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खाद का संकट- सुबह 6 बजे से रेणुका मंडी स्थित केंद्र पहुंचे, सेल्समैन ने कहा, खत्म हो गया माल, कब आएगा पता नहीं
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डीडीए बोले, 3 अगस्त को फिर आएगी रैक, अभी खत्म हो गई खाद
बुरहानपुर। जिले में खाद को लेकर मचा हाहाकार थमने का नाम नहीं ले रहा। जिले में एक बार 700 दूसरी बार 1400 मेट्रिक टन खाद आया, लेकिन इसके बाद भी खाद का संकट बरकरार है। जनप्रतिनिधियों ने दावा किया था कि खाद पर्याप्त मात्रा में आ गई है। अब किसानों को किसी तरह की समस्या नहीं आएगी, लेकिन महज 10 दिनों में ही फिर से खाद का संकट गहरा गया है। कृषि विभाग के जिम्मेदार अफसर विधायक अर्चना चिटनिस के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे है। खाद को लेकर कृषि विभाग के सारे दावों की भी पोल खुल गई है, क्योंकि अब भी किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। यह स्थिति तब है जब शहर में ही किसान खाद खरीदने आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गांवों में क्या हालात होंगे। जिलेभर में एक बार फिर से खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हो रहे हैं।
गुरूवार सुबह 6 बजे से करीब 20 से अधिक गांवों से किसान रेणुका कृषि उपज मंडी स्थित मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ के भंडारण केंद्र से यूरिया, पोटाश और डीएपी खरीदने पहुंचे, लेकिन यहां उन्हें खाद नहीं मिला। कर्मचारियों ने कहा हमें नहीं मालूम खाद कब आएगी। किसानों ने कहा केंद्र पर सिर्फ फास्फेट उपलब्ध है। इसे लेकर किसानों ने आक्रोश जताया। पहले करीब 200 से अधिक किसान यहां पहुंचे थे, लेकिन जब माल नहीं मिला तो वह धीरे धीरे वहां से चले गए, लेकिन करीब 50 से अधिक किसानों ने इसे लेकर हंगामा किया।
सुबह 6 बजे से आकर कतार में लगे थे किसान
गुरूवार सुबह 6 बजे से असीरगढ़, बोरगांव, गुलई सहित अन्य गांवों से 50 से अधिक किसान आए। वह कतार में लगे थे, लेकिन उन्हें खाद नहीं मिला। किसानों ने कहा अन्य किसान भी आए थे, लेकिन जब मटेरियल न होने की बात कही तो वह वापस चले गए। मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ के रेणुका मंडी स्थित भंडारण केंद्र से कहा गया कि अभी मटेरियल नहीं है। छह बजे से किसान यहां परेशान हो रहे थे। आखिरकर परेशान होकर वह वापस लौट गए। किसानों ने कहा फसल बड़ी हो गई है ऐसे में खाद की आवश्यकता महसूस हो रही है, लेकिन समय पर खाद नहीं मिल रहा है।
अर्चना चिटनिस के सुझाव दरकिनार
विगत दिनों संज्ञान में आया है कि जिले में रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में होने के बाद भी किसानों को इसकी आपूर्ति व्यवस्थित तरीके से नहीं हो पा रही है। श्रीमती चिटनिस ने निर्देश दिए कि डीएमओ और एमपी एग्रो जिला स्तर पर सेवा सहकारी समितियों एवं अन्य माध्यम से विक्रय की व्यवस्था को सार्वजनिक और पारदर्शी बनाने हेतु अपने प्रचार-प्रसार व्यवस्था को दूरूस्त करें, जिससे किसानों को रासायनिक खाद की उपलब्धता के संबंध में जानकारी सुलभता से मिल सके। साथ ही जिले में उपलब्ध रासायनिक खाद को जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की निगरानी में बिना किसी टेकिंग के सरकारी/एमआरपी दर पर किसानों के बीच विक्रय एवं विपणन की व्यवस्था की जाए। इसी प्रकार जिले के किसानों को प्रचार-प्रसार माध्यमों से सतत जानकारी देते रहे कि रैक पॉइंट से किस संस्था या दुकान अथवा डिस्ट्रीब्यूटर के पास कितना रासायनिक खाद पहुंचा है ताकि किसान उस एजेंसी से अपनी आवश्यकतानुसार सरकारी दर पर बिना टेकिंग के प्राप्त कर सके। बावजूद इसके जिम्मेदार अफसर विधायक के सुझाव को दरकिनार करने में लगे हुए है।
वर्जन-
दो बार आई थी खाद, खत्म हुई
जिले में हाल ही में दो बार खाद की रैक आई थी, लेकिन वह माल बंट गया। अब तीसरी रैक 3 अगस्त को आएगी। इसके बाद किसानों को कोई परेशानी नहीं आएगी। इससे पहले आई रैकों को भी जगह जगह भेजकर खाद की समस्या को कम किया गया था।
– एमएस देवके, उप संचालक कृषि बुरहानपुर