशन ली गई है, न ही वक्फ बोर्ड से नक्शा पास कराया गया है। अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा कि निर्माण अवैध है और तुरंत रुकना चाहिए।
5 लाख की लागत से बना सामुदायिक भवन, अब स्कूल की संपत्ति बन गया!
पूर्व विधायक हमीद काजी के कार्यकाल में ग्रामीणों के लिए 5 लाख रुपए की लागत से एक सामुदायिक भवन बनाया गया था। शिकायत में कहा गया है कि अब उस भवन को भी स्कूल संचालन के लिए प्रयोग किया जा रहा है, जो जनहित के खिलाफ है।
ट्यूबवेल भी सरकारी, पर स्कूल के उपयोग में
स्कूल परिसर में मौजूद सरकारी ट्यूबवेल का भी व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। यह भी नियमों का घोर उल्लंघन है। वक्फ गजट के अनुसार यह भूमि केवल कब्रिस्तान उपयोग के लिए आरक्षित है, किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि उस पर नियमतः अवैध है।
शिक्षा विभाग में भी फर्जी दस्तावेजों पर मान्यता लेने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया कि स्कूल ने वर्षों तक फर्जी किरायेदारी के दस्तावेज बनाकर शिक्षा विभाग से मान्यता ली। कई बार शिकायतें हुईं लेकिन कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई। अब जब वक्फ बोर्ड अध्यक्ष खुद सामने आए हैं, तो मामला गरमा गया है।
छात्राओं से वोट डलवाने का मामला भी ताजा
कुछ दिन पहले एबीवीपी और युवक कांग्रेस के एक गुट ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि स्कूल में छात्राओं से युवक कांग्रेस के लिए वोटिंग कराई गई और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया। यह मामला अभी जांच में है।
अब आगे क्या?
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष की मांग है कि— स्कूल की मान्यता तत्काल रद्द की जाए। निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगे। जमीन पर पुनः वक्फ का नियंत्रण स्थापित किया जाए। शिक्षा विभाग द्वारा दी गई पूर्व की मान्यता की जांच हो।
मामला कोर्ट में विचाराधीन
वक्फ बोर्ड की जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन है इसलिए हमारी ओर से कुछ नहीं कहा जा सकता।
– नूर काजी, स्कूल संचालक

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