बुरहानपुर। भगवान श्रीराम की पदार्पित भूमि बुरहानपुर और आसपास के पौराणिक स्थलों को अब देश-दुनिया जान सकेगी। केंद्र सरकार ने इन्हें श्रीराम वन गमन पथ योजना में शामिल करने की अनुशंसा स्वीकार कर ली है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि बुरहानपुर के प्रख्यात ज्योतिषाचार्य, भागवत भूषण पं.पु. लोकेश शुक्ल के अथक प्रयासों का परिणाम है।
पं. लोकेश शुक्ल ने वर्षों से ग्रंथों का अध्ययन कर और स्थलों का निरिक्षण कर प्रमाण जुटाए। इन साक्ष्यों को खरगोन निवासी दिलीप करपे के माध्यम से भारत सरकार की टीम के प्रमुख डॉ. रामावतार शर्मा को सौंपा गया। डॉ. शर्मा ने सूक्ष्मता से अवलोकन कर बुरहानपुर और आसपास के स्थलों को दार्शनिक एवं पौराणिक धरोहर के रूप में मान्यता देने का निर्णय लिया।
दिल्ली से होगी श्रीराम पुण्य शोध यात्रा की शुरुआत
इस परिप्रेक्ष्य में 21 अगस्त 2025 (गुरुवार) को नई दिल्ली स्थित कनॉट प्लेस के श्रीहनुमान मंदिर से श्रीराम पुण्य शोध यात्रा का शुभारंभ हुआ। इस यात्रा का नेतृत्व डॉ. रामावतार शर्मा कर रहे। उनके साथ शोध सहयोगी लालसिंह और रजनीश चौहान भी है।
बुरहानपुर प्रवास और स्थलों का अवलोकन
यात्रा दल का दो दिवसीय प्रवास बुरहानपुर (ब्रघ्नपुर) में भी होगा। यहां समिति द्वारा संकलित प्रमाणों का अवलोकन किया जाएगा। श्रीराम कथा सप्ताह यज्ञ समिति लंबे समय से बुरहानपुर और जिले के पौराणिक स्थलों को वन गमन पथ से जोड़ने हेतु प्रयासरत है।
इन स्थलों में नावठा, सीता नहानी, सीता गुफा, राम झरोखा धाम, मोहना संगम तीर्थ शामिल हैं। इन स्थलों से जुड़े साक्ष्य और ग्रंथों का संकलन समिति ने सरकार तक पहुँचाया था। समिति के प्रयासों से ही आज बुरहानपुर का नाम श्रीराम वन गमन पथ शोध यात्रा में जुड़ गया है। श्रीराम कथा सप्ताह यज्ञ समिति के सभी सदस्य हार्दिक अभिनंदन के पात्र हैं।
देशभर के स्थलों का होगा गहन शोध
यह यात्रा उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ स्थित भगवान श्रीराम के पदचिह्नों से जुड़े स्थलों पर शोध करेगी। यात्रा का संचालन श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान न्यास के प्रबंध न्यासी डॉ. रामावतार शर्मा के नेतृत्व में होगा। उक्त जानकारी समिति सदस्य महेंद्र जैन ने दी।