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सांसद ज्ञानेश्वर पाटील बोले – “सरकार उठाए ठोस कदम, बुरहानपुर को बने इथेनॉल हब”
बुरहानपुर। खंडवा से सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने संसद में बुरहानपुर जिले के लिए बड़ी और बेहद जरूरी मांग रखी। उन्होंने नियम 377 के तहत केंद्र सरकार से आग्रह किया कि बुरहानपुर जिले में इथेनॉल उत्पादन उद्योग की स्थापना की जाए। सांसद ने स्पष्ट किया कि यह उद्योग गन्ने के कचरे से इथेनॉल तैयार करेगा, जिससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी, स्थानीय युवाओं को रोजगार और पर्यावरण को संरक्षण मिलेगा।
बुरहानपुर में गन्ना खूब होता है, लेकिन उसका कचरा बर्बाद जाता है – सांसद पाटील
सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने लोकसभा में कहा मेरे संसदीय क्षेत्र बुरहानपुर में हर साल गन्ने का भरपूर उत्पादन होता है, लेकिन उसका ठूंठ और पत्तियाँ खेतों में ही जल जाती हैं या नष्ट हो जाती हैं। सरकार यहां अगर इथेनॉल प्लांट लगाए तो यह अपशिष्ट अब ऊर्जा में बदलेगा।
रिपोर्ट कार्ड: इथेनॉल प्लांट से बुरहानपुर को क्या मिलेगा?
• कृषि आधारित औद्योगिक विकास
• किसानों को अपशिष्ट का मुनाफा
• स्थानीय स्तर पर सैकड़ों को मिलेगा रोजगार
• पर्यावरण को मिलेगा नया जीवन
• देश की ईंधन आत्मनिर्भरता में बुरहानपुर की हिस्सेदारी
इथेनॉल प्लांट क्यों है जरूरी?
• भारत में इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाया जा रहा है ताकि पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम हो।
• यह नवीकरणीय और स्वच्छ ईंधन है, जो वाहन प्रदूषण को भी कम करता है।
• केंद्र सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग मिशन के तहत ऐसे प्रोजेक्ट्स को फाइनेंशियल मदद भी दे रही है।
सांसद बोले – बुरहानपुर को मिलेगा उद्योग, युवाओं को मिलेगा भविष्य
सांसद श्री पाटील ने कहा यह सिर्फ एक प्लांट नहीं, पूरे क्षेत्र की किस्मत बदलने वाला फैसला होगा। बुरहानपुर को सिर्फ ऐतिहासिक शहर नहीं, अब औद्योगिक पहचान भी मिलनी चाहिए।
आंकड़े जो खुद बोलते हैं:
• बुरहानपुर में हर साल लाखों टन गन्ना पैदा होता है
• चीनी मिलें तो हैं, पर कचरे का कोई उपयोग नहीं
• इथेनॉल प्लांट से हर साल हजारों लीटर ईंधन उत्पादन संभव
• इस क्षेत्र में कम से कम 500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना
अब बॉल केंद्र सरकार के पाले में
सांसद पाटील ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। सरकार यदि इस मांग पर सहमति देती है, तो बुरहानपुर मध्यप्रदेश का पहला इथेनॉल उत्पादन केंद्र बन सकता है। सांसद ने संसद में आवाज उठा दी है, अब देखना है केंद्र कब पहल करता है। अगर प्लांट लगता है तो युवाओं को घर पर ही काम मिलेगा।