Homeबुरहानपुरजनसुनवाई: विभागीय भ्रष्टाचार से टूटे दिव्यांग कर्मचारी...

जनसुनवाई: विभागीय भ्रष्टाचार से टूटे दिव्यांग कर्मचारी ने खुद पर पेट्रोल छिड़का, आत्मदाह की कोशिश

'मैं अंधा हूं... लेकिन सिस्टम की गड़बड़ी साफ दिखती है... पर कोई सुनता नहीं...'

बुरहानपुर। जिला पंचायत सभागृह में मंगलवार की जनसुनवाई उस वक्त थम गई जब एक नेत्रहीन दिव्यांग कर्मचारी ने अचानक अपने बैग से पेट्रोल की बोतल निकाली और खुद पर उड़ेल ली। पूरे सभागृह में हड़कंप मच गया। अधिकारी कुछ समझ पाते उससे पहले ही उसने माचिस निकालने की कोशिश की, लेकिन समय रहते उसके साथ आए व्यक्ति और मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया।
Sadaiv Newsकई मिनट तक सभागृह में सन्नाटा पसरा रहा। लोग स्तब्ध थे। अधिकारियों की आंखों में भी डर झलक रहा था—कहीं प्रशासन की लापरवाही एक जीवन की कीमत न बन जाए।
फर्जी नियुक्तियों से टूटा भरोसा, मांगी न्याय की रिपोर्ट
नेत्रहीन कर्मचारी सामाजिक न्याय विभाग के जिला पुनर्वास केंद्र में मोबिलिटी इंस्ट्रक्टर के पद पर कार्यरत है। उसने कलेक्टर के नाम दिए आवेदन में सनसनीखेज आरोप लगाए हैं—
• विभाग में सीनियर साइकोलॉजिस्ट, प्रशासनिक अधिकारी जैसे पदों पर फर्जी तरीके से नियुक्तियां की गईं।
• अप्रैल में शिकायत के बाद जांच समिति बनी, लेकिन अब तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।
• आरोप उठाने के बाद उसे कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया और “अशोभनीय आचरण” का आरोप लगा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
उसका कहना है, “सत्य बोलने की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी तो भी मंजूर है। मैं न्याय चाहता हूं।”
डिप्टी कलेक्टर ने रोका, समझाइश में बीते 20 मिनट
घटना के बाद डिप्टी कलेक्टर पल्लवी पुराणिक ने तत्काल मोर्चा संभाला। उन्होंने दिव्यांग कर्मचारी से लंबी बातचीत की। उन्होंने कहा, “मैं समझती हूं कि आपने बहुत सहा है, लेकिन यह रास्ता गलत है। जांच जारी है, हमें प्रक्रिया का सम्मान करना होगा।”
उपसंचालक का पलटवार—‘ये सब स्क्रिप्टेड ड्रामा है’
सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक दुर्गेश दुबे ने इन सभी आरोपों को नकारते हुए बयान दिया— “ये पूरी घटना पूर्वनियोजित है। तीन लोगों का गिरोह दिव्यांग कर्मचारी के कंधे पर बंदूक रखकर विभाग को बदनाम कर रहा है। अकेला आदमी इतने डॉक्युमेंट्स और ड्रामा नहीं कर सकता। इसके पीछे खंडवा और बालाघाट के कुछ लोग हैं।” उनकी इस टिप्पणी ने मामले को और गरमा दिया है।
एक और कर्मचारी ने लगाए गंभीर आरोप
जनसुनवाई के दौरान एक अन्य कर्मचारी ने भी उपसंचालक दुर्गेश दुबे पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि विभाग में शिकायतकर्ता कर्मचारियों को प्रताड़ित करने की सुनियोजित रणनीति चलाई जा रही है।
कार्रवाई होगी, जांच में कोई कोताही नहीं
एडीएम वीर सिंह चौहान ने कहा, कर्मचारी ने पूर्व में आवेदन देकर शिकायत की थी। आज जनसुनवाई के दौरान उसने खुद पर पेट्रोल छिड़का। हमने उसे बचाया। अब जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
अब सवाल उठता है…
• क्या फर्जी नियुक्तियों की जांच की रिपोर्ट सामने लाई जाएगी?
• क्या प्रशासन उन अफसरों को बचा रहा है जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं?
• क्या दिव्यांग कर्मचारियों की आवाज को इसी तरह दबाया जाएगा?

spot_img
spot_img
spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles