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शिकायतकर्ता नितेश वर्मा ने जनसुनवाई में उठाई थी आवाज़
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क्लिनिक पर रोक नहीं, अवैध क्लीनिकों की फेहरिस्त पर फिर उठे सवाल
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मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़, बोतल चढ़ाने तक का आरोप
बुरहानपुर। नेपानगर के गोल चौराहे पर संचालित सेवा क्लीनिक पर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मार जांच की। क्लिनिक में चार बेड और दवाइयाँ मिलीं, लेकिन सीएमएचओ की अनुमति नहीं थी। जांच अधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने मौके पर पंचनामा बनाया और अब रिपोर्ट कलेक्टर हर्ष सिंह को सौंपी जाएगी।
जनसुनवाई में नितेश वर्मा ने शिकायत की थी कि डॉ. गौरव श्रीमाली अवैध रूप से क्लीनिक चला रहे हैं। उनके पास बीएएमएस डिग्री है, लेकिन वह एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का इलाज कर रहे हैं। शिकायत में यह भी कहा गया कि मरीजों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जांच के दौरान टीम को क्लीनिक में एलोपैथी दवाएँ और उपकरण भी मिले।
क्लीनिक पर रोक नहीं, सवाल और बढ़े
कार्रवाई के बाद भी सेवा क्लीनिक के संचालन पर रोक नहीं लगाई गई है। इससे लोगों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या कार्रवाई केवल दिखावा है? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर में ऐसे 10 से अधिक निजी क्लीनिक चल रहे हैं जिनके पास न अनुमति है और न डिग्री। पहले भी शिकायतें हुईं, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागज़ों तक ही सीमित रही।
इलाज के नाम पर खतरा
नेपानगर के कई क्लीनिकों में तो मरीजों को बोतल तक चढ़ाई जा रही है, जबकि इलाज के दौरान गंभीर परिणाम सामने आ चुके हैं। लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई से फर्जी क्लीनिक संचालक बेलगाम हो गए हैं। सोमवार की कार्रवाई के बाद अब लोगों ने सवाल उठाया कि क्या अन्य क्लीनिकों की भी जांच होगी या यह मामला भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?
क्या कहते हैं जांच अधिकारी?
जांच अधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने कहा– जनसुनवाई में शिकायत मिलने के बाद टीम ने जांच की। सेवा क्लीनिक पर बिना अनुमति संचालन और एलोपैथिक उपकरण मिलने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी जा रही है, आगे की कार्रवाई प्रशासन करेगा।
निजी क्लीनिकों की हकीकत उजागर
सेवा क्लीनिक पर हुई कार्रवाई ने नेपानगर के निजी क्लीनिकों की हकीकत उजागर कर दी है। जनता चाहती है कि अब सिर्फ एक क्लीनिक तक सीमित न रहकर सभी फर्जी क्लीनिकों पर सख्ती की जाए। सवाल यह है कि प्रशासन वास्तव में कड़ाई करेगा या फिर यह मामला भी सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह जाएगा।