बुरहानपुर/नेपानगर। जब अंतिम यात्रा भी संघर्ष बन जाए, तो समझिए सिस्टम मर चुका है। ऐसा ही नजारा देखने को मिला बुरहानपुर जिले के नेपानगर से मांडवा के बीच, जहां मंगलवार दोपहर एक संकरी पुलिया के पास दो ट्रैक्टर-ट्रॉली नाले में फंस गईं। एक में शव था, दूसरी में ग्रामीण सवार थे।
हालांकि नाले में पानी ज्यादा नहीं था, लेकिन बहाव और गहराई के कारण दोनों ट्रैक्टर दलदल में धंस गए। ग्रामीणों ने फुर्ती दिखाते हुए ट्रॉली से कूदकर जान बचाई। बुधवार को इसका वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मृतका की अंतिम यात्रा भी ना हो पाई सहज
मांडवा निवासी अकलसिंग सोलंकी की मां का निधन हुआ था। उनका अंतिम संस्कार करने के लिए फगन सोलंकी और अकलसिंग सोलंकी दो ट्रैक्टर लेकर निकले थे। एक में शव रखा गया था और दूसरे में ग्रामीणों व अंतिम संस्कार की सामग्री जैसे लकड़ियां आदि थीं।
नेपानगर से मांडवा की दूरी मात्र 4-5 किमी है, लेकिन रास्ते में एक छोटी और जर्जर पुलिया पड़ती है। बरसात में अक्सर वहां पानी भर जाता है, जिससे गाड़ियां सीधे पानी से होकर निकलती हैं।
मंगलवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। जैसे ही दोनों ट्रैक्टर उस पुलिया से गुजरने लगे, वे नाले में धंस गए। ग्रामीणों को शव सहित ट्रैक्टर को बाहर निकालने में दो घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद कहीं जाकर शव मुक्तिधाम पहुंचा और अंतिम संस्कार हो सका।
हर साल बारिश में ये नाला बना है जानलेवा, कब जागेगा प्रशासन?
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में यह पुलिया किसी मुसीबत से कम नहीं होती। बच्चों को स्कूल जाना हो, बीमार को अस्पताल या किसी की मृत देह को मुक्तिधाम। हर बार जान जोखिम में डालनी पड़ती है।
7 दिन में निर्माण नहीं तो कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे
घटना के बाद जयस ब्लॉक उपाध्यक्ष मास्टर रावत मौके पर पहुंचे और स्थिति को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा यह सिर्फ एक पुलिया नहीं, यह व्यवस्था की संवेदनहीनता का प्रतीक है। अगर 7 दिन के भीतर इसका निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो हम ग्रामीणों के साथ मिलकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
वीडियो वायरल- अंतिम यात्रा में फंसे ट्रैक्टर, ग्रामीणों की जान पर बनी
इस पूरी घटना का वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें ग्रामीणों को ट्रैक्टर से कूदते और शव को निकालने के प्रयास करते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो देखकर हर संवेदनशील व्यक्ति का मन द्रवित हो जाए।
प्रशासन के लिए चेतावनी और ग्रामीणों के लिए संघर्ष
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि विकास के दावों के बीच आज भी गांवों में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। अंतिम यात्रा तक सुरक्षित ना हो, यह शर्मनाक है।
मांगें –
• तुरंत पुलिया का स्थायी निर्माण।
• रास्ते की चौड़ाई और मजबूती सुनिश्चित की जाए।
• बारिश में वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया जाए।
अंतिम यात्रा में रोड़ा बनी पुलिया: शव ले जा रहे दो ट्रैक्टर नाले में फंसे, ग्रामीणों ने कूदकर बचाई जान
बेटे ने मां को मुक्तिधाम तक पहुंचाने में गंवाए दो घंटे, कारण बना सरकारी सिस्टम
On: August 4, 2025 9:47 AM